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सरकार का सबके लिए स्वास्थ्य का नारा खोखला : सुलेखा
Updated Mon, 25 Sep 2017 12:43 AM IST
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सरकार का सबके लिए स्वास्थ्य का नारा खोखला : सुलेखा
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
आशा वर्कर्स यूनियन टोहाना, जाखल सीएचसी की बैठक जिला प्रधान शीला शक्करपुरा की अध्यक्षता में हुई। इसमें यूनियन की राज्य महासचिव सुरेखा मुख्य वक्ता थीं। उन्होंने कहा कि सरकार का सबके लिए स्वास्थ्य का नारा खोखला है।
कहा कि केरल की सरकार ने आशा को 7500 रुपये, आंगनबाड़ी को 12 हजार रुपये, मिड डे मील को 500 रुपये प्रतिदिन, मनरेगा की दिहाड़ी 600 रुपये और न्यूनतम वेतन 21 हजार रुपये तय किया है। अब केंद्र और राज्य सरकार आशा के साथ ही अन्य कर्मियों को पक्का करे और न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये लागू करे। उन्होंने कहा कि तीन अक्तूबर को हिसार में होने वाली रैली में आशा वर्कर्स हिस्सा लेंगी। नई स्वास्थ्य नीति का सबके लिए स्वास्थ्य का नारा एक खोखला नारा है। यह जनता की जेब पर और ज्यादा बोझ डालने की तैयारी है। जनता की स्वास्थ्य की जरूरतों के हिसाब से मौजूदा स्वास्थ्य सुविधाओं का ढांचा ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं के अभाव के कारण लोगों को निजी अस्पतालों में कर्ज लेकर इलाज करवाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अब सरकार फसल बीमा की तर्ज पर ही सबका स्वास्थ्य बीमा करने जा रही है। इस स्वास्थ्य बीमा का लाभ भी जनता को न होकर बीमा कंपनियों को ही होगा। सरकार सबके स्वास्थ्य की आड़ में निजी अस्पतालों को लाभ पहुंचाना चाहती है। सीटू जिला उपप्रधान रमेश जाण्डली ने कहा कि आशा वर्कर्स तीन अक्तूबर को हिसार में होने वाली किसान मजदूर रैली और 10 नवंबर को जंतर मंतर पर पड़ाव में भारी संख्या में भाग लेगी। बैठक में सीटू जिला प्रधान जगतार सिंह, उपप्रधान रमेश जाण्डली, आशा वर्कर्स यूनियन सीएचसी जाखल सचिव अनिता इंदाछुई, सुलोचना अकांवाली, सुमन दिवाना, कंवलजीत कौर म्योंद, सीता जमालपुर, इंदू टोहाना, बलविंद्र चूहड़पुर, सुशीला कन्हड़ी, मंजू टोहाना, गुरप्रीत अकांवाली, सुरेंद्र कौर समैण, नीलम, देशा हैदरवाला आदि ने भाग लिया।
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
आशा वर्कर्स यूनियन टोहाना, जाखल सीएचसी की बैठक जिला प्रधान शीला शक्करपुरा की अध्यक्षता में हुई। इसमें यूनियन की राज्य महासचिव सुरेखा मुख्य वक्ता थीं। उन्होंने कहा कि सरकार का सबके लिए स्वास्थ्य का नारा खोखला है।
कहा कि केरल की सरकार ने आशा को 7500 रुपये, आंगनबाड़ी को 12 हजार रुपये, मिड डे मील को 500 रुपये प्रतिदिन, मनरेगा की दिहाड़ी 600 रुपये और न्यूनतम वेतन 21 हजार रुपये तय किया है। अब केंद्र और राज्य सरकार आशा के साथ ही अन्य कर्मियों को पक्का करे और न्यूनतम वेतन 18 हजार रुपये लागू करे। उन्होंने कहा कि तीन अक्तूबर को हिसार में होने वाली रैली में आशा वर्कर्स हिस्सा लेंगी। नई स्वास्थ्य नीति का सबके लिए स्वास्थ्य का नारा एक खोखला नारा है। यह जनता की जेब पर और ज्यादा बोझ डालने की तैयारी है। जनता की स्वास्थ्य की जरूरतों के हिसाब से मौजूदा स्वास्थ्य सुविधाओं का ढांचा ऊंट के मुंह में जीरे के समान है। सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं के अभाव के कारण लोगों को निजी अस्पतालों में कर्ज लेकर इलाज करवाना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि अब सरकार फसल बीमा की तर्ज पर ही सबका स्वास्थ्य बीमा करने जा रही है। इस स्वास्थ्य बीमा का लाभ भी जनता को न होकर बीमा कंपनियों को ही होगा। सरकार सबके स्वास्थ्य की आड़ में निजी अस्पतालों को लाभ पहुंचाना चाहती है। सीटू जिला उपप्रधान रमेश जाण्डली ने कहा कि आशा वर्कर्स तीन अक्तूबर को हिसार में होने वाली किसान मजदूर रैली और 10 नवंबर को जंतर मंतर पर पड़ाव में भारी संख्या में भाग लेगी। बैठक में सीटू जिला प्रधान जगतार सिंह, उपप्रधान रमेश जाण्डली, आशा वर्कर्स यूनियन सीएचसी जाखल सचिव अनिता इंदाछुई, सुलोचना अकांवाली, सुमन दिवाना, कंवलजीत कौर म्योंद, सीता जमालपुर, इंदू टोहाना, बलविंद्र चूहड़पुर, सुशीला कन्हड़ी, मंजू टोहाना, गुरप्रीत अकांवाली, सुरेंद्र कौर समैण, नीलम, देशा हैदरवाला आदि ने भाग लिया।
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