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तीन साल में जिप पार्षदों को विकास के लिए मिली महज दूसरी किस्त, नांगली व युक्ति को छोड़ सभी के हिस्से 34 लाख
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तीन साल में पार्षदों को विकास के लिए मिली दूसरी किस्त, नांगली और युक्ति को छोड़ सभी के हिस्से 34 लाख
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। पिछले तीन साल से जिला पार्षदों के ग्रांट सूखे को खत्म करते हुए जिला परिषद ने नए साल पर सभी पार्षदों को ग्रांट का तोहफा देते हुए 18 में से 13 जिला पार्षदों को कुल 3 करोड़ 92 लाख 94 हजार 250 रुपये की ग्रांट मंगलवार को जारी कर दी। उक्त ग्रांट में जिला परिषद की वाइस चेयरमैन कमला भुक्कर को 43 लाख तथा बाकी अन्य पार्षदों को 34-34 लाख रुपये ग्रांट जारी किए गए हैं। हालांकि अभी तक ये बात भी साफ नहीं हो सकी है कि घूस कांड में दो पार्षदों के शामिल होने के चलते वो जेल में हैं, ऐसे में उनके वार्ड में इस ग्रांट को कैसे खर्च किया जा सकेगा।
गौरतलब है कि उक्त ग्रांट जिला परिषद के कुल 16 सदस्यों को जारी की जानी है लेकिन जिला पार्षद राजेश कसवां उनकी पत्नी सुनीता कसवां व भाजपा समर्पित पार्षद अनिल गोरछिया की एस्टीमेट की फाइल नहीं पहुंचने के कारण उन्हें ग्रांट जारी नहीं की गई है। वहीं पार्षदों द्वारा पिछली बैठक में पास किए गए ग्रांट के प्रस्ताव का समर्थन नहीं करने पर जिला परिषद की तत्कालीन चेयरमैन गीता नांगली व युक्ति चौधरी गोदारा को कोई ग्रांट जारी नहीं की गई है। जिला परिषद के चुनाव के तीन साल होने के बाद जिला परिषद ने पहली बार एकमुश्त इतनी बड़ी ग्रांट पार्षदों को जारी की है। जिला परिषद के सीईओ जयबीर यादव ने इसकी पुष्टि की है।
विदित रहे कि साल 2016 में जिला परिषद के चुनाव होने के बाद जब गीता नांगली जिला परिषद की चेयरमैन बनी थी, तब सभी पार्षदों ने बहुुमत से बिल पास कर ग्रांट वितरित करने का अधिकार गीता नांगली को दिया था। लेकिन इसके बाद भी लंबे समय तक ग्रांट नहीं मिलने से रोषित पार्षदों ने गीता नांगली से ग्रांट वितरित करने की पावर छीन ली थी जिसका 18 में से 16 पार्षदों ने समर्थन किया था। पावर छीनने के प्रस्ताव का समर्थन खुद गीता नांगली तथा वार्ड नंबर 5 से पार्षद युक्ति गोदारा ने नहीं किया था। इसी लिए उक्त दोनों को ग्रांट नहीं दी गई।
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एस्टीमेट फाइल नहीं पहुंचने के कारण तीन पार्षदों को नहीं मिली ग्रांट
तत्कालीन चेयरमैन गीता नांगली से ग्रांट वितरित करने का अधिकार छीनने का प्रस्ताव जिला परिषद की मीटिंग में पास होने के बाद प्रस्ताव का समर्थन करने वाले सभी पार्षदों ने अपने-अपने वार्ड के विकास कार्यों के एस्टीमेट बनाकर विभाग को भेजे थे। लेकिन जिला पार्षद राजेश कसवां उनकी पत्नी सुनीता कसवां व अनिल गोरछिया की एस्टीमेट फाइल विभाग में अभी तक नहीं पहुंची इसलिए उन्हें कोई ग्रांट जारी नहीं कि गई है। अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही उनकी फाइल आएगी तुरंत राशी जारी कर दी जाएगी।
गीता नांगली और युक्ति गोदारा को नहीं मिली ग्रांट
बीते दिनों हुई बैठक में पार्षदों ने चेयरमैन गीता नांगली से ग्रांट वितरित करने की पावर छीन ली थी। उक्त प्रस्ताव का समर्थन नहीं करने पर गीता नांगली व युक्ति गोदारा को कोई ग्रांट जारी नहीं की गई है।
इन पार्षदों को मिली ग्रांट
जिन 13 पार्षदों को ग्रांट जारी की गई है उन्हें जिला परिषद की वाइस-चेयरमैन कमला भुक्कर को 43 लाख तथा अन्य पार्षदों को 34-34 लाख रुपये दिए गए हैं। जिन पार्षदों को ग्रांट जारी की गई है उनमें रामदास टिब्बी, मनदीपकौर गिल, रामचंद्र सहनाल, सुशीला सिहाग, अवतार सिंह, जगदीश औड, अजय मेहता, विजेेंद्र सिवाच, सुरजीत औड, बीबो इंदौरा, सतपाल शर्मा व बलजीत कौर शामिल है।
किस ब्लॉक में मिली कितनी ग्रांट
ब्लॉक ग्रांट
भट्टू 40.34 लाख
फतेहाबाद 68.54 लाख
भूना 66.15 लाख
रतिया 1.57 करोड़
जाखल 64.25 लाख
टोहाना 33.98 लाख
नागपुर 13.17 लाख
कुल 3 करोड़ 93 लाख
मीटिंग में पार्षदों ने प्रस्ताव पारित कर चेयरमैन से ग्रांट की पावर छीन ली थी इसके बाद मंगलवार तक जिन पार्षदों की एस्टीमेट फाइल विभाग में आई हुई थी उन्हें लगभग 4 करोड़ रुपये की राशी जारी की गई है। कुछ पार्षदों की फाइल नहीं आई है। फाइल आते ही उन्हें भी राशी जारी कर दी जाएगी।
- जयवीर यादव, सीईओ जिला परिषद फतेहाबाद।
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। पिछले तीन साल से जिला पार्षदों के ग्रांट सूखे को खत्म करते हुए जिला परिषद ने नए साल पर सभी पार्षदों को ग्रांट का तोहफा देते हुए 18 में से 13 जिला पार्षदों को कुल 3 करोड़ 92 लाख 94 हजार 250 रुपये की ग्रांट मंगलवार को जारी कर दी। उक्त ग्रांट में जिला परिषद की वाइस चेयरमैन कमला भुक्कर को 43 लाख तथा बाकी अन्य पार्षदों को 34-34 लाख रुपये ग्रांट जारी किए गए हैं। हालांकि अभी तक ये बात भी साफ नहीं हो सकी है कि घूस कांड में दो पार्षदों के शामिल होने के चलते वो जेल में हैं, ऐसे में उनके वार्ड में इस ग्रांट को कैसे खर्च किया जा सकेगा।
गौरतलब है कि उक्त ग्रांट जिला परिषद के कुल 16 सदस्यों को जारी की जानी है लेकिन जिला पार्षद राजेश कसवां उनकी पत्नी सुनीता कसवां व भाजपा समर्पित पार्षद अनिल गोरछिया की एस्टीमेट की फाइल नहीं पहुंचने के कारण उन्हें ग्रांट जारी नहीं की गई है। वहीं पार्षदों द्वारा पिछली बैठक में पास किए गए ग्रांट के प्रस्ताव का समर्थन नहीं करने पर जिला परिषद की तत्कालीन चेयरमैन गीता नांगली व युक्ति चौधरी गोदारा को कोई ग्रांट जारी नहीं की गई है। जिला परिषद के चुनाव के तीन साल होने के बाद जिला परिषद ने पहली बार एकमुश्त इतनी बड़ी ग्रांट पार्षदों को जारी की है। जिला परिषद के सीईओ जयबीर यादव ने इसकी पुष्टि की है।
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विदित रहे कि साल 2016 में जिला परिषद के चुनाव होने के बाद जब गीता नांगली जिला परिषद की चेयरमैन बनी थी, तब सभी पार्षदों ने बहुुमत से बिल पास कर ग्रांट वितरित करने का अधिकार गीता नांगली को दिया था। लेकिन इसके बाद भी लंबे समय तक ग्रांट नहीं मिलने से रोषित पार्षदों ने गीता नांगली से ग्रांट वितरित करने की पावर छीन ली थी जिसका 18 में से 16 पार्षदों ने समर्थन किया था। पावर छीनने के प्रस्ताव का समर्थन खुद गीता नांगली तथा वार्ड नंबर 5 से पार्षद युक्ति गोदारा ने नहीं किया था। इसी लिए उक्त दोनों को ग्रांट नहीं दी गई।
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एस्टीमेट फाइल नहीं पहुंचने के कारण तीन पार्षदों को नहीं मिली ग्रांट
तत्कालीन चेयरमैन गीता नांगली से ग्रांट वितरित करने का अधिकार छीनने का प्रस्ताव जिला परिषद की मीटिंग में पास होने के बाद प्रस्ताव का समर्थन करने वाले सभी पार्षदों ने अपने-अपने वार्ड के विकास कार्यों के एस्टीमेट बनाकर विभाग को भेजे थे। लेकिन जिला पार्षद राजेश कसवां उनकी पत्नी सुनीता कसवां व अनिल गोरछिया की एस्टीमेट फाइल विभाग में अभी तक नहीं पहुंची इसलिए उन्हें कोई ग्रांट जारी नहीं कि गई है। अधिकारियों का कहना है कि जैसे ही उनकी फाइल आएगी तुरंत राशी जारी कर दी जाएगी।
गीता नांगली और युक्ति गोदारा को नहीं मिली ग्रांट
बीते दिनों हुई बैठक में पार्षदों ने चेयरमैन गीता नांगली से ग्रांट वितरित करने की पावर छीन ली थी। उक्त प्रस्ताव का समर्थन नहीं करने पर गीता नांगली व युक्ति गोदारा को कोई ग्रांट जारी नहीं की गई है।
इन पार्षदों को मिली ग्रांट
जिन 13 पार्षदों को ग्रांट जारी की गई है उन्हें जिला परिषद की वाइस-चेयरमैन कमला भुक्कर को 43 लाख तथा अन्य पार्षदों को 34-34 लाख रुपये दिए गए हैं। जिन पार्षदों को ग्रांट जारी की गई है उनमें रामदास टिब्बी, मनदीपकौर गिल, रामचंद्र सहनाल, सुशीला सिहाग, अवतार सिंह, जगदीश औड, अजय मेहता, विजेेंद्र सिवाच, सुरजीत औड, बीबो इंदौरा, सतपाल शर्मा व बलजीत कौर शामिल है।
किस ब्लॉक में मिली कितनी ग्रांट
ब्लॉक ग्रांट
भट्टू 40.34 लाख
फतेहाबाद 68.54 लाख
भूना 66.15 लाख
रतिया 1.57 करोड़
जाखल 64.25 लाख
टोहाना 33.98 लाख
नागपुर 13.17 लाख
कुल 3 करोड़ 93 लाख
मीटिंग में पार्षदों ने प्रस्ताव पारित कर चेयरमैन से ग्रांट की पावर छीन ली थी इसके बाद मंगलवार तक जिन पार्षदों की एस्टीमेट फाइल विभाग में आई हुई थी उन्हें लगभग 4 करोड़ रुपये की राशी जारी की गई है। कुछ पार्षदों की फाइल नहीं आई है। फाइल आते ही उन्हें भी राशी जारी कर दी जाएगी।
- जयवीर यादव, सीईओ जिला परिषद फतेहाबाद।