{"_id":"5a6f5f204f1c1b89268b72dc","slug":"161517248288-fatehabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"ऐडिड कॉलेजों के स्टॉफ का टेकओवर करे सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ऐडिड कॉलेजों के स्टॉफ का टेकओवर करे सरकार
Updated Mon, 29 Jan 2018 11:21 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
ऐडिड कॉलेज के टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ का टेक ओवर करने की मांग को लेकर टीचिंग व नॉन टीचिंग हित संरक्षक मंच के पदाधिकारियों ने शिक्षा मंत्री व राज्य मंत्री को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने वालों में मंच के डा. चिराग, डॉ. जयपाल, डॉ. किरणपाल, डॉ. अजमेर सिंह, पवन रुखाया व अन्य पदाधिकारी शामिल थे।
सीएम के ओएसडी भूपेश्वर दयाल, शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा व राज्य मंत्री नायबसिंह सैनी को सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि चुनाव के समय भारतीय जनता पार्टी द्वारा ऐडिड कॉलेज के स्टाफ को समायोजित करने का वायदा किया था। मांगपत्र के माध्यम से निवेदन है कि प्रदेश के ऐडिड कॉलेज में कार्यरत कर्मचारियों को सरकारी कॉलेजों में समायोजित किया जाए। ज्ञापन में बताया गया है कि ऐडिड कॉलेजों में कार्यरत स्टाफ सदस्यों को चिकित्सा भत्ता व चिकित्सा प्रतिपूर्ति का लाभ नहीं मिलता। कर्मचारियों को पदोन्नति से भी वंचित रखा जाता है तथा इसके अलावा अन्य कई प्रकार के भत्तों से भी वंचित रखा जाता है। मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा सहायता नहीं मिलती तथा समय समय पर सरकार द्वारा दी जाने वाली अंतरिम राहत का लाभ भी नहीं मिलता। ज्ञापन में मांग की गई है कि प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में नए कॉलेजों को खोलने की घोषणा की गई है यदि सरकार द्वारा ऐडिड कॉलेज के स्टाफ को समायोजित कर लेती है तो आने वाले सत्र से ही नए कॉलेजों को शुरू किया जा सकता है तथा स्टॉफ की भी कोई कमी नहीं रहेगी।
विज्ञापन
फतेहाबाद।
ऐडिड कॉलेज के टीचिंग और नॉन टीचिंग स्टाफ का टेक ओवर करने की मांग को लेकर टीचिंग व नॉन टीचिंग हित संरक्षक मंच के पदाधिकारियों ने शिक्षा मंत्री व राज्य मंत्री को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने वालों में मंच के डा. चिराग, डॉ. जयपाल, डॉ. किरणपाल, डॉ. अजमेर सिंह, पवन रुखाया व अन्य पदाधिकारी शामिल थे।
सीएम के ओएसडी भूपेश्वर दयाल, शिक्षामंत्री रामबिलास शर्मा व राज्य मंत्री नायबसिंह सैनी को सौंपे गए ज्ञापन में बताया गया है कि चुनाव के समय भारतीय जनता पार्टी द्वारा ऐडिड कॉलेज के स्टाफ को समायोजित करने का वायदा किया था। मांगपत्र के माध्यम से निवेदन है कि प्रदेश के ऐडिड कॉलेज में कार्यरत कर्मचारियों को सरकारी कॉलेजों में समायोजित किया जाए। ज्ञापन में बताया गया है कि ऐडिड कॉलेजों में कार्यरत स्टाफ सदस्यों को चिकित्सा भत्ता व चिकित्सा प्रतिपूर्ति का लाभ नहीं मिलता। कर्मचारियों को पदोन्नति से भी वंचित रखा जाता है तथा इसके अलावा अन्य कई प्रकार के भत्तों से भी वंचित रखा जाता है। मृतक कर्मचारियों के आश्रितों को अनुकंपा सहायता नहीं मिलती तथा समय समय पर सरकार द्वारा दी जाने वाली अंतरिम राहत का लाभ भी नहीं मिलता। ज्ञापन में मांग की गई है कि प्रदेश सरकार द्वारा हाल ही में नए कॉलेजों को खोलने की घोषणा की गई है यदि सरकार द्वारा ऐडिड कॉलेज के स्टाफ को समायोजित कर लेती है तो आने वाले सत्र से ही नए कॉलेजों को शुरू किया जा सकता है तथा स्टॉफ की भी कोई कमी नहीं रहेगी।
विज्ञापन