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एक ही दिन में 105 एमएम बारिश ने मचाई तबाही
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तुलदीदास चौक पर भारी जलभराव के बीच जाते लोग।
- फोटो : Fatehabad
फतेहाबाद/टोहाना/रतिया/भूना/कुलां/भट्टू। शनिवार को हुई भारी बारिश ने जिले के अनेक गांवों में फसलों भारी तबाही मचाई है। खेतों में जलभराव होने व तेज हवाओं के कारण जिले में फसलों को 30 फीसदी नुकसान हुआ है। बाजरा, धान, नरमा, कपास, गन्ना व धान की अगेती फसल इस बारिश की भेंट चढ़ गई हैैं। शनिवार को पूरे जिले में 105 एमएम बारिश रिकॉर्ड की गई है। सबसे अधिक बारिश रतिया में हुई है।
फतेेहाबाद में बुधवार व शुक्रवार को अच्छी खासी बारिश हुई थी। शनिवार को लगातार घंटों तक हुई रिकॉर्ड तोड़ बारिश तो किसानों पर कहर बनकर आई है। बारिश के कारण फतेहाबाद क्षेत्र के गांव मानावाली, बनगांव, बड़ोपल, भोडियाखेड़ा, बीघड़, भिरडाना, चपलामोरी, मताना, बड़ोपल, खाराखेड़ी, चिंदड़, धांगड़, एमपी रोही, भोडा होसनाक में खेतों में भयंकर जलभराव हुआ है। इस बारिश के कारण बचीखुची नरमा की फसल भी बर्बाद हो गई। यहां गन्ने की फसल को भी नुकसान हुआ है। बाजरे के दानों में पानी भरने से बाजरे की फसल को भी भारी नुकसान हुआ है। वहीं धान की अगेती फसल को भी इस बारिश से नुकसान बताया जा रहा है। भट्टूकलां में पहले से ही जलभराव के कारण फसलें खराब हुई थीं, इस बारिश के बाद इस क्षेत्र की नरमा की फसल पूरी तरह से चौपट हो गई है और ग्वार व बाजरे को काफी नुकसान हुआ है।
नरमा का टिंडा बाजरे के सिट्टों में पानी जाने से नुकसान
गांव मताना के किसान विनोद कुमार, बड़ोपल के किसान इंद्र बिश्नोई, मानावाली के रामस्वरूप, चिंदड़ के हरिराम ने बताया कि पहले हुई बारिश के कारण उनकी नरमा की फसल खराब हो गई थी। अब जो फसल बची थी, वह इस बारिश के कारण नष्ट हो गई है। खेतों में पानी होने के कारण नरमा का टिंडा गल जाएगा और नरमा नहीं निकलेगा। इस बारिश के कारण बाजरे को भी नुकसान हुआ है। पके हुए बाजरे के सिट्टों में पानी जाने से दाना काला पड़ेगा और वह पौधे पर ही दोबारा उगना शुरू हो जाएगा और खाने लायक नहीं रहेगा। उन्होंने बताया कि धान की अगेती फसल, जिस पर बाल आ गई है, उसको भी इस बारिश से नुकसान हुआ है। इससे धान की क्वालिटी खराब हो जाएगी और किसानों को अच्छे दाम नहीं मिलेंगे।
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दो दिनों से हो रही बारिश से फसलों में भरा पानी
टोहाना के समैन क्षेत्र में शुक्रवार व शनिवार को हुई तेज बारिश से धान व नरमे की फसलों को बड़ा नुकसान पहुंचा है। बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान धान की अगेती तैयार फसलों को हुआ है। खंड के गांव समैन, कन्हड़ी, ललोदा, डांगरा, भीमेवाला, लोहाखेड़ा, बिढाई खेड़ा सहित आसपास के गांवों में बारिश से धान की तैयार फसलों में जलभराव होने से जमीन पर बिछ गई है। गांव ललोदा के किसान सोनू, गुरमीत सिंह, अमरीक सिंह, दलीप सिंह, महेंद्र सिंह, हरपाल सिंह, जस्सा सिंह ने कहा कि बारिश ने उनकी धान की फसलें पूरी तरह से खराब हो गई है। फसलें पककर तैयार थी। पिछले दो दिनों से हो रही बारिश से फसलों में पानी भर गया है, जिससे फसलें नीचे जमीन पर गिर गई हैं।
कुलां क्षेत्र में धान को 20 फीसदी नुकसान
कुलां क्षेत्र में बारिश का क्रम तीन दिन से जारी है। शनिवार को तो भारी बारिश हुई है। बेमौसम बारिश से किसानों के मस्तक पर बल पड़ गए हैं। बारिश के चलते खेतों में तैयार खड़ी धान की फसल बिछ गई है। टोहाना खंड कृषि अधिकारी मुकेश मेहला ने बताया कि बारिश के चलते खेतों में खड़ी धान की फसल को नुकसान हुआ है। कृषि विभाग के कर्मचारी सर्वे कर रहे हैं। अभी तक 15 से 20 फीसदी फसल नुकसान का अनुमान है। बाकी सर्वे के बाद ही नुकसान का सही आंकलन किया जा सकता है।
कोट
तीन दिन लगातार बारिश हुई है, जिस कारण बाजरा, नरमा, गन्ना व धान की अगेती फसल को नुकसान हुआ है। अगर बारिश जारी रही तो फसलों को अधिक नुकसान होगा। कृषि विभाग फसलों में हुए खराबे का आंकलन कर रहा है।
-डॉ. राजेश सिहाग, उपनिदेशक, कृषि विभाग, फतेहाबाद।
जिले में शनिवार को खंड वाइज हुई बारिश का ब्योरा
खंड बारिश
फतेहाबाद 167
रतिया 176
टोहाना 40
भट्टूकलां 51
भूना 152
कुलां 95
जाखल 54
नोट: आंकड़ा एमएम में है।
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फतेेहाबाद में बुधवार व शुक्रवार को अच्छी खासी बारिश हुई थी। शनिवार को लगातार घंटों तक हुई रिकॉर्ड तोड़ बारिश तो किसानों पर कहर बनकर आई है। बारिश के कारण फतेहाबाद क्षेत्र के गांव मानावाली, बनगांव, बड़ोपल, भोडियाखेड़ा, बीघड़, भिरडाना, चपलामोरी, मताना, बड़ोपल, खाराखेड़ी, चिंदड़, धांगड़, एमपी रोही, भोडा होसनाक में खेतों में भयंकर जलभराव हुआ है। इस बारिश के कारण बचीखुची नरमा की फसल भी बर्बाद हो गई। यहां गन्ने की फसल को भी नुकसान हुआ है। बाजरे के दानों में पानी भरने से बाजरे की फसल को भी भारी नुकसान हुआ है। वहीं धान की अगेती फसल को भी इस बारिश से नुकसान बताया जा रहा है। भट्टूकलां में पहले से ही जलभराव के कारण फसलें खराब हुई थीं, इस बारिश के बाद इस क्षेत्र की नरमा की फसल पूरी तरह से चौपट हो गई है और ग्वार व बाजरे को काफी नुकसान हुआ है।
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नरमा का टिंडा बाजरे के सिट्टों में पानी जाने से नुकसान
गांव मताना के किसान विनोद कुमार, बड़ोपल के किसान इंद्र बिश्नोई, मानावाली के रामस्वरूप, चिंदड़ के हरिराम ने बताया कि पहले हुई बारिश के कारण उनकी नरमा की फसल खराब हो गई थी। अब जो फसल बची थी, वह इस बारिश के कारण नष्ट हो गई है। खेतों में पानी होने के कारण नरमा का टिंडा गल जाएगा और नरमा नहीं निकलेगा। इस बारिश के कारण बाजरे को भी नुकसान हुआ है। पके हुए बाजरे के सिट्टों में पानी जाने से दाना काला पड़ेगा और वह पौधे पर ही दोबारा उगना शुरू हो जाएगा और खाने लायक नहीं रहेगा। उन्होंने बताया कि धान की अगेती फसल, जिस पर बाल आ गई है, उसको भी इस बारिश से नुकसान हुआ है। इससे धान की क्वालिटी खराब हो जाएगी और किसानों को अच्छे दाम नहीं मिलेंगे।
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दो दिनों से हो रही बारिश से फसलों में भरा पानी
टोहाना के समैन क्षेत्र में शुक्रवार व शनिवार को हुई तेज बारिश से धान व नरमे की फसलों को बड़ा नुकसान पहुंचा है। बारिश से सबसे ज्यादा नुकसान धान की अगेती तैयार फसलों को हुआ है। खंड के गांव समैन, कन्हड़ी, ललोदा, डांगरा, भीमेवाला, लोहाखेड़ा, बिढाई खेड़ा सहित आसपास के गांवों में बारिश से धान की तैयार फसलों में जलभराव होने से जमीन पर बिछ गई है। गांव ललोदा के किसान सोनू, गुरमीत सिंह, अमरीक सिंह, दलीप सिंह, महेंद्र सिंह, हरपाल सिंह, जस्सा सिंह ने कहा कि बारिश ने उनकी धान की फसलें पूरी तरह से खराब हो गई है। फसलें पककर तैयार थी। पिछले दो दिनों से हो रही बारिश से फसलों में पानी भर गया है, जिससे फसलें नीचे जमीन पर गिर गई हैं।
कुलां क्षेत्र में धान को 20 फीसदी नुकसान
कुलां क्षेत्र में बारिश का क्रम तीन दिन से जारी है। शनिवार को तो भारी बारिश हुई है। बेमौसम बारिश से किसानों के मस्तक पर बल पड़ गए हैं। बारिश के चलते खेतों में तैयार खड़ी धान की फसल बिछ गई है। टोहाना खंड कृषि अधिकारी मुकेश मेहला ने बताया कि बारिश के चलते खेतों में खड़ी धान की फसल को नुकसान हुआ है। कृषि विभाग के कर्मचारी सर्वे कर रहे हैं। अभी तक 15 से 20 फीसदी फसल नुकसान का अनुमान है। बाकी सर्वे के बाद ही नुकसान का सही आंकलन किया जा सकता है।
कोट
तीन दिन लगातार बारिश हुई है, जिस कारण बाजरा, नरमा, गन्ना व धान की अगेती फसल को नुकसान हुआ है। अगर बारिश जारी रही तो फसलों को अधिक नुकसान होगा। कृषि विभाग फसलों में हुए खराबे का आंकलन कर रहा है।
-डॉ. राजेश सिहाग, उपनिदेशक, कृषि विभाग, फतेहाबाद।
जिले में शनिवार को खंड वाइज हुई बारिश का ब्योरा
खंड बारिश
फतेहाबाद 167
रतिया 176
टोहाना 40
भट्टूकलां 51
भूना 152
कुलां 95
जाखल 54
नोट: आंकड़ा एमएम में है।

जलभराव में बाइक बंद होने पर घसीटकर ले जाते बाइक चालक।- फोटो : Fatehabad

गांव ललोदा में धान के खेत में घुसा पानी व बिछी धान की फसल।- फोटो : Fatehabad