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पंजाबी समाज को मिले जनसंख्या के आधार पर राजनीति में भागीदारी: बक्शी
Updated Wed, 03 Oct 2018 12:52 AM IST
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पंजाबी समाज को मिले जनसंख्या के आधार पर राजनीति में भागीदारी: बक्शी
अमर उजाला ब्यूरो
टोहाना। हरियाणा पंजाबी स्वाभिमान संघ के प्रदेशाध्यक्ष हेमंत बक्शी मंगलवार को समाजसेवी ईश सरना के निवास स्थान पर पहुंचे। इस दौरान बक्शी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर भी जानकारी दी। बक्शी ने कहा कि पंजाबी समाज को राजनीति में जनसंख्या के आधार पर राजनीति में भागीदारी मिले। इसके तहत 2 लोकसभा, 25 विधानसभा व 1 राज्यसभा की सीटें भी दी जाए। उन्होंने कहा कि पूर्व की कांग्रेस सरकार के समय में प्रदेश सरकार ने 80 हजार एकड़ जमीन केंद्र सरकार को वापिस कर दी थी, जो उनके समाज को दोबारा से नोटिफिकेशन करने के बाद अलाट की जाए, देश की आजादी के समय के बाद विस्थापित होकर आए परिवारों को पाकिस्तानी व रिफ्यूजी कहकर पुकारा जाता है। इसलिए अगर कोई व्यक्ति विस्थापितों को रिफ्यूजी कहता है तो उसे भी एससी एसटी एक्ट की तरह तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विभाजन के बाद भारत में अलग-अलग हिस्सों में अनेक परिवार 33-33 गज के मकान में रह रहे हैं, जिन्हें 100-100 गज के प्लाट दिए जाए। उन्होंने कहा कि पंजाबी समाज में कई परिवार आर्थिक रूप से पिछड़े हुए हैं, जिनके बच्चों को नौकरियों में आरक्षण दिया जाए। उन्होंने कहा कि वे इस ज्ञापन को हर पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष के माध्यम से राष्ट्रीय अध्यक्षों तक भेजेंगे। बक्शी ने कहा कि अगर किसी भी पार्टी ने उनकी मांग को पूरा नहीं किया तो उनके समाज के लोग नोटा का बटन दबाकर चुनाव का बहिष्कार करने व नई पार्टी के गठन से भी पीछे नहीं हटेंगे।
02 एफटीबीपी 20-टोहाना में पत्रकारों से बातचीत करते बक्शी
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अमर उजाला ब्यूरो
टोहाना। हरियाणा पंजाबी स्वाभिमान संघ के प्रदेशाध्यक्ष हेमंत बक्शी मंगलवार को समाजसेवी ईश सरना के निवास स्थान पर पहुंचे। इस दौरान बक्शी ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर भी जानकारी दी। बक्शी ने कहा कि पंजाबी समाज को राजनीति में जनसंख्या के आधार पर राजनीति में भागीदारी मिले। इसके तहत 2 लोकसभा, 25 विधानसभा व 1 राज्यसभा की सीटें भी दी जाए। उन्होंने कहा कि पूर्व की कांग्रेस सरकार के समय में प्रदेश सरकार ने 80 हजार एकड़ जमीन केंद्र सरकार को वापिस कर दी थी, जो उनके समाज को दोबारा से नोटिफिकेशन करने के बाद अलाट की जाए, देश की आजादी के समय के बाद विस्थापित होकर आए परिवारों को पाकिस्तानी व रिफ्यूजी कहकर पुकारा जाता है। इसलिए अगर कोई व्यक्ति विस्थापितों को रिफ्यूजी कहता है तो उसे भी एससी एसटी एक्ट की तरह तुरंत गिरफ्तार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विभाजन के बाद भारत में अलग-अलग हिस्सों में अनेक परिवार 33-33 गज के मकान में रह रहे हैं, जिन्हें 100-100 गज के प्लाट दिए जाए। उन्होंने कहा कि पंजाबी समाज में कई परिवार आर्थिक रूप से पिछड़े हुए हैं, जिनके बच्चों को नौकरियों में आरक्षण दिया जाए। उन्होंने कहा कि वे इस ज्ञापन को हर पार्टी के प्रदेशाध्यक्ष के माध्यम से राष्ट्रीय अध्यक्षों तक भेजेंगे। बक्शी ने कहा कि अगर किसी भी पार्टी ने उनकी मांग को पूरा नहीं किया तो उनके समाज के लोग नोटा का बटन दबाकर चुनाव का बहिष्कार करने व नई पार्टी के गठन से भी पीछे नहीं हटेंगे।
02 एफटीबीपी 20-टोहाना में पत्रकारों से बातचीत करते बक्शी