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एनएचएम कर्मचारियों ने शुरू की दो दिन की हड़ताल
Updated Wed, 06 Dec 2017 12:19 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
फतेहाबाद। अपनी मांगों को लेकर मंगलवार को जिलेभर के एनएचएम कर्मचारी हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों ने फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में दो दिवसीय धरना दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगे नहीं मानी गई तो वह अनिश्चतिकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। वहीं कर्मचारियों की हड़ताल का स्वास्थ्य सेवाओं पर गहरा असर पड़ा। एंबुलेंस सेवा काफी प्रभावित रही, जिस कारण डीसी कार्यालय के चालकों ने एंबुलेंस चलाई। अन्य विभागों के कर्मचारियों ने कंट्रोल रूम संभाला। एनएचएम के कर्मचारियों के कार्यालयों में लगभग कुर्सियां खाली नजर आई।
नागरिक हस्पताल फतेहाबाद में एनएचएम कर्मचारियों ने मंगलवार को अपनी मांगों को लेकर दो दिन की हड़ताल शुरू की। एनएचएम कर्मचारी एसोसिशन के जिला प्रधान कौशल व उपप्रधान कुलदीप ने बताया की फतेहाबाद जिले के 430 एनएचएम कर्मचारी व प्रदेश के 12500 एनएचएम कर्मचारी दो दिन की हड़ताल पर है। उन्होंने बताया कि जिले में एनएचएम के तहत 150 एएनएम, 33 इएमटी, 40 चालक, 77 स्टाफ नर्स, 20 इंफोरमेशन सहायक, 32 आरबीएसके स्टाफ, 30 कंप्यूटर ऑप्रेटर, 5 फार्मासिस्ट, 5 एलटी तथा 38 अन्य स्टाफ के सदस्य कार्यरत हैं। प्रधान कौशल ने बताया की यूनियन का एक प्रतिनिधिमंडल 20 अक्तूबर को मुख्यमंत्री से मिला था।
मुख्यमंत्री ने उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई कसा आश्वासन दिया था। मुख्यमंत्री के आश्वासन के बावजूद स्वास्थय विभाग के उच्च अधिकारियों ने उनकी मांगों पर कोई गौर नहीं किया है। वह पिछले लंबे समय से एनएचएम कर्मचारियों को नियमित करने, समान काम-समान वेतन व 7वें वेतन आयोग थका लाभ देने की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। जिला प्रधान कौशल ने बताया की सरकार ने एनएचएम कर्मचारियों की शीघ्र सुध नहीं ली तो कर्मचारी अपने इस हड़ताल को अनिश्चतकालीन हड़ताल में बदल देंगे।
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डीसी आफिस से बुलाने पड़े चालक
एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल के कारण एंबुलेंस सेवा खासी प्रभावित दिखाई दी। चालक न होने के कारण डीसी आफिस से चालक बुलाने पड़े और उन्होंने एंबुलेंस चलाई। मंगल-वार को कंट्रोल रूम में एंबुलेंस के लिए करीब 30 से 35 काल आई। अस्पताल में वर्कलोड को कम करने के जिन सीएचसी व पीएचसी पर काम का बोझ कम है, वहां से कर्मचारी बुलाए गए। एनएचएम के तहत लगे कर्मचारियों के कार्यालयों की लगभग कुर्सियां खाली मिली। प्रशासन को अन्य विभागों से कर्मचारी बुलाकर काम चलाना पड़ा। वहीं एंबुलेंस सेवा के लिए बाबा फरीद वेलफेयर सोसायटी की दो एंबुलेंस भी सिविल अस्पताल में तैनात रही। एंबुलेंस परिचालन कम होने के कारण अधिकत्तर मरीजों को निजी वाहनों से घर जाना पड़ा।
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फतेहाबाद। अपनी मांगों को लेकर मंगलवार को जिलेभर के एनएचएम कर्मचारी हड़ताल पर रहे। कर्मचारियों ने फतेहाबाद के नागरिक अस्पताल में दो दिवसीय धरना दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांगे नहीं मानी गई तो वह अनिश्चतिकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे। वहीं कर्मचारियों की हड़ताल का स्वास्थ्य सेवाओं पर गहरा असर पड़ा। एंबुलेंस सेवा काफी प्रभावित रही, जिस कारण डीसी कार्यालय के चालकों ने एंबुलेंस चलाई। अन्य विभागों के कर्मचारियों ने कंट्रोल रूम संभाला। एनएचएम के कर्मचारियों के कार्यालयों में लगभग कुर्सियां खाली नजर आई।
नागरिक हस्पताल फतेहाबाद में एनएचएम कर्मचारियों ने मंगलवार को अपनी मांगों को लेकर दो दिन की हड़ताल शुरू की। एनएचएम कर्मचारी एसोसिशन के जिला प्रधान कौशल व उपप्रधान कुलदीप ने बताया की फतेहाबाद जिले के 430 एनएचएम कर्मचारी व प्रदेश के 12500 एनएचएम कर्मचारी दो दिन की हड़ताल पर है। उन्होंने बताया कि जिले में एनएचएम के तहत 150 एएनएम, 33 इएमटी, 40 चालक, 77 स्टाफ नर्स, 20 इंफोरमेशन सहायक, 32 आरबीएसके स्टाफ, 30 कंप्यूटर ऑप्रेटर, 5 फार्मासिस्ट, 5 एलटी तथा 38 अन्य स्टाफ के सदस्य कार्यरत हैं। प्रधान कौशल ने बताया की यूनियन का एक प्रतिनिधिमंडल 20 अक्तूबर को मुख्यमंत्री से मिला था।
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मुख्यमंत्री ने उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई कसा आश्वासन दिया था। मुख्यमंत्री के आश्वासन के बावजूद स्वास्थय विभाग के उच्च अधिकारियों ने उनकी मांगों पर कोई गौर नहीं किया है। वह पिछले लंबे समय से एनएचएम कर्मचारियों को नियमित करने, समान काम-समान वेतन व 7वें वेतन आयोग थका लाभ देने की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही। जिला प्रधान कौशल ने बताया की सरकार ने एनएचएम कर्मचारियों की शीघ्र सुध नहीं ली तो कर्मचारी अपने इस हड़ताल को अनिश्चतकालीन हड़ताल में बदल देंगे।
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डीसी आफिस से बुलाने पड़े चालक
एनएचएम कर्मचारियों की हड़ताल के कारण एंबुलेंस सेवा खासी प्रभावित दिखाई दी। चालक न होने के कारण डीसी आफिस से चालक बुलाने पड़े और उन्होंने एंबुलेंस चलाई। मंगल-वार को कंट्रोल रूम में एंबुलेंस के लिए करीब 30 से 35 काल आई। अस्पताल में वर्कलोड को कम करने के जिन सीएचसी व पीएचसी पर काम का बोझ कम है, वहां से कर्मचारी बुलाए गए। एनएचएम के तहत लगे कर्मचारियों के कार्यालयों की लगभग कुर्सियां खाली मिली। प्रशासन को अन्य विभागों से कर्मचारी बुलाकर काम चलाना पड़ा। वहीं एंबुलेंस सेवा के लिए बाबा फरीद वेलफेयर सोसायटी की दो एंबुलेंस भी सिविल अस्पताल में तैनात रही। एंबुलेंस परिचालन कम होने के कारण अधिकत्तर मरीजों को निजी वाहनों से घर जाना पड़ा।