{"_id":"5c40d05abdec224e364f8e52","slug":"151547751514-fatehabad-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दरियापुर चौकी के पास रामपाल के समर्थकों की गाड़ी से विवादित साहित्य व सामान का जखीरा बरामद, हडक़ंप","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दरियापुर चौकी के पास रामपाल के समर्थकों की गाड़ी से विवादित साहित्य व सामान का जखीरा बरामद, हडक़ंप
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अमित रूखाया
फतेहाबाद। डेरामुखी को सजा के संभावित एलान के चलते पूरे दिन पुलिस ने जांच अभियान चलाया। इस दौरान सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय से तकरीबन 30 किलोमीटर पहले दरियापुर चौकी के पास एक संदिग्ध टाटा एस गाड़ी को पुलिस ने कब्जे में लिया। इस गाड़ी में सतलोक आश्रम के स्वयंभू रामपाल के 16 समर्थक सवार थे और गाड़ी के अंदर बिछे बिस्तर व गद्दों के पीछे तलाशी लेने पर हजारों की तादाद में विवादित साहित्य एवं रामपाल की तस्वीरों से जुड़े सामान का जखीरा बरामद हुआ। दरियापुर चौकी नेशनल हाइवे पर पुलिस नाका लगाकर सिरसा की ओर जाने वाले वाहनों की जांच कर रही थी, इसी दौरान एक टाटा एस गाड़ी को रोकने पर ये जखीरा बरामद हुआ। रामपाल से जुड़ा साहित्य व सामान मिलने की सूचना मिलते ही सदर थानाध्यक्ष आत्माराम भी मौके पर पहुंचे और गाड़ी के ड्राइवर व उसमें सवार लोगों से पूछताछ शुरू कर दी।
गाड़ी में थे रामपाल की तस्वीरें, लाकेट व खाली शीशियां
दरियापुर पुलिस द्वारा नाके के दौरान रोकी गई टाटा एस के सवार सभी लोग भिवानी आश्रम से रानियां की ओर जा रहे थे। इस गाड़ी की तलाशी ली गई तो इसमें हजारों किताबें मिली। जिनका शीर्षक था ‘बरवाला कांड की सच्चाई’। इसके अलावा दो बड़े लिफाफों में सैकड़ों की तादाद में मोतियों की मालाएं निकली जिसमें रामपाल की तस्वीर भी साथ जुड़ी हुई थी। इसके अलावा गाड़ी के पीछे छिपाकर रखे गए थैलों में सफेद रंग की सौ-सौ ग्राम वाली खाली शीशियां मिली। इस बारे में जब सदर थानाध्यक्ष आत्माराम ने रामपाल समर्थकों से पूछताछ आरंभ की तो उन्होंने बताया कि इन शीशियों का इस्तेमाल चरणामृत के लिए किया जाता है। इसके बाद सदर थानाध्यक्ष आत्माराम ने भिवानी में इन लोगों की तफ्तीश की और सबके नाम पते लिखकर उन्हें सिरसा की बजाए वापस भिवानी की ओर भेज दिया। इस दौरान टाटा एस के ड्राइवर के पास कागजात पूरे ना होने के चलते उसका चालान भी काटा गया।
खुद एसपी ने भी सिरसा जा रहे वाहनों की जांच की
डेरामुखी पर सजा के एलान के पहले से ही पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट था। लेकिन पल-पल बदलते हालातों के चलते टेंशन साफ तौर पर पुलिस अधिकारियों के चेहरे पर देखी जा सकती थी। फतेहाबाद पुलिस कप्तान दीपक सहारण वीरवार को सारा दिन फील्ड में रहे। उन्होंने इस दौरान बड़ोपल, रतिया एवं दरियापुर चौकी के पास लगे पुलिस नाकों का निरीक्षण भी किया। दरियापुर पहुंचे पुलिस कप्तान दीपक सहारण खुद भी अन्य पुलिसकर्मियों के साथ वाहनों की जांच करते दिखे। उन्होंने कई वाहनों की डिग्गी खोली और उसमें सामान की जांच की।
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9 ड्यूटी मजिस्ट्रेट, 12 इंस्पेक्टरों सहित कुल 500 पुलिसकर्मी थे तैनात, बीएसएफ ने भी संभाला था मोर्चा
डेरा मुखी को सजा के ऐलान के मद्देनजर फतेहाबाद जिले में सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए 9 ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए थे। इसके अलावा पुलिस कप्तान दीपक सहारण ने चार डीएसपी तथा 12 इंस्पेक्टरों सहित कुल 500 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई थी। पूरे जिले में आने जाने वाले वाहनों की चेकिंग करने के लिए जिले में कुल 16 नाके लगाए गए हैं। इतना ही नहीं, टोहाना-फतेहाबाद में तनाव की आशंका को देखते हुए बीएसएफ की दो टुकड़ियां भी तैनात की गई थी।
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फतेहाबाद। डेरामुखी को सजा के संभावित एलान के चलते पूरे दिन पुलिस ने जांच अभियान चलाया। इस दौरान सिरसा स्थित डेरा सच्चा सौदा मुख्यालय से तकरीबन 30 किलोमीटर पहले दरियापुर चौकी के पास एक संदिग्ध टाटा एस गाड़ी को पुलिस ने कब्जे में लिया। इस गाड़ी में सतलोक आश्रम के स्वयंभू रामपाल के 16 समर्थक सवार थे और गाड़ी के अंदर बिछे बिस्तर व गद्दों के पीछे तलाशी लेने पर हजारों की तादाद में विवादित साहित्य एवं रामपाल की तस्वीरों से जुड़े सामान का जखीरा बरामद हुआ। दरियापुर चौकी नेशनल हाइवे पर पुलिस नाका लगाकर सिरसा की ओर जाने वाले वाहनों की जांच कर रही थी, इसी दौरान एक टाटा एस गाड़ी को रोकने पर ये जखीरा बरामद हुआ। रामपाल से जुड़ा साहित्य व सामान मिलने की सूचना मिलते ही सदर थानाध्यक्ष आत्माराम भी मौके पर पहुंचे और गाड़ी के ड्राइवर व उसमें सवार लोगों से पूछताछ शुरू कर दी।
गाड़ी में थे रामपाल की तस्वीरें, लाकेट व खाली शीशियां
दरियापुर पुलिस द्वारा नाके के दौरान रोकी गई टाटा एस के सवार सभी लोग भिवानी आश्रम से रानियां की ओर जा रहे थे। इस गाड़ी की तलाशी ली गई तो इसमें हजारों किताबें मिली। जिनका शीर्षक था ‘बरवाला कांड की सच्चाई’। इसके अलावा दो बड़े लिफाफों में सैकड़ों की तादाद में मोतियों की मालाएं निकली जिसमें रामपाल की तस्वीर भी साथ जुड़ी हुई थी। इसके अलावा गाड़ी के पीछे छिपाकर रखे गए थैलों में सफेद रंग की सौ-सौ ग्राम वाली खाली शीशियां मिली। इस बारे में जब सदर थानाध्यक्ष आत्माराम ने रामपाल समर्थकों से पूछताछ आरंभ की तो उन्होंने बताया कि इन शीशियों का इस्तेमाल चरणामृत के लिए किया जाता है। इसके बाद सदर थानाध्यक्ष आत्माराम ने भिवानी में इन लोगों की तफ्तीश की और सबके नाम पते लिखकर उन्हें सिरसा की बजाए वापस भिवानी की ओर भेज दिया। इस दौरान टाटा एस के ड्राइवर के पास कागजात पूरे ना होने के चलते उसका चालान भी काटा गया।
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खुद एसपी ने भी सिरसा जा रहे वाहनों की जांच की
डेरामुखी पर सजा के एलान के पहले से ही पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट था। लेकिन पल-पल बदलते हालातों के चलते टेंशन साफ तौर पर पुलिस अधिकारियों के चेहरे पर देखी जा सकती थी। फतेहाबाद पुलिस कप्तान दीपक सहारण वीरवार को सारा दिन फील्ड में रहे। उन्होंने इस दौरान बड़ोपल, रतिया एवं दरियापुर चौकी के पास लगे पुलिस नाकों का निरीक्षण भी किया। दरियापुर पहुंचे पुलिस कप्तान दीपक सहारण खुद भी अन्य पुलिसकर्मियों के साथ वाहनों की जांच करते दिखे। उन्होंने कई वाहनों की डिग्गी खोली और उसमें सामान की जांच की।
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9 ड्यूटी मजिस्ट्रेट, 12 इंस्पेक्टरों सहित कुल 500 पुलिसकर्मी थे तैनात, बीएसएफ ने भी संभाला था मोर्चा
डेरा मुखी को सजा के ऐलान के मद्देनजर फतेहाबाद जिले में सुरक्षा व्यवस्था संभालने के लिए 9 ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए थे। इसके अलावा पुलिस कप्तान दीपक सहारण ने चार डीएसपी तथा 12 इंस्पेक्टरों सहित कुल 500 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई थी। पूरे जिले में आने जाने वाले वाहनों की चेकिंग करने के लिए जिले में कुल 16 नाके लगाए गए हैं। इतना ही नहीं, टोहाना-फतेहाबाद में तनाव की आशंका को देखते हुए बीएसएफ की दो टुकड़ियां भी तैनात की गई थी।