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फर्जी डिग्री मामले में सस्पेंड हुई समैण की सरपंच को मिला पदभार
Updated Thu, 08 Feb 2018 12:05 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
टोहाना।
फर्जी डिग्री मामले में सस्पेंड हो चुकी गांव समैण की सरपंच सोनिल को खंड पंचायत एवं विकास विभाग की ओर से पुण्य सरपंच का चार्ज दे दिया है। जिसको लेकर विभाग की ओर से पत्र भी सरपंच को जारी कर दिया है। जिसमें सरपंच को हाईकोर्ट के निर्णयानुसार चार्ज की बात कही गई है।
गांव की सरपंच सोनिल को बीडीपीओ कार्यालय से पत्र जारी किया गया है। जिसमें लिखा गया है कि उपायुक्त फतेहाबाद के कार्यालय से 25 जनवरी को प्राप्त हुए पत्र के अनुसार गांव समैण की पदमुक्त हो चुकी सरपंच सोनिल ने माननीय पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में सिविल रिट नंबर 1403 दायर की थी। जिस पर सुनवाई करते हुए माननीय न्यायालय द्वारा 23 जनवरी को उपायुक्त फतेहाबाद, वित्तायुक्त एवं प्रधानसचिव हरियाणा सरकार विकास एवं पंचायत विकास चंडीगढ़ के पदमुक्त के आदेशों पर स्टे दिया है। जिसके बाद जिला उपायुक्त द्वारा 6 फरवरी को आदेश दिए गए कि गांव समैण का समस्त रिकार्ड एंव चल-अचल संपत्ति का चार्ज तुरंत प्रभाव से सोनिल को देने के बाद रिपोर्ट करे। जिसका चार्ज गांव के सचिव रामफल से लेकर सरपंच को दिया जाए।
गांव में चुनाव भी टल गया था 4 फरवरी का
खंड पंचायत एवं विकास विभाग की ओर से पदमुक्त हो चुकी गांव की सरपंच के पद के लिए 4 फरवरी को चुनाव होने निश्चित किए गए थे लेकिन 23 जनवरी को सरपंच द्वारा स्टे लेने के बाद ये चुनाव भी नहीं करवाए गए थे। हालंाकि इन चुनावों में पहली बार नोटा के बटन का भी प्रयोग किया जाना था, लेकिन 4 फरवरी को चुनावों को भी रद्द कर दिया गया था।
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कलस्टर गांव में बाधित हो रहे थे विकास कार्य
गौरतलब है कि गांव समैण को केंद्र सरकार द्वारा कलस्टर के तहत विकास कार्यों के लिए चयनित किया गया था। जिसमें लगभग 120 करोड़ की लागत से विकास कार्य करवाए जाने थे, लेकिन गांव में सरपंच का पद खली होने के कारण विकास कार्यों में बाधा का सामना करना पड़ रहा था। गांव के सरपंच सोनिल के फर्जी डिग्री मामले में सस्पेंड होने के बाद चार्ज ग्राम सचिव रामफल को दिया गया था, लेकिन अब सरपंच को दोबारा चार्ज मिलने के बाद ग्रामीणों को विकास कार्यों की उम्मीद जगी है।
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टोहाना।
फर्जी डिग्री मामले में सस्पेंड हो चुकी गांव समैण की सरपंच सोनिल को खंड पंचायत एवं विकास विभाग की ओर से पुण्य सरपंच का चार्ज दे दिया है। जिसको लेकर विभाग की ओर से पत्र भी सरपंच को जारी कर दिया है। जिसमें सरपंच को हाईकोर्ट के निर्णयानुसार चार्ज की बात कही गई है।
गांव की सरपंच सोनिल को बीडीपीओ कार्यालय से पत्र जारी किया गया है। जिसमें लिखा गया है कि उपायुक्त फतेहाबाद के कार्यालय से 25 जनवरी को प्राप्त हुए पत्र के अनुसार गांव समैण की पदमुक्त हो चुकी सरपंच सोनिल ने माननीय पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में सिविल रिट नंबर 1403 दायर की थी। जिस पर सुनवाई करते हुए माननीय न्यायालय द्वारा 23 जनवरी को उपायुक्त फतेहाबाद, वित्तायुक्त एवं प्रधानसचिव हरियाणा सरकार विकास एवं पंचायत विकास चंडीगढ़ के पदमुक्त के आदेशों पर स्टे दिया है। जिसके बाद जिला उपायुक्त द्वारा 6 फरवरी को आदेश दिए गए कि गांव समैण का समस्त रिकार्ड एंव चल-अचल संपत्ति का चार्ज तुरंत प्रभाव से सोनिल को देने के बाद रिपोर्ट करे। जिसका चार्ज गांव के सचिव रामफल से लेकर सरपंच को दिया जाए।
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गांव में चुनाव भी टल गया था 4 फरवरी का
खंड पंचायत एवं विकास विभाग की ओर से पदमुक्त हो चुकी गांव की सरपंच के पद के लिए 4 फरवरी को चुनाव होने निश्चित किए गए थे लेकिन 23 जनवरी को सरपंच द्वारा स्टे लेने के बाद ये चुनाव भी नहीं करवाए गए थे। हालंाकि इन चुनावों में पहली बार नोटा के बटन का भी प्रयोग किया जाना था, लेकिन 4 फरवरी को चुनावों को भी रद्द कर दिया गया था।
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कलस्टर गांव में बाधित हो रहे थे विकास कार्य
गौरतलब है कि गांव समैण को केंद्र सरकार द्वारा कलस्टर के तहत विकास कार्यों के लिए चयनित किया गया था। जिसमें लगभग 120 करोड़ की लागत से विकास कार्य करवाए जाने थे, लेकिन गांव में सरपंच का पद खली होने के कारण विकास कार्यों में बाधा का सामना करना पड़ रहा था। गांव के सरपंच सोनिल के फर्जी डिग्री मामले में सस्पेंड होने के बाद चार्ज ग्राम सचिव रामफल को दिया गया था, लेकिन अब सरपंच को दोबारा चार्ज मिलने के बाद ग्रामीणों को विकास कार्यों की उम्मीद जगी है।