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5 हजार जुर्माना ना भरने पर पूर्व नप ईओ ढांडा को फटकार, तनख्वाह से एकमुश्त जुर्माना वसूलने का आदेश

Mon, 18 Feb 2019 12:45 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 18 Feb 2019 12:45 AM IST
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5 हजार जुर्माना ना भरने पर पूर्व नप ईओ ढांडा को फटकार, तनख्वाह से एकमुश्त जुर्माना वसूलने का आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
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फतेहाबाद। नगर परिषद के पूर्व कार्यकारी अधिकारी अमन ढांडा सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई आरटीआई का जवाब देरी से देने के मामले में राज्य सूचना आयोग द्वारा लगाए गए जुर्माना राशि एक साल बाद भी ना भरने के मामले में फंस गए हैं। राज्य सूचना आयोग ने नोटिस जारी कर उन्हें तुरंत प्रभाव से ये जुर्माना भरने के आदेश दिए हैं। साथ ही स्थानीय निकाय विभाग के निदेशक को भी पत्र भेजकर ये सुनिश्चित करने को कहा है कि ईओ अमन ढांडा की तनख्वाह से 25 हजार रुपये की जुर्माना राशि एकमुश्त काट ली जाए।
एक साल पहले जब राज्य सूचना आयोग ने जब उन पर ये जुर्माना ठोका था, तब उन्हें दो किस्तों में जुर्माना राशि भरने का विकल्प दिया गया था। एमसी कालोनी निवासी समीर नरूला की शिकायत पर राज्य सूचना आयोग ने ये कार्यवाही की थी। अब दोबारा समीर नरूला ने ही राज्य सूचना आयोग में आरटीआई लगाकर ईओ अमन ढांडा द्वारा जुर्माना राशि भरने के बारे में जानकारी मांगी थी जिससे ये पता चला कि ढांडा ने लगभग एक साल बीतने के बावजूद अभी तक जुर्माना राशि ही नहीं भरी है जबकि उनका तबादला अब डबवाली हो चुका है।
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नेशनल हाईवे पर स्थित दुकान के बारे में मांगी गई थी सूचना
एमसी कालोनी निवासी समीर नरूला ने बताया कि जीटी रोड पर राम ट्यूबवेल स्टोर के मालिक ने अपनी दुकान के पीछे भी एक गेट निकाल दिया है और यहां पर भी कामर्शियल एक्टिविटी जारी रखी थी। इसके चलते एमसी कालोनी के रिहाइशी इलाके में भी लगातार ध्वनि प्रदूषण बढ़ रहा है। नरूला ने कई बार नगर परिषद में भी शिकायतें दी थी लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही थी। कोई ना कोई नियम का हवाला देकर उनकी शिकायत को बार-बार डिस्पोज आफ किया जा रहा था। इसके बाद समीर नरूला ने इस दुकान के संदर्भ में कई सूचनाएं नगर परिषद से मांगी। लेकिन नगर परिषद प्रशासन इन सूचनाओं को देने में आनाकानी करता रहा जिसका परिणाम अब नप ईओ को अपनी तनख्वाह में से जुर्माना कटवाकर देना होगा।
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आरटीआई का जवाब पाने के लिए नप प्रशासन से एक साल तक लड़ी लड़ाई
एमसी कालोनी निवासी समीर नरूला ने नगर परिषद प्रशासन से आरटीआई के तहत सूचना लेने के लिए लगभग एक साल तक लंबी लड़ाई लड़ी। समीर नरूला ने 13 दिसंबर 2016 को पहली बार नगर परिषद प्रशासन के समक्ष राम ट्यूबवेल स्टोर से संबंधित सूचना हासिल करने के लिए आरटीआई का आवेदन लगाया। नियमानुसार एक माह में उन्हें जवाब मिलना चाहिए था, लेकिन नप प्रशासन ने जवाब नहीं दिया। जिसके बाद 18 जनवरी 2017 को समीर नरूला ने प्रथम अपीलीय अधिकारी नगराधीश को शिकायत दी। लेकिन इसके बावजूद नगर परिषद प्रशासन से नरूला को जवाब नहीं मिला। इसके बाद जाकर समीर नरूला ने 22 फरवरी 2017 को राज्य सूचना आयोग के समक्ष अपील की। इसके बाद नगर परिषद ईओ को इस संदर्भ में कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया था। इसके बाद नप प्रशासन ने समीर नरूला को आरटीआई का जवाब दे दिया लेकिन सूचना आयोग द्वारा दिए गए कारण बताओ नोटिस का जवाब नहीं दिया। जिसके चलते राज्य सूचना आयोग के अध्यक्ष धर्मेंद्र धर्माणी ने नगर परिषद ईओ अमन ढांडा को 25 हजार रुपये का जुर्माना दो किस्तों में भरने का आदेश दिया था। इस संदर्भ में लगातार फोन करने के बावजूद ईओ अमन ढांडा ने फोन नहीं उठाया।
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