फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Fatehabad News ›   सैशन कोर्ट ने हेरोइन तस्करी में पकड़ी गई महिला का रिमांड देने से किया इंकार, निचली कोर्ट के आदेशों को रखा बरकरार

सैशन कोर्ट ने हेरोइन तस्करी में पकड़ी गई महिला का रिमांड देने से किया इंकार, निचली कोर्ट के आदेशों को रखा बरकरार

Sat, 08 Sep 2018 12:24 AM IST
Updated Sat, 08 Sep 2018 12:24 AM IST
विज्ञापन
सैशन कोर्ट ने हेरोइन तस्करी में पकड़ी गई महिला का रिमांड देने से किया इंकार, निचली कोर्ट के आदेशों को रखा बरकरार
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन

फतेहाबाद। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुमित गर्ग की अदालत ने हेरोइन तस्करी के मामले में पकड़ी गई एक महिला को पुलिस रिमांड देने के मामले में निचली अदालत के फैसले को बरकरार रखते हुए रिमांड देने से मना कर दिया। इस मामले में पुलिस की ओर से सेशन कोर्ट में रिवीजन पिटीशन दायर की थी।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, रतिया पुलिस ने रतिया की वार्ड नम्बर-12 में स्थित शिमला कालोनी निवासी संदीप कौर को 29 अगस्त 2018 को 15 ग्राम हेरोइन सहित काबू करके उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। पुलिस ने न्यायिक दंडाधिकारी सुमित तुरकिया की कोर्ट में पेश किया था, जहां अदालत से महिला का एक दिन का रिमांड मांगा गया था। पुलिस ने अदालत में यह कहते हुए पुलिस रिमांड की मांग की थी कि आरोपी संदीप कौर ने पुलिस पूछताछ में बताया है कि उसने दो दिन पहले ही किसी नाइजीरियन से हेरोइन खरीदी थी। पुलिस आरोपी का रिमांड लेकर नाइजीरियन इस मामले में पकड़ना चाहती थी। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के पश्चात आरोपी का पुलिस रिमांड देने से इंकार कर दिया था। सत्र न्यायालय में नोटिस के बाद आरोपी संदीप कौर पुलिस कस्टडी में पेश हुई। अदालत में पब्लिक प्रोसक्यूटर का कहना था कि एसआई टेकचंद ने पुलिस रिमांड के लिए दरखास्त दी थी। वह पुलिस रिमांड मांगने के लिए क्वालीफाइड और कम्पीटेंट है। पुलिस ने आरोपी को दो दिन के पुलिस रिमांड पर देने की मांग की थी। अदालत ने कहा कि एसआई टेकचंद जिस केस में रिमांड मांगा वह उस केस का आईओ नहीं था और उसका रेंक भी सब-इंस्पेक्टर का है। रिकार्ड में यह कहीं नहीं है कि वह उस दिन रतिया पुलिस थाना में एक्टिंग एसएचओ के रूप में कार्य कर रहा था। इसलिए महिला का रिमांड नहीं दिया जाएगा। इसके बाद पुलिस की ओर से पब्लिक प्रोसक्यूटर ने न्यायिक दंडाधिकारी के आदेश के खिलाफ एक रिवीजन पिटीशन सत्र न्यायालय में दायर कर दी। अब अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुमित गर्ग की अदालत ने निचली अदालत के तर्क को सही ठहराते हुए अदालत का फैसला बरकरार रखा और पुलिस को महिला का रिमांड देने से इंकार कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed