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शुगर मिल के बंद होने से गन्ना उत्पादक किसान अपनी फसल बेचने के लिए भटक रहे हैं-अजय महता
Updated Fri, 29 Dec 2017 01:02 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
भूना।
सरकार ने किसानों के हित के लिए शुगर मिल चलाई तो इसका लाभ गन्ना उत्पादकों को मिलेगा और सरकार की नीतियों से लाभान्वित होगा। ये बातें जिला परिषद सदस्य अजय महता ने वीरवार को शुगर मिल चलाओ, किसान बचाओ संघर्ष समिति के तत्वाधान में आयोजित अनिश्चितकालीन धरने के 11वें दिन किसानों को संबोधित करते हुए कही। धरने की अध्यक्षता ढाणी गोपाल के सेवानिवृत्त अध्यापक रामकुमार शर्मा ने की, जबकि संचालन कामरेड कृष्ण स्वरूप गोरखपुरिया ने किया। आम आदमी पार्टी व रिटायर्ड अध्यापक संघ ने भी किसानों के धरने पर पहुंचकर समर्थन किया।
महता ने कहा कि शुगर मिल के बंद होने से गन्ना उत्पादक किसान अपनी फसल बेचने के लिए भटक रहे हैं। अगर भूना का शुगर मिल चलता है तो करीब 50 हजार एकड़ में गन्ना की बिजाई हो सकती है, इससे भूजल के गिरते स्तर को भी बचाया जा सकता है।
धरने पर आम आदमी पार्टी के अंगद ढिंगसरा ने कहा कि भाजपा सरकार किसान व मजदूर विरोधी फैसले ले रही हैं, इसलिए उपरोक्त दोनों वर्ग सरकार से परेशान हैं। उन्होंने कहा कि शुगर मिल न चलने से किसान गन्ने की फसल बेचने के लिए दर-दर भटक रहे हैं, जबकि मजदूर बेरोजागारी की मार झेल रहा है। इस अवसर पर रिटायर्ड अध्यापक संघ के प्रधान गुरप्रीत सिंह नैन, आम आदमी पार्टी के कल्याण सिंह, लक्ष्मण गर्ग, चांदी राम कड़वासरा, बलबीर सिंह दहिया, राम नारायण बिश्नोई, राजबीर सोनी, तेलू राम धारसूल, मोहन सिंह सरपंच दिवाना, विनोद कुमार सरपंच टिब्बी, ओम प्रकाश कैमरी, सरदार करनैल सिंह प्रधान, जिले सिंह जाखड़, हंसराज सिवाच, मनजीत सिंह नथवान, अजय कुमार एडवोकेट, कृष्ण कुमार धारनियां आदि भी मौजूद थे।
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भूना।
सरकार ने किसानों के हित के लिए शुगर मिल चलाई तो इसका लाभ गन्ना उत्पादकों को मिलेगा और सरकार की नीतियों से लाभान्वित होगा। ये बातें जिला परिषद सदस्य अजय महता ने वीरवार को शुगर मिल चलाओ, किसान बचाओ संघर्ष समिति के तत्वाधान में आयोजित अनिश्चितकालीन धरने के 11वें दिन किसानों को संबोधित करते हुए कही। धरने की अध्यक्षता ढाणी गोपाल के सेवानिवृत्त अध्यापक रामकुमार शर्मा ने की, जबकि संचालन कामरेड कृष्ण स्वरूप गोरखपुरिया ने किया। आम आदमी पार्टी व रिटायर्ड अध्यापक संघ ने भी किसानों के धरने पर पहुंचकर समर्थन किया।
महता ने कहा कि शुगर मिल के बंद होने से गन्ना उत्पादक किसान अपनी फसल बेचने के लिए भटक रहे हैं। अगर भूना का शुगर मिल चलता है तो करीब 50 हजार एकड़ में गन्ना की बिजाई हो सकती है, इससे भूजल के गिरते स्तर को भी बचाया जा सकता है।
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धरने पर आम आदमी पार्टी के अंगद ढिंगसरा ने कहा कि भाजपा सरकार किसान व मजदूर विरोधी फैसले ले रही हैं, इसलिए उपरोक्त दोनों वर्ग सरकार से परेशान हैं। उन्होंने कहा कि शुगर मिल न चलने से किसान गन्ने की फसल बेचने के लिए दर-दर भटक रहे हैं, जबकि मजदूर बेरोजागारी की मार झेल रहा है। इस अवसर पर रिटायर्ड अध्यापक संघ के प्रधान गुरप्रीत सिंह नैन, आम आदमी पार्टी के कल्याण सिंह, लक्ष्मण गर्ग, चांदी राम कड़वासरा, बलबीर सिंह दहिया, राम नारायण बिश्नोई, राजबीर सोनी, तेलू राम धारसूल, मोहन सिंह सरपंच दिवाना, विनोद कुमार सरपंच टिब्बी, ओम प्रकाश कैमरी, सरदार करनैल सिंह प्रधान, जिले सिंह जाखड़, हंसराज सिवाच, मनजीत सिंह नथवान, अजय कुमार एडवोकेट, कृष्ण कुमार धारनियां आदि भी मौजूद थे।
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