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संगीतमय रामायण के रचयिता यशवंत सिंह टोहानवी की याद में बनाई जाएगी डॉक्यूमेंट्री फिल्म: बराला
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यशवंत सिंह टोहानवी की याद में बनाई जाएगी डॉक्यूमेंट्री फिल्म : बराला
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं टोहाना के विधायक सुभाष बराला ने कहा है कि आर्य संगीतमय रामायण के रचयिता यशवंत सिंह टोहानवी की याद को स्थाई बनाने के लिए प्रदेश सरकार एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म और पुरस्कार शुरू करेगी ताकि लोग उनसे और अधिक बेहतर ढंग से परिचित हो सकें। हरियाणा उर्दू अकादमी की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने यह जानकारी दी। कार्यक्रम की शुरुआत पुलवामा के शहीदों की याद में दो मिनट का मौन धारण कर किया गया। अपने संबोधन में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर के नेतृत्व में हरियाणा उर्दू अकादमी भारतीय संस्कृति के साथ-साथ उर्दू भाषा के प्रसार के लिए सराहनीय कार्य कर रही है। इसके साथ उर्दू साहित्यकारों को भी पूरा मान-सम्मान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यशवंत टोहानवी हरियाणा के ख्याति प्राप्त कवि थे, जिन्होंने आर्य संगीतमय रामायण लिखी। इसका प्रचार पूरे देश में रहा और लोग टोहानवी की रामायण का काफी आनंद लेते थे। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि ऐसे महान कवियों की विरासत को संजोकर रखा जाए और उनको पूरा मान सम्मान भी दिया जाए। हरियाणा सरकार ने फक्रे ए हरियाणा नामक पुरस्कार के तहत 3 लाख रुपए की राशि देने की शुरुआत की है। इस तरह के प्रयास कवियों के लिए मील का पत्थर साबित होंगें। उन्होंने कहा कि यशवंत टोहानवी की याद में टोहाना में द्वार का निर्माण भी किया जा रहा है ताकि युवा पीढ़ी ऐसे महान कवियों से प्रेरणा ले सके। कार्यक्रम में प्रसिद्व कवि कुंदन अरावली ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संगीत के साथ रामायण जैसे नाटकों का मंचन उस समय के दौर की अच्छी शुरुआत थी, जिसका लोग भरपूर आनंद उठाते थे। उन्होंने कहा कि राम को आदर्श राजा और पुत्र के रूप में प्रस्तुत किया गया ताकि उनके चरित्र से समाज में व्याप्त बुराईयों को समाप्त करने में सहयोग मिल सके। कवि महेंद्र प्रताप चांद और हिम्मत सिंह सिन्हा नाजमी ने प्रसिद्व कवि टोहानवी के जीवन पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में टोहानवी द्वारा लिखी गई आर्य संगीत रामायण उर्दू पुस्तक का विमोचन भी किया। इस मौके पर हरियाणा उर्दू अकादमी के निदेशक चंद्र त्रिखा और हरियाणा ग्रंथ अकादमी उपाध्यक्ष वीरेंद्र चौहान कई पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। भाजपा प्रदेशाध्यक्ष एवं टोहाना के विधायक सुभाष बराला ने कहा है कि आर्य संगीतमय रामायण के रचयिता यशवंत सिंह टोहानवी की याद को स्थाई बनाने के लिए प्रदेश सरकार एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म और पुरस्कार शुरू करेगी ताकि लोग उनसे और अधिक बेहतर ढंग से परिचित हो सकें। हरियाणा उर्दू अकादमी की ओर से आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने यह जानकारी दी। कार्यक्रम की शुरुआत पुलवामा के शहीदों की याद में दो मिनट का मौन धारण कर किया गया। अपने संबोधन में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष ने कहा कि मुख्यमंत्री मनोहर के नेतृत्व में हरियाणा उर्दू अकादमी भारतीय संस्कृति के साथ-साथ उर्दू भाषा के प्रसार के लिए सराहनीय कार्य कर रही है। इसके साथ उर्दू साहित्यकारों को भी पूरा मान-सम्मान दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यशवंत टोहानवी हरियाणा के ख्याति प्राप्त कवि थे, जिन्होंने आर्य संगीतमय रामायण लिखी। इसका प्रचार पूरे देश में रहा और लोग टोहानवी की रामायण का काफी आनंद लेते थे। उन्होंने कहा कि सरकार का प्रयास है कि ऐसे महान कवियों की विरासत को संजोकर रखा जाए और उनको पूरा मान सम्मान भी दिया जाए। हरियाणा सरकार ने फक्रे ए हरियाणा नामक पुरस्कार के तहत 3 लाख रुपए की राशि देने की शुरुआत की है। इस तरह के प्रयास कवियों के लिए मील का पत्थर साबित होंगें। उन्होंने कहा कि यशवंत टोहानवी की याद में टोहाना में द्वार का निर्माण भी किया जा रहा है ताकि युवा पीढ़ी ऐसे महान कवियों से प्रेरणा ले सके। कार्यक्रम में प्रसिद्व कवि कुंदन अरावली ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि संगीत के साथ रामायण जैसे नाटकों का मंचन उस समय के दौर की अच्छी शुरुआत थी, जिसका लोग भरपूर आनंद उठाते थे। उन्होंने कहा कि राम को आदर्श राजा और पुत्र के रूप में प्रस्तुत किया गया ताकि उनके चरित्र से समाज में व्याप्त बुराईयों को समाप्त करने में सहयोग मिल सके। कवि महेंद्र प्रताप चांद और हिम्मत सिंह सिन्हा नाजमी ने प्रसिद्व कवि टोहानवी के जीवन पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम में टोहानवी द्वारा लिखी गई आर्य संगीत रामायण उर्दू पुस्तक का विमोचन भी किया। इस मौके पर हरियाणा उर्दू अकादमी के निदेशक चंद्र त्रिखा और हरियाणा ग्रंथ अकादमी उपाध्यक्ष वीरेंद्र चौहान कई पार्टी पदाधिकारी मौजूद रहे।