{"_id":"59caa4c04f1c1bf3538b49a8","slug":"201506452672-fatehabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"राकेश को बचाने के लिए गंभीर हुए नप प्रधान, नौ पार्षदों के साथ की गुप्त बैठक, नहीं माने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राकेश को बचाने के लिए गंभीर हुए नप प्रधान, नौ पार्षदों के साथ की गुप्त बैठक, नहीं माने
Updated Wed, 27 Sep 2017 12:34 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राकेश को बचाने के लिए गंभीर हुए नप प्रधान, नौ पार्षदों के साथ की गुप्त बैठक, नहीं माने
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
नगर परिषद पार्षदों को खरीदने का मामला उठने और इसमें नप प्रधान दर्शन नागपाल का नाम उछलने के बाद अब डैमेज कंट्रोल की कोशिशें शुरू हो गई हैं। इसी कड़ी में नगर परिषद प्रधान दर्शन नागपाल ने सोमवार शाम को एससी-बीसी पार्षदों के साथ बैठक की। हालांकि, पार्षद अभी इस मुद्दे पर खुलकर बोलने से अभी बच रहे हैं, लेकिन सूत्रों की मानें तो नप प्रधान के चुनाव के समय पार्षदों की कथित खरीद-फरोख्त ही इस बैठक का मुख्य मुद्दा थी। हालांकि ‘अमर उजाला’ से बातचीत में नगर परिषद अध्यक्ष दर्शन नागपाल ने ऐसी किसी भी बैठक में शिरकत से इंकार किया है। दूसरी ओर असंतुष्ट पार्षदों का नेतृत्व कर रहे पार्षद राजेश जांगड़ा ने दावा किया कि नौ पार्षदों में से किसी भी पार्षद से पूछा जा सकता है कि नप अध्यक्ष दर्शन नागपाल सोमवार शाम को लगभग तीन घंटे तक उनके साथ बैठक में थे।
दरअसल बीते दिन एससी-बीसी पार्षदों ने बैठक कर कथित ऑडियो में शामिल रहे राकेश गंभीर पर आरोप लगाते हुए माफी की मांग की थी। माना जा रहा है कि पार्षद राकेश गंभीर को बचाने के लिए ही नप अध्यक्ष नाराज पार्षदों से मिलने पहुंचे थे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, वार्ड नंबर-7 के पार्षद गुरचरण के निवास पर पहले एससी-बीसी पार्षदों की बैठक हुई। इसके बाद सोमवार शाम को छह बजे के करीब नप अध्यक्ष दर्शन नागपाल बैठक में पहुंचे। सभी के बीच लगभग तीन घंटे तक एक बंद कमरे में बातचीत चली। रात को सवा नौ बजे दर्शन नागपाल पार्षद गुरचरण के घर से निकले। हालांकि, तीन घंटे की इस मीटिंग में क्या बातचीत हुई, इस बारे में पार्षद और नप अध्यक्ष खुलकर कुछ नहीं बोल रहे। लेकिन, सूत्रों की मानें तो इस बैठक में असंतुष्ट एससी-बीसी पार्षदों ने पार्षद राकेश गंभीर के कथित कॉल रिकॉर्ड पर नाराजगी जताने के साथ ही प्रधान पर गंभीर के विरुद्ध कार्रवाई के लिए दबाव भी बनाया है। दूसरी ओर नप अध्यक्ष नागपाल के इस मामले में गंभीर का बचाव करने की सूचना है। लेकिन, नाराज चल रहे एससी-बीसी पार्षदों पर नागपाल की मान-मनौव्वल का कोई असर नहीं हुआ। दस पर नागपाल ने ये कहकर बात खत्म कर दी कि उन्हें जैसा ठीक लगता है, वो वैसा करें। नगर परिषद के किसी कर्मचारी के संबंध में भी कुछ पार्षदों ने नप अध्यक्ष के सामने बातें रखी हैं।
डॉ. रणजीत और राजेश जांगड़ा कर रहे असंतुष्टों की अगुवाई
पार्षद राकेश गंभीर का कथित ऑडियो सामने आने के बाद से एससी-बीसी पार्षद नाराज चल रहे हैं। इन नाराज पार्षदों की अगुवाई पार्षद प्रतिनिधि डॉ. रणजीत और राजेश जांगड़ा कर रहे हैं। इनके साथ पार्षद राज कुमार सैनी, रविंद्र कौर, रानी देवी, अर्जुन सिंह, गुरचरण दास, नप उपाध्यक्ष सुनीता रत्ति सहित कुल नौ पार्षद हैं। यदि नप अध्यक्ष इनको मनाने में कामयाब नहीं होते तो पहले से ही प्रधान दर्शन नागपाल के खिलाफ मोर्चा खोलकर बैठे पार्षद वजीर जाखड़, महेश मक्कड़, नेहा मित्तल, वीरेंद्र एडवोकेट, श्वेता बाघला टुटेजा, विनय शर्मा आदि इन असंतुष्ट पार्षदों के साथ मिलकर नगर परिषद में बड़ा ‘खेल’ भी र सकते हैं। ऐसा करने के लिए आवश्यक ‘नंबर’ फिलहाल उनके पक्ष में हैं।
विज्ञापन
पार्षद राकेश गंभीर ने कथित ऑडियो में हम सब पार्षदों पर पैसे लेकर प्रधान चुनने का आरोप लगाया है। ये आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद है। यदि पार्षद गंभीर ने माफी नहीं मानी तो हम उनके खिलाफ कानूनी कार्रवार्ठ करने के लिए तैयार हैं। बीती शाम पार्षद गुरचरण के घर पर नप अध्यक्ष नागपाल के साथ हमारी बैठक हुई है। उन्हें भी साफ कह दिया है कि गंभीर ने यदि सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी तो अगले एक-दो दिन में लीगल नोटिस भेजेंगे।
राजेश जांगड़ा, पार्षद, नगर परिषद, फतेहाबाद ।
मैं सोमवार को किसी भी पार्षद के साथ बैठक में नहीं था और न ही किसी पार्षद से मैंने कोई बातचीत की है।’
दर्शन नागपाल, नगर परिषद अध्यक्ष, फतेहाबाद ।
विज्ञापन
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
नगर परिषद पार्षदों को खरीदने का मामला उठने और इसमें नप प्रधान दर्शन नागपाल का नाम उछलने के बाद अब डैमेज कंट्रोल की कोशिशें शुरू हो गई हैं। इसी कड़ी में नगर परिषद प्रधान दर्शन नागपाल ने सोमवार शाम को एससी-बीसी पार्षदों के साथ बैठक की। हालांकि, पार्षद अभी इस मुद्दे पर खुलकर बोलने से अभी बच रहे हैं, लेकिन सूत्रों की मानें तो नप प्रधान के चुनाव के समय पार्षदों की कथित खरीद-फरोख्त ही इस बैठक का मुख्य मुद्दा थी। हालांकि ‘अमर उजाला’ से बातचीत में नगर परिषद अध्यक्ष दर्शन नागपाल ने ऐसी किसी भी बैठक में शिरकत से इंकार किया है। दूसरी ओर असंतुष्ट पार्षदों का नेतृत्व कर रहे पार्षद राजेश जांगड़ा ने दावा किया कि नौ पार्षदों में से किसी भी पार्षद से पूछा जा सकता है कि नप अध्यक्ष दर्शन नागपाल सोमवार शाम को लगभग तीन घंटे तक उनके साथ बैठक में थे।
दरअसल बीते दिन एससी-बीसी पार्षदों ने बैठक कर कथित ऑडियो में शामिल रहे राकेश गंभीर पर आरोप लगाते हुए माफी की मांग की थी। माना जा रहा है कि पार्षद राकेश गंभीर को बचाने के लिए ही नप अध्यक्ष नाराज पार्षदों से मिलने पहुंचे थे। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, वार्ड नंबर-7 के पार्षद गुरचरण के निवास पर पहले एससी-बीसी पार्षदों की बैठक हुई। इसके बाद सोमवार शाम को छह बजे के करीब नप अध्यक्ष दर्शन नागपाल बैठक में पहुंचे। सभी के बीच लगभग तीन घंटे तक एक बंद कमरे में बातचीत चली। रात को सवा नौ बजे दर्शन नागपाल पार्षद गुरचरण के घर से निकले। हालांकि, तीन घंटे की इस मीटिंग में क्या बातचीत हुई, इस बारे में पार्षद और नप अध्यक्ष खुलकर कुछ नहीं बोल रहे। लेकिन, सूत्रों की मानें तो इस बैठक में असंतुष्ट एससी-बीसी पार्षदों ने पार्षद राकेश गंभीर के कथित कॉल रिकॉर्ड पर नाराजगी जताने के साथ ही प्रधान पर गंभीर के विरुद्ध कार्रवाई के लिए दबाव भी बनाया है। दूसरी ओर नप अध्यक्ष नागपाल के इस मामले में गंभीर का बचाव करने की सूचना है। लेकिन, नाराज चल रहे एससी-बीसी पार्षदों पर नागपाल की मान-मनौव्वल का कोई असर नहीं हुआ। दस पर नागपाल ने ये कहकर बात खत्म कर दी कि उन्हें जैसा ठीक लगता है, वो वैसा करें। नगर परिषद के किसी कर्मचारी के संबंध में भी कुछ पार्षदों ने नप अध्यक्ष के सामने बातें रखी हैं।
विज्ञापन
डॉ. रणजीत और राजेश जांगड़ा कर रहे असंतुष्टों की अगुवाई
पार्षद राकेश गंभीर का कथित ऑडियो सामने आने के बाद से एससी-बीसी पार्षद नाराज चल रहे हैं। इन नाराज पार्षदों की अगुवाई पार्षद प्रतिनिधि डॉ. रणजीत और राजेश जांगड़ा कर रहे हैं। इनके साथ पार्षद राज कुमार सैनी, रविंद्र कौर, रानी देवी, अर्जुन सिंह, गुरचरण दास, नप उपाध्यक्ष सुनीता रत्ति सहित कुल नौ पार्षद हैं। यदि नप अध्यक्ष इनको मनाने में कामयाब नहीं होते तो पहले से ही प्रधान दर्शन नागपाल के खिलाफ मोर्चा खोलकर बैठे पार्षद वजीर जाखड़, महेश मक्कड़, नेहा मित्तल, वीरेंद्र एडवोकेट, श्वेता बाघला टुटेजा, विनय शर्मा आदि इन असंतुष्ट पार्षदों के साथ मिलकर नगर परिषद में बड़ा ‘खेल’ भी र सकते हैं। ऐसा करने के लिए आवश्यक ‘नंबर’ फिलहाल उनके पक्ष में हैं।
विज्ञापन
पार्षद राकेश गंभीर ने कथित ऑडियो में हम सब पार्षदों पर पैसे लेकर प्रधान चुनने का आरोप लगाया है। ये आरोप पूरी तरह से बेबुनियाद है। यदि पार्षद गंभीर ने माफी नहीं मानी तो हम उनके खिलाफ कानूनी कार्रवार्ठ करने के लिए तैयार हैं। बीती शाम पार्षद गुरचरण के घर पर नप अध्यक्ष नागपाल के साथ हमारी बैठक हुई है। उन्हें भी साफ कह दिया है कि गंभीर ने यदि सार्वजनिक रूप से माफी नहीं मांगी तो अगले एक-दो दिन में लीगल नोटिस भेजेंगे।
राजेश जांगड़ा, पार्षद, नगर परिषद, फतेहाबाद ।
मैं सोमवार को किसी भी पार्षद के साथ बैठक में नहीं था और न ही किसी पार्षद से मैंने कोई बातचीत की है।’
दर्शन नागपाल, नगर परिषद अध्यक्ष, फतेहाबाद ।