फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   मांगों को लेकर गरजे 26 बैंकों के दो सौ से अधिक कर्मचारी, ढाई सौ करोड़ से अधिक का लेन-देन हुआ प्रभावित

मांगों को लेकर गरजे 26 बैंकों के दो सौ से अधिक कर्मचारी, ढाई सौ करोड़ से अधिक का लेन-देन हुआ प्रभावित

Thu, 27 Dec 2018 12:35 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 27 Dec 2018 12:35 AM IST
विज्ञापन
मांगों को लेकर गरजे 26 बैंकों के दो सौ से अधिक कर्मचारी, ढाई सौ करोड़ से अधिक का लेन-देन हुआ प्रभावित
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

फतेहाबाद। बकाया एनपीए को कम करने एवं बैंक आफ बड़ौदा में देना बैंक व विजया बैंक के विलय के निर्णय को वापस लेने की मांग को लेकर 26 सरकारी बैंकों के दो सौ से अधिक कर्मचारी बुधवार को हड़ताल पर रहे। इसके चलते बैंकों के अंदर कामकाज ठप रहा। फतेहाबाद जिले में विभिन्न 26 सरकारी बैंकों की सौ से अधिक शाखाएं हैं। बैंक कर्मचारियों की हड़ताल के चलते क्लियरिंग हाउस में भी काम नहीं हुआ जिसके चलते जिले में डेढ़ सौ करोड़ से अधिक का लेन-देन प्रभावित हुआ। इसके अलावा विभिन्न बैंकों में डीडी आदि भी क्लियर नहीं हो पाया। लीड बैंक के अधिकारियों की मानें तो औसतन जिले में 70 से 80 करोड़ के डीडी भी चलन में रहते हैं। इससे पहले भी सार्वजनिक अवकाश व हड़ताल के चलते पिछले चार दिन में तीन दिन तक बैंकों में कामकाज ठप था।
एटीएम में भी खत्म हुआ कैश
पिछले चार दिनों से बैंक कर्मियों की हड़ताल व बैंक बंद रहने के चलते शहर के अधिकतर एटीएम में कैश समाप्त हो गया। जिसके चलते लोगों को भी कैश को लेकर खासी परेशानी उठानी पड़ी। पिछले चार दिन में दो दिन रविवार व हड़ताल के चलते बैंक बंद रहे। इसके बाद 24 दिसंबर को एक दिन के लिए बैंक खुले और 25 दिसंबर को बैंकों में क्रिसमस डे का अवकाश था। इसके बाद 26 दिसंबर को एक बार फिर बैंककर्मियों की हड़ताल के चलते 26 को भी एटीएम में कैश नहीं डाला जा सका। और लोगों को बैंकों के माध्यम से भी पैसा नहीं मिल सका। अब 27 दिसंबर को बैंक खुलने के बाद ही लोगों की कैश की समस्या दूर हो सकेगी।
विज्ञापन

यूनाइटेड फॉरम ऑफ बैंकर्स यूनियन ने निकाला रोष मार्च, दी अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
यूनाइटेड फॉरम ऑफ बैंकर्स यूनियन (यूएफबीयू) के बैनर तले बैंक अधिकारी व कर्मचारी संगठनों ने एक दिवसीय राष्ट्रव्यापी हड़ताल के दौरान फतेहाबाद यूनिट के सैकड़ों बैंकर्स ने एसबीआई की मुख्य शाखा अनाजमंडी से चलकर भूना रोड स्थित बैंक ऑफ बड़ौदा तक सरकार के खिलाफ रोष मार्च निकाला। इस हड़ताल का मुख्य मुद्दा सरकारी बैंकों के विलय का विरोध, सरकार की खराब एनपीए नीति तथा लंबित वेतन वृद्धि रहा।
विज्ञापन
विज्ञापन

अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
इस मौके पर अशोक बाघला ने हड़ताल कर रहे कर्मचारियों व अधिकारियों को संबोधित करते हुए सरकार की आर्थिक मोर्चे पर नाकामियां गिनवाईं। उन्होंने कहा कि सरकार यदि हमारी मांगे पूरी नहीं करती है, तो बैंक कर्मचारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर भी जाने से नहीं हिचकेंगे। इस मौके पर एसबीआई से सतीश मीणा, जगदीश मोंगा, प्रदीप, नरेंद्र लाम्बा, सतपाल, दिनेश, शेखर, पवन बंसल, अनिल खलेरी, मैडम भारती, मैडम सिल्की, अंकुर, सुरेश कुमार, भगवान सिंह, उमेद सिंह सांगा, भारतभूषण भाटिया, विनोद रत्ती, पीएनबी बीबी सचदेवा, बीएस सेठी, सुरेश गर्ग, पवन, पीसी मित्तल, अनिल, कॉर्पोरेशन बैंक से रविंद्र, इलाहाबाद बैंक से सूबे सिंह व अन्य सभी सरकारी बैंकों से सैंकड़ों बैंक अधिकारी व कर्मचारियों ने इस हड़ताल में अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई।

वर्जन
सरकारी बैंकों में हड़ताल के चलते जिलेभर में ढाई सौ करोड़ के करीब लेन-देन प्रभावित हुआ है। तकरीबन डेढ़ सौ करोड़ के चेक क्लीयरिंग हाउस में लंबित रहे। इसके अलावा औसतन 70 से 80 करोड़ के डीडी भी बैंकों में क्लियर नहीं हो पाए। उम्मीद है कि वीरवार से दोबारा बैंकों में सामान्य कामकाज शुरू हो सकेगा।
- जीएस मल्होत्रा, लीड बैंक अधिकारी, फतेहाबाद।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed