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एक दर्जन स्कूलों में नहीं पहुंचा मिड-डे मील का राशन, उधार से आएगा नौनिहालों का निवाला

Sun, 26 Nov 2017 01:58 AM IST
Updated Sun, 26 Nov 2017 01:58 AM IST
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एक दर्जन स्कूलों में नहीं पहुंचा मिड-डे मील का राशन, उधार से आएगा नौनिहालों का निवाला
अमित रूखाया
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फतेहाबाद।
मिड-डे मील को लेकर शिक्षा विभाग की लापरवाहियां नौनिहालों पर भारी पड़ रही हैं। फतेहाबाद ब्लॉक के लगभग 10 से 12 स्कूलों में पिछले कई माह से राशन ही नहीं पहुंचा है जिसके चलते इन स्कूलों के प्रबंधकों को मजबूरन उधार में राशन लेकर आना पड़ रहा है ताकि बच्चों को दोपहर में मिड-डे मील दिय जा सके। हैरत इस बात की है कि शिक्षा विभाग के अधिकारियों को इस बारे में पता ही नहीं है जबकि खंड शिक्षा विभाग में ही कई स्कूलों ने राशन ना पहुंचने की औपचारिक शिकायत दी हुई है। 'अमर उजाला’ द्वारा जब इस मुद्दे पर खंड शिक्षा अधिकारी कुलदीप सिहाग से बात की गई तो उन्होंने सोमवार को इस संदर्भ में स्कूलों से बात कर जल्द राशन भिजवाने की बात कही।
कहीं तीन माह तो शहीदांवाली में एक साल से राशन नहीं
मिड-डे मील को लेकर हमेशा सजग रहने का दावा करने वाली सरकार के अफसर अभी तक ये नहीं जान सके हैं कि जिले के तकरीबन 10 से 12 स्कूल ऐसे हैं जिनमें पिछले कई महीनों से राशन ही नहीं पहुंचा है। ऐसे स्कूलों में स्वामी नगर, तामसपुरा, शहीदांवाली, चनकोठी, मुसेअहली आदि स्कूल शामिल हैं। स्वामीनगर में पिछले तीन माह से राशन नहीं है। तामसपुरा स्कूल में जुलाई माह के बाद से राशन नहीं पहुंचा है। गांव शहीदांवाली स्कूल के हालात तो सबसे ज्यादा खराब हैं। इस स्कूल में पिछले एक साल से राशन की दिक्कत है। कमोबेश यही परेशानियां लगभग सभी स्कूलों में है।
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डिमांड लैटर ही गायब हो गए बीईओ दफ्तर से, हैफेड के पास नहीं पहुंचा नाम
सब्जियां, मसाले आदि तो स्कूल स्तर पर खरीदे जाते हैं लेकिन चावल और गेहूं सरकार की ओर से हैफेड के मार्फत भेजे जाते हैं। नियमित प्रक्रिया के तहत ब्लॉक स्तर पर सभी स्कूल बीईओ दफ्तर में अपने स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या के हिसाब से चावल और गेहूं की डिमांड भेजते हैं। वैरिफिकेशन के बाद बीईओ दफ्तर की ओर से स्कूलों की एक लिस्ट हैफेड कार्यालय को भेजी जाती है। जिसके बाद लिस्ट के अनुसार ही हैफेड सीधा स्कूलों में राशन भिजवाता है। लेकिन इस बार कई स्कूलों के डिमांड लैटर ही बीईओ दफ्तर से गायब हो गए जिसके चलते हैफेड के पास भेजी गई लिस्ट में स्कूलों का नाम नहीं था और इसके चलते इन प्राइमरी स्कूलों में राशन की आपूर्ति नहीं की गई। स्वामी नगर प्राइमरी स्कूल ने इस संदर्भ में बकायदा लिखित में बीईओ कार्यालय को भी दिया हुआ है।
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कहीं दुकान से उधार राशन तो कहीं दूसरे स्कूल से पड़ता है मंगवाना
स्कूलों में मिड-डे मील का राशन ना आने के चलते फिलहाल इन स्कूलों के मुखियाओं को बहुत मुश्किल से काम चलाना पड़ रहा है। स्वामी नगर और तामसपुरा स्कूल फतेहाबाद से एक राशन की दुकान से उधार पर सामान ले रहे हैं तो शहीदांवाली में इधर-उधर के स्कूलों से काम चलाया जा रहा है। कई स्कूलों में खुद स्टाफ को अपनी जेब से राशन का जुगाड़ करना पड़ रहा है।

बच्चों को ये मिलता है मिड-डे मील के राशन में
पहली से पांचवी कक्षा
1. खीर
2. सब्जी पुलाव
3. दलिया
4. मीठा पूड़ा
छठी से आठवीं कक्षा
1. खीर
2. मिस्सी रोटी-सब्जी
3. हलवा-काले चने
4. रोटी और दाल-घिया
5. मीठा दलिया
6. सोया पूरी-सब्जी

'विभाग इस मामले में लगातार ढीला रवैया अपना रहा है। ऐसा कैसे बच्चों को नियमित रूप से दोपहर का भोजन मिल सकेगा। विभाग को इस मामले में तुरंत कार्यवाही करते हुए राशन जारी करवाना चाहिए।’

विकास टुटेजा, जिलाध्यक्ष, राजकीय प्राथमिक शिक्षक संगठन

'मेरे संज्ञान में नहीं था कि कुछ स्कूलों में राशन नहीं है। इस संदर्भ में सोमवार को स्कूलों से पूछा जाएगा और प्रयत्न किया जाएगा कि स्कूलों में मिड-डे मील का राशन जल्द से जल्द पहुंचाया जाए।’
कुलदीप सिहाग, खंड शिक्षा अधिकारी, फतेहाबाद।

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