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टोहाना में डेंगू से एक और मरीज की मौत, सीएमओ भी आए चपेट में
Updated Fri, 10 Nov 2017 12:06 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
टोहाना । डेंगू का डंक रुकने का नाम नही ले रहा है। डेंगू प्रभावित मरीजों की संख्या के साथ साथ डेंगू के चलते जान गंवाने वालों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। बुधवार सांय टोहाना से एक और डेंगू आशंकित मरीज गुरदीप निवासी टोहाना की मौत हो गई। अभी तक टोहाना में डेंगू के चलते ये दसवीं मौत बताई जा रही है। जिले में अब तक 12 मरीजों की डेंगू के चलते मौत हो चुकी है लेकिन स्वास्थ्य विभाग की नींद अभी तक नहीं टूटी है। दूसरी ओर जिले के स्वास्थ्य विभाग के मुखिया एवं सिविल सर्जन डा. मनीष बंसल खुद भी डेंगू की चपेट में आ गए हैं। डिप्टी सिविल सर्जन डा. सुजाता बंसल ने इसकी पुष्टि की है। अब जब खुद सीएमओ ही डेंगू की चपेट में आ गए हैं तो जिले में डेंगू की भयावहता का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
डेंगू के चलते अपनी जान गंवाने वाले मृतक गुरदीप के भतीजे सुखा ने बताया कि उनके चाचा को कुछ दिन पूर्व बुखार हुआ था। जिसके बाद उन्हे नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जिसके बाद जब तबीयत खराब हुई थी। चिकित्सकों ने उनकी लगातार हालत खराब होते हुए देख अग्रोहा रेफर कर दिया गया वहां बुधवार सांय उनकी मौत हो गई। सुखा का कहना है कि उपचार के दौरान चिकित्सकों द्वारा उनके चाचा को डेंगू की बीमारी बताई गई थी। सुखा ने बताया कि उनकी पत्नी भी बीमार है। उनके पास में भी कई लोग बीमार है।
दूसरी ओर टोहाना में डेंगू के लगातार मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी थोड़ी हरकत में आए हैं। पिछले दिनों डेंगू के चलते हुई मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मृतकों के घर सर्वे करने जरूर पहुंचे हैं लेकिन इसके बावजूद डेंगू मच्छर की रोकथाम या लोगों में जागरूकता फैलाने के नाम पर अभी तक कुछ भी नहीं किया गया है। जिसके चलते टोहाना में डेंगू अब एक महामारी का रूप ले चुका है।
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टोहाना । डेंगू का डंक रुकने का नाम नही ले रहा है। डेंगू प्रभावित मरीजों की संख्या के साथ साथ डेंगू के चलते जान गंवाने वालों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है। बुधवार सांय टोहाना से एक और डेंगू आशंकित मरीज गुरदीप निवासी टोहाना की मौत हो गई। अभी तक टोहाना में डेंगू के चलते ये दसवीं मौत बताई जा रही है। जिले में अब तक 12 मरीजों की डेंगू के चलते मौत हो चुकी है लेकिन स्वास्थ्य विभाग की नींद अभी तक नहीं टूटी है। दूसरी ओर जिले के स्वास्थ्य विभाग के मुखिया एवं सिविल सर्जन डा. मनीष बंसल खुद भी डेंगू की चपेट में आ गए हैं। डिप्टी सिविल सर्जन डा. सुजाता बंसल ने इसकी पुष्टि की है। अब जब खुद सीएमओ ही डेंगू की चपेट में आ गए हैं तो जिले में डेंगू की भयावहता का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है।
डेंगू के चलते अपनी जान गंवाने वाले मृतक गुरदीप के भतीजे सुखा ने बताया कि उनके चाचा को कुछ दिन पूर्व बुखार हुआ था। जिसके बाद उन्हे नागरिक अस्पताल में भर्ती करवाया गया। जिसके बाद जब तबीयत खराब हुई थी। चिकित्सकों ने उनकी लगातार हालत खराब होते हुए देख अग्रोहा रेफर कर दिया गया वहां बुधवार सांय उनकी मौत हो गई। सुखा का कहना है कि उपचार के दौरान चिकित्सकों द्वारा उनके चाचा को डेंगू की बीमारी बताई गई थी। सुखा ने बताया कि उनकी पत्नी भी बीमार है। उनके पास में भी कई लोग बीमार है।
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दूसरी ओर टोहाना में डेंगू के लगातार मामले सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी थोड़ी हरकत में आए हैं। पिछले दिनों डेंगू के चलते हुई मौतों के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मृतकों के घर सर्वे करने जरूर पहुंचे हैं लेकिन इसके बावजूद डेंगू मच्छर की रोकथाम या लोगों में जागरूकता फैलाने के नाम पर अभी तक कुछ भी नहीं किया गया है। जिसके चलते टोहाना में डेंगू अब एक महामारी का रूप ले चुका है।
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