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भाजपा ने 70 सालों के इतिहास में वंचित वर्गों को उनके अधिकार देने की पहल की
Updated Wed, 06 Sep 2017 12:52 AM IST
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मुक्ति दिवस सम्मेलन के लिए चेयरमैन राजीव जैन ने कई गांवों में किया जनसभाओं को संबोधित
कहा-भाजपा ने 70 सालों के इतिहास में वंचित वर्गों को उनके अधिकार देने की पहल की
- मुक्ति दिवस सम्मेलन में मुख्यमंत्री मनोहर लाल करेंगे नई घोषणाएं
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
हरियाणा की विमुक्त, घुमंतु, अद्र्ध-घुमन्तु एवं टपरीवास जाति मामलों की सलाहकार समिति के चेयरमैन राजीव जैन ने कहा है कि वंचित समुदायों के आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक एवं राजनीतिक विकास के लिए लिए प्रदेश सरकार ने शिक्षा एवं सर्विस सहित कई अन्य क्षेत्रों में ऐसी खास योजनाएं तैयार की है, जिनका ऐलान मुख्यमंत्री मनोहर लाल फतेहाबाद में 10 सितंबर को होने वाले मुक्ति दिवस सम्मेलन में करेंगे। जिला के गांव भिरड़ाना, हिजरावा व स्वामी नगर में विमुक्त, घुमन्तु, अद्र्ध-घुमन्तु एवं टपरीवास समुदायों की जनसभाओं को संबोधित करते हुए यह बात कही।
जैन ने कहा कि देश में इन समुदायों की आबादी लगभग 15 करोड़ है, जिन्हें आजादी के 70 वर्षों के बाद भी इनके अधिकारों से वंचित रखा गया। इसके चलते ये समुदाय काफी दयनीय स्थिति में जीवन-यापन कर रहे हैं और विकास से कोसों दूर हैं।
चेयरमैन राजीव जैन ने कहा कि केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार विमुक्त घुमन्तू, डीनोटीफाइड और नौमेडिक ट्राइब्स को लेकर बनाए गए काले कानूनों को समाप्त कर रही है। डीनोटीफाइड ट्राइब्स के लिए आजादी से पहले भारत में रही ब्रिटिश सरकार ने वर्ष 1871 में एक ऐसा काला कानून बनाया, जिसके अंतर्गत इन लोगों को अपराधी का दर्जा दिया गया। इस कानून के मुताबिक जो बच्चा इन वर्गों में जन्म लेता, वह जन्म लेते ही अपराधी और गुनेहगार कहलाता था। इस काले कानून में ऐसे प्रावधान थे कि इन समुदायों को कहीं घूमने-फिरने की भी इजाजत नहीं थी। सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस यदि एक बार इन्हें सजा सुना देता था, तो वही आखिरी फैसला माना जाता था। इन्हें कोर्ट में जाने का कोई अधिकार नहीं था। यदि इन्हें एक गांव से दूसरे गांव जाना होता था तो इन्हें वहां की पुलिस में अपना नाम दर्ज कराना पड़ता था। हरियाणा प्रदेश ऐसा पहला प्रदेश बना है जिसने पूरे देश में विमुक्त-घुमंतु समुदायों के संबंध में आभ्यासिक अपराधी अधिनियम (हैबिच्यूअल ऑफेंडर एक्ट) को समाप्त करने की पहल की। इसके अतिरिक्त हरियाणा सरकार ने अपने गठन के बाद विमुक्त-घुमंतु समुदायों को स्थायी तौर पर बसाने की पहल करने जैसे अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए है।
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अपराधी नहीं स्वतंत्रता सेनानी थी डीनोटीफाइड और नौमेडिक ट्राइब्स-
जनसभाओं को संबोधित करते हुए चेयरमैन राजीव जैन ने कहा कि दरअसल डीनोटीफाइड और नौमेडिक ट्राइब्स के लोग अपराधी नहीं बल्कि स्वतंत्रता सैनानी थे। उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई लड़ने वाले 30 हजार लोगों को जब तीस हजारी कोर्ट में फांसी पर चढ़ाया गया था, उनमें 70 प्रतिशत लोग डीनोटीफाइड नोमेडिक ट्राइब्स के लोग थे। दुर्भाग्यवश पूर्व की सरकारों ने इन समुदायों के लोगों को अपराधी ही समझा और इन्हें इनके अधिकारों से वंचित रखा।
70 सालों में समुदायों के किसी कार्यक्रम में शामिल होने वाले वाले पहले मुख्यमंत्री होंगे मनोहर लाल:-
आगामी 10 सितंबर को नई अनाज मंडी में आयोजित किए जाने वाला राज्य स्तरीय मुक्ति दिवस सम्मेलन कई मामलों में एतिहासिक होगा। 70 साल के इतिहास में यह पहला अवसर है जब कोई मुख्यमंत्री इन समुदायों के कार्यक्रम में शामिल होने जा रहा है।
पारंपरिक परिधानों में ऊंटों के काफिलों के साथ मुक्ति दिवस सम्मेलन में पहुंचेंगे घुमंतु समाज के लोग-
विमुक्त-घुमंतु विकास बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. बलवान सिंह सांसी ने कहा कि मुक्ति दिवस सम्मेलन में हरियाणा के विभिन्न जिलों से विमुक्त, घुमन्तु, अद्र्ध-घुमन्तु एवं टपरीवास समुदाय के लोग अपने पारंपरिक परिधानों में ऊंटों के काफिलों के साथ ढोल, नगाड़ों, बीन व सारंगी की धुन बजाते हुए फतेहाबाद में पहुंचेंगे।
भाजपा जिलाध्यक्ष वेद फुलां ने कहा किविमुक्त-घुमंतु जातियों को स्थायित्व प्रदान करने के उद्देश्य से हरियाणा प्रदेश में उनके राशन कार्ड, पहचान पत्र व आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया भी आरंभ की गई है। उन्होंने कहा कि मुक्ति दिवस सम्मेलन में विमुक्त, घुमन्तु, अद्र्ध-घुमन्तु एवं टपरीवास समुदाय को विशेष दर्जा देकर केंद्र सरकार से इन्हें अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में शामिल करवाने बारे मुख्यमंत्री मनोहर लाल बड़ी घोषणा कर सकते हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री इन समुदायों के उत्थान के साथ-साथ जिला के चहुंमुखी विकास के लिए भी अन्य कई प्रकार की घोषणाएं करेंगे।
06,07 आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हरियाणा की विमुक्त, घुमन्तु, अद्र्ध-घुमन्तु एवं टपरीवास जाति मामलों की सलाहकार समिति के चेयरमैन राजीव जैन।
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कहा-भाजपा ने 70 सालों के इतिहास में वंचित वर्गों को उनके अधिकार देने की पहल की
- मुक्ति दिवस सम्मेलन में मुख्यमंत्री मनोहर लाल करेंगे नई घोषणाएं
अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद।
हरियाणा की विमुक्त, घुमंतु, अद्र्ध-घुमन्तु एवं टपरीवास जाति मामलों की सलाहकार समिति के चेयरमैन राजीव जैन ने कहा है कि वंचित समुदायों के आर्थिक, सामाजिक, शैक्षणिक एवं राजनीतिक विकास के लिए लिए प्रदेश सरकार ने शिक्षा एवं सर्विस सहित कई अन्य क्षेत्रों में ऐसी खास योजनाएं तैयार की है, जिनका ऐलान मुख्यमंत्री मनोहर लाल फतेहाबाद में 10 सितंबर को होने वाले मुक्ति दिवस सम्मेलन में करेंगे। जिला के गांव भिरड़ाना, हिजरावा व स्वामी नगर में विमुक्त, घुमन्तु, अद्र्ध-घुमन्तु एवं टपरीवास समुदायों की जनसभाओं को संबोधित करते हुए यह बात कही।
जैन ने कहा कि देश में इन समुदायों की आबादी लगभग 15 करोड़ है, जिन्हें आजादी के 70 वर्षों के बाद भी इनके अधिकारों से वंचित रखा गया। इसके चलते ये समुदाय काफी दयनीय स्थिति में जीवन-यापन कर रहे हैं और विकास से कोसों दूर हैं।
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चेयरमैन राजीव जैन ने कहा कि केंद्र व प्रदेश की भाजपा सरकार विमुक्त घुमन्तू, डीनोटीफाइड और नौमेडिक ट्राइब्स को लेकर बनाए गए काले कानूनों को समाप्त कर रही है। डीनोटीफाइड ट्राइब्स के लिए आजादी से पहले भारत में रही ब्रिटिश सरकार ने वर्ष 1871 में एक ऐसा काला कानून बनाया, जिसके अंतर्गत इन लोगों को अपराधी का दर्जा दिया गया। इस कानून के मुताबिक जो बच्चा इन वर्गों में जन्म लेता, वह जन्म लेते ही अपराधी और गुनेहगार कहलाता था। इस काले कानून में ऐसे प्रावधान थे कि इन समुदायों को कहीं घूमने-फिरने की भी इजाजत नहीं थी। सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस यदि एक बार इन्हें सजा सुना देता था, तो वही आखिरी फैसला माना जाता था। इन्हें कोर्ट में जाने का कोई अधिकार नहीं था। यदि इन्हें एक गांव से दूसरे गांव जाना होता था तो इन्हें वहां की पुलिस में अपना नाम दर्ज कराना पड़ता था। हरियाणा प्रदेश ऐसा पहला प्रदेश बना है जिसने पूरे देश में विमुक्त-घुमंतु समुदायों के संबंध में आभ्यासिक अपराधी अधिनियम (हैबिच्यूअल ऑफेंडर एक्ट) को समाप्त करने की पहल की। इसके अतिरिक्त हरियाणा सरकार ने अपने गठन के बाद विमुक्त-घुमंतु समुदायों को स्थायी तौर पर बसाने की पहल करने जैसे अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए है।
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अपराधी नहीं स्वतंत्रता सेनानी थी डीनोटीफाइड और नौमेडिक ट्राइब्स-
जनसभाओं को संबोधित करते हुए चेयरमैन राजीव जैन ने कहा कि दरअसल डीनोटीफाइड और नौमेडिक ट्राइब्स के लोग अपराधी नहीं बल्कि स्वतंत्रता सैनानी थे। उन्होंने कहा कि आजादी की लड़ाई लड़ने वाले 30 हजार लोगों को जब तीस हजारी कोर्ट में फांसी पर चढ़ाया गया था, उनमें 70 प्रतिशत लोग डीनोटीफाइड नोमेडिक ट्राइब्स के लोग थे। दुर्भाग्यवश पूर्व की सरकारों ने इन समुदायों के लोगों को अपराधी ही समझा और इन्हें इनके अधिकारों से वंचित रखा।
70 सालों में समुदायों के किसी कार्यक्रम में शामिल होने वाले वाले पहले मुख्यमंत्री होंगे मनोहर लाल:-
आगामी 10 सितंबर को नई अनाज मंडी में आयोजित किए जाने वाला राज्य स्तरीय मुक्ति दिवस सम्मेलन कई मामलों में एतिहासिक होगा। 70 साल के इतिहास में यह पहला अवसर है जब कोई मुख्यमंत्री इन समुदायों के कार्यक्रम में शामिल होने जा रहा है।
पारंपरिक परिधानों में ऊंटों के काफिलों के साथ मुक्ति दिवस सम्मेलन में पहुंचेंगे घुमंतु समाज के लोग-
विमुक्त-घुमंतु विकास बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. बलवान सिंह सांसी ने कहा कि मुक्ति दिवस सम्मेलन में हरियाणा के विभिन्न जिलों से विमुक्त, घुमन्तु, अद्र्ध-घुमन्तु एवं टपरीवास समुदाय के लोग अपने पारंपरिक परिधानों में ऊंटों के काफिलों के साथ ढोल, नगाड़ों, बीन व सारंगी की धुन बजाते हुए फतेहाबाद में पहुंचेंगे।
भाजपा जिलाध्यक्ष वेद फुलां ने कहा किविमुक्त-घुमंतु जातियों को स्थायित्व प्रदान करने के उद्देश्य से हरियाणा प्रदेश में उनके राशन कार्ड, पहचान पत्र व आधार कार्ड बनाने की प्रक्रिया भी आरंभ की गई है। उन्होंने कहा कि मुक्ति दिवस सम्मेलन में विमुक्त, घुमन्तु, अद्र्ध-घुमन्तु एवं टपरीवास समुदाय को विशेष दर्जा देकर केंद्र सरकार से इन्हें अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में शामिल करवाने बारे मुख्यमंत्री मनोहर लाल बड़ी घोषणा कर सकते हैं। इसके अलावा मुख्यमंत्री इन समुदायों के उत्थान के साथ-साथ जिला के चहुंमुखी विकास के लिए भी अन्य कई प्रकार की घोषणाएं करेंगे।
06,07 आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हरियाणा की विमुक्त, घुमन्तु, अद्र्ध-घुमन्तु एवं टपरीवास जाति मामलों की सलाहकार समिति के चेयरमैन राजीव जैन।