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जिनकी दुकानें मार्केट कमेटी ने हटवाई, उन्होंने सचिव व कर्मचारियों पर लगाए रिश्चत के आरोप, जारी किए वीडियो
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। बीते मंगलवार को बस स्टैंड के सामने स्थित धर्मकांटे की जगह पर चाय और अंडे आदि की दुकानों को मार्केट कमेटी प्रशासन द्वारा हटाने के मामले में वीरवार को एक नया मोड़ आ गया। मंगलवार को मार्केट कमेटी प्रशासन ने जिन दुकानों को वहां से हटवाया था, उन दुकानों के मालिकों ने वीरवार को डीसी दफ्तर में पेश होकर मार्केट कमेटी सचिव व कर्मचारियों पर गंभीर आरोप जड़े। इन दुकानदारों ने डीसी को भेजी शिकायत में मार्केट कमेटी सचिव और कर्मचारियों पर प्रति माह किराया वसूलने व धर्मकांटे के साथ बने कृषि केंद्र से बिजली कनेक्शन देने का भी आरोप लगाया।
दुकानदारों का आरोप है कि मार्केट कमेटी सचिव संजीव सचदेवा व उनके कर्मचारियों ने यहां का किराया चार गुणा कर दिया जिसे देने से उन्होंने इनकार किया तो मार्केट कमेटी प्रशासन ने उनकी दुकानें हटवाकर वहां पर रातोंरात दीवार बना दी। इतना ही नहीं, शिकायतकर्ताओं ने इस मामले में एक वीडियो भी साक्ष्य के रूप में दिया है जिसमें मार्केट कमेटी के कुछ कर्मचारी दुकानदारों से पैसे लेते दिख रहे हैं। हालांकि अमर उजाला इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। उधर, मार्केट कमेटी सचिव संजीव सचदेवा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
डीसी को शिकायत सौंपने वाले दुकानदारों में शामिल नारायण सिंह, प्रकाश, फकीर चंद, खुशी राम, मंगतराम, सुरेश कुमार, रमेश कुमार, ओमप्रकाश, भूपेंद्र शर्मा आदि ने बताया कि धर्मकांटे के साथ लगती जगह पर उनकी कन्फेक्शनरी, चाय, सर्फ-साबुन एवं अंडे की दुकानें पिछले कई सालों से बदस्तूर चलती आ रही थी। दुकानदारों का आरोप है कि इस संदर्भ में उन्होंने पिछले कई सालों से लगातार प्रति माह मार्केट कमेटी कार्यालय में कर्मचारी राजू जाखड़ आदि को एक हजार रुपये प्रति माह किराया जमा करवाया, लेकिन उन्होंने कभी रसीद नहीं दी। इतना ही नहीं, दुकानदारों का यहां तक आरोप है कि पास में बने किसान केंद्र से इन सात-आठ दुकानों को बाकायदा बिजली कनेक्शन भी दे रखा था। इसके लिए सब मीटर लगाया गया था, जिसका बिल भी वो मार्केट कमेटी सचिव संजीव सचदेवा या राजू जाखड़ कर्मचारी को देते थे। दुकानदारों का आरोप है कि कुछ दिन पहले मार्केट कमेटी सचिव ने दुकानदारों को बुलाया और कहा कि अब से उनका किराया चार हजार रुपये प्रति माह होगा। जब उन्होंने इसका विरोध किया और देने से इंकार कर दिया तो सचिव संजीव सचदेवा ने 19 फरवरी को जेसीबी की मदद से उनकी दुकानें हटवा दी। इस दौरान उनका कुछ सामान रह गया था, जिसे कमेटी ने जब्त कर लिया और आज तक नहीं लौटाया।
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ये था मामला
बस स्टैंड के सामने स्थित धर्मकांटे की जगह पर कुछ लोगों ने अवैध रूप से चाय व अंडों की दुकानें 19 फरवरी को मार्केट कमेटी प्रशासन ने गिरवा दी क्योंकि ये जगह धर्मकांटे के लिए आरक्षित थी और परमजीत बैनीवाल को धर्मकांटा चलाने के लिए ठेके पर दी गई थी। मार्केट कमेटी सचिव का कहना था कि उन्होंने कई बार नोटिस भेजकर इन दुकान मालिकों को ये जगह खाली करने के लिए कहा। लेकिन दुकान मालिकों ने जगह खाली नहीं की। जिसके बाद उपायुक्त कार्यालय के संज्ञान में लाकर कार्रवाई के लिए परमिशन मांगी। इस पर उन्होंने ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में नायब तहसीलदार रामनिवास एवं बस स्टैंड चौकी प्रभारी कुलदीप सिंह को टीम में मौके पर भेजा था और जेसीबी की मदद से इससे पहले कि कब्जा हटाने से पहले ही संबंधित दुकानदारों ने दो घंटे में सामान उठाने की बात कही और उन्होंने खुद सामान हटा लिया। जो सामान उन्होंने नहीं हटाया, उसे कर्मचारियों की मदद से हटाकर जब्त कर लिया गया था।
वर्जन
मैंने आज तक इन दुकानदारों से एक पैसा तक नहीं लिया। अपनी दुकानदारी दोबारा शुरू करने के लिए ये लोग दबाव डालना चाहते हैं, इसलिए ऐसे आरोप लगा रहे हैं। इनकी धमकी से डरूंगा नहीं, किसी भी जांच के लिए तैयार हूं। जो वीडियो दिखाया जा रहा है, वो चार साल पुराना है और इसमें धर्मकांटे के किराए के पैसे दिए गए थे।
- संजीव सचदेवा, सचिव, मार्केट कमेटी फतेहाबाद।
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फतेहाबाद। बीते मंगलवार को बस स्टैंड के सामने स्थित धर्मकांटे की जगह पर चाय और अंडे आदि की दुकानों को मार्केट कमेटी प्रशासन द्वारा हटाने के मामले में वीरवार को एक नया मोड़ आ गया। मंगलवार को मार्केट कमेटी प्रशासन ने जिन दुकानों को वहां से हटवाया था, उन दुकानों के मालिकों ने वीरवार को डीसी दफ्तर में पेश होकर मार्केट कमेटी सचिव व कर्मचारियों पर गंभीर आरोप जड़े। इन दुकानदारों ने डीसी को भेजी शिकायत में मार्केट कमेटी सचिव और कर्मचारियों पर प्रति माह किराया वसूलने व धर्मकांटे के साथ बने कृषि केंद्र से बिजली कनेक्शन देने का भी आरोप लगाया।
दुकानदारों का आरोप है कि मार्केट कमेटी सचिव संजीव सचदेवा व उनके कर्मचारियों ने यहां का किराया चार गुणा कर दिया जिसे देने से उन्होंने इनकार किया तो मार्केट कमेटी प्रशासन ने उनकी दुकानें हटवाकर वहां पर रातोंरात दीवार बना दी। इतना ही नहीं, शिकायतकर्ताओं ने इस मामले में एक वीडियो भी साक्ष्य के रूप में दिया है जिसमें मार्केट कमेटी के कुछ कर्मचारी दुकानदारों से पैसे लेते दिख रहे हैं। हालांकि अमर उजाला इस वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। उधर, मार्केट कमेटी सचिव संजीव सचदेवा ने इन आरोपों को सिरे से खारिज किया है।
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डीसी को शिकायत सौंपने वाले दुकानदारों में शामिल नारायण सिंह, प्रकाश, फकीर चंद, खुशी राम, मंगतराम, सुरेश कुमार, रमेश कुमार, ओमप्रकाश, भूपेंद्र शर्मा आदि ने बताया कि धर्मकांटे के साथ लगती जगह पर उनकी कन्फेक्शनरी, चाय, सर्फ-साबुन एवं अंडे की दुकानें पिछले कई सालों से बदस्तूर चलती आ रही थी। दुकानदारों का आरोप है कि इस संदर्भ में उन्होंने पिछले कई सालों से लगातार प्रति माह मार्केट कमेटी कार्यालय में कर्मचारी राजू जाखड़ आदि को एक हजार रुपये प्रति माह किराया जमा करवाया, लेकिन उन्होंने कभी रसीद नहीं दी। इतना ही नहीं, दुकानदारों का यहां तक आरोप है कि पास में बने किसान केंद्र से इन सात-आठ दुकानों को बाकायदा बिजली कनेक्शन भी दे रखा था। इसके लिए सब मीटर लगाया गया था, जिसका बिल भी वो मार्केट कमेटी सचिव संजीव सचदेवा या राजू जाखड़ कर्मचारी को देते थे। दुकानदारों का आरोप है कि कुछ दिन पहले मार्केट कमेटी सचिव ने दुकानदारों को बुलाया और कहा कि अब से उनका किराया चार हजार रुपये प्रति माह होगा। जब उन्होंने इसका विरोध किया और देने से इंकार कर दिया तो सचिव संजीव सचदेवा ने 19 फरवरी को जेसीबी की मदद से उनकी दुकानें हटवा दी। इस दौरान उनका कुछ सामान रह गया था, जिसे कमेटी ने जब्त कर लिया और आज तक नहीं लौटाया।
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बस स्टैंड के सामने स्थित धर्मकांटे की जगह पर कुछ लोगों ने अवैध रूप से चाय व अंडों की दुकानें 19 फरवरी को मार्केट कमेटी प्रशासन ने गिरवा दी क्योंकि ये जगह धर्मकांटे के लिए आरक्षित थी और परमजीत बैनीवाल को धर्मकांटा चलाने के लिए ठेके पर दी गई थी। मार्केट कमेटी सचिव का कहना था कि उन्होंने कई बार नोटिस भेजकर इन दुकान मालिकों को ये जगह खाली करने के लिए कहा। लेकिन दुकान मालिकों ने जगह खाली नहीं की। जिसके बाद उपायुक्त कार्यालय के संज्ञान में लाकर कार्रवाई के लिए परमिशन मांगी। इस पर उन्होंने ड्यूटी मजिस्ट्रेट के रूप में नायब तहसीलदार रामनिवास एवं बस स्टैंड चौकी प्रभारी कुलदीप सिंह को टीम में मौके पर भेजा था और जेसीबी की मदद से इससे पहले कि कब्जा हटाने से पहले ही संबंधित दुकानदारों ने दो घंटे में सामान उठाने की बात कही और उन्होंने खुद सामान हटा लिया। जो सामान उन्होंने नहीं हटाया, उसे कर्मचारियों की मदद से हटाकर जब्त कर लिया गया था।
वर्जन
मैंने आज तक इन दुकानदारों से एक पैसा तक नहीं लिया। अपनी दुकानदारी दोबारा शुरू करने के लिए ये लोग दबाव डालना चाहते हैं, इसलिए ऐसे आरोप लगा रहे हैं। इनकी धमकी से डरूंगा नहीं, किसी भी जांच के लिए तैयार हूं। जो वीडियो दिखाया जा रहा है, वो चार साल पुराना है और इसमें धर्मकांटे के किराए के पैसे दिए गए थे।
- संजीव सचदेवा, सचिव, मार्केट कमेटी फतेहाबाद।