शर्मनाक: हरियाणा में नवजात बच्चियों को फेंकने के दो मामले, एक को तो कुत्ता नोचकर उठा लाया अस्पताल के बाहर
हरियाणा में मानवता शर्मसार करने वाले नवजात बच्चियों को फेंकने के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। मंगलवार को सोनीपत और झज्जर जिले में नवजात को फेंकने के मामले सामने आए।
विस्तार
झज्जर में नवजात बच्ची को झाड़ियों में छोड़ने का मामला सामने आया है। रोने की आवाज सुनकर राहगीरों ने पुलिस को जानकारी दी, इसके बाद बच्ची को झज्जर अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं इससे पहले सुबह सोनीपत में मानवता को शर्मसार करने का एक और मामला सामने आया है। कुंडली औद्योगिक क्षेत्र में बैग के अंदर मिले नवजात के परिजनों का अभी पता भी नहीं लग सका था कि अब गांव खानपुर कलां मेडिकल कॉलेज अस्पताल के खेतों में एक नवजात बच्ची को फेंक दिया गया। कुत्ता बच्ची को नोचने के बाद खानपुर कलां मेडिकल कॉलेज के पास ले आया। कड़ाके की ठंड में बच्ची मृत मिली। खानपुर कलां महिला थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी है।
मुनीमपुर के भट्टठे के पास झाड़ियों में मिली, चिकित्सकों ने कहा 4 से 6 घंटे पूर्व हुआ बच्ची का जन्म
मुनीमपुर गांव में एक भट्ठे के पास झाड़ियों में नवजात कन्या मिली है। पुलिस ने उसे झज्जर के नागरिक अस्पताल में भेज दिया जहां उसका इलाज किया जा रहा है। बच्ची को कौन छोड़ गया इसका पता नहीं चल सका है। कन्या मात्र 4 से 6 घंटे की नवजात बताई गई है।
मंगलवार शाम ईंट भट्ठे के पास झाड़ियों से किसी के रोने की आवाज राहगीरों को सुनाई दी। लोगों ने जाकर देखा तो वहां पर एक नवजात बच्ची रो रही थी। लोगों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। बच्ची को झज्जर के नागरिक अस्पताल उपचार के लिए भेजा गया है। चिकित्सकों ने बताया कि बच्ची के शरीर के तापमान कम था, लेकिन कुछ देर उपचार के बाद तापमान सामान्य हो गया है।
थाना प्रभारी बाबूलाल ने बताया कि नवजात कन्या के झाड़ियों में मिलने की सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर पहुंची और कन्या को तुरंत अस्पताल भिजवाया गया। जहां उपचार के बाद कन्या की हालात सामान्य है। चिकित्सकों का कहना है कि बच्ची का जन्म केवल 4 से 6 घंटे पहले हुआ है। उसे झाड़ियों में कौन छोड़ गया है इसका पता नहीं चल सका है। पुलिस कार्रवाई में जुट गई है और लड़की के परिजनों की पहचान के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। आसपास के अस्पतालों में भी संपर्क किया जा रहा है।
देर हो जाती तो हो सकती थी अनहोनी
घटना देर शाम की है। पुलिस के अनुसार थोड़ा समय ओर बीत जाता तो अंधेरा और कोहरा होने के चलते नवजात कन्या का पता नहीं चलता। ठंड ज्यादा होने के चलते बच्ची का बचना भी मुश्किल हो जाता। गनीमत यह रही है कि समय रहते बच्ची को राहगीरों ने देख लिया और पुलिस मौके पर पहुंच गई।
खानपुर मेडिकल कॉलेज के पास खेतों की तरफ से कुत्ता नवजात को मुंह में दबाकर गेट की तरफ आया तो मामले का लगा पता
सोनीपत में मानवता को शर्मसार करने का एक और मामला सामने आया है। कुंडली औद्योगिक क्षेत्र में बैग के अंदर मिले नवजात के परिजनों का अभी पता भी नहीं लग सका था कि अब गांव खानपुर कलां मेडिकल कॉलेज अस्पताल के खेतों में एक नवजात बच्ची को फेंक दिया गया। कुत्ता उसे नोचने के बाद मुंह में दबाकर अस्पताल के गेट नंबर-2 पर आ गया। जहां सिक्योरिटी गार्ड की निगाह पड़ी तो उसने छुड़वाया, हालांकि तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। खानपुर महिला थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम करवाने के बाद विच्छेदन गृह में रखवा दिया है। पुलिस ने सिक्योरिटी गार्ड के बयान पर अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
गांव कहल्पा निवासी मदन सिंह ने महिला थाना खानपुर कलां पुलिस को बताया कि वह भगत फूल सिंह (बीपीएस) महिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल खानपुर कलां में सिक्योरिटी गार्ड है। वह सोमवार देर शाम गेट नंबर दो पर मौजूद था। इस दौरान खेत से एक कुत्ता आया, जिसके मुंह में नवजात बच्चा दबा हुआ था। जब उन्होंने कुत्ते को देखकर डांटा तो वह बच्चे को वहीं पर गिराकर भाग गया। उन्होंने तुरंत बच्चे को उठाया और अधिकारियों को अवगत कराया। हालांकि तब तक बच्चे की मौत हो चुकी थी। उसके चेहरे को नोचा गया था। जिस पर मामले से पुलिस को अवगत कराया गया। सूचना के बाद महिला थाना प्रभारी सुदेश कुमारी मौके पर पहुंची और शव का पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। पुलिस ने मामले में अज्ञात के खिलाफ भादंसं की धारा 316 के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। नवजात के परिजनों की पहचान के लिए पुलिस ने प्रयास शुरू कर दिए हैं। पुलिस ने मंगलवार दोपहर बाद नवजात के शव का पोस्टमार्टम कराया है।
कड़ाके की ठंड में मरने को छोड़ी नवजात
खानपुर मेडिकल कॉलेज के गेट नंबर-2 पर मिली नवजात को खेत में फेंकने का शक है। उसे कुत्ता उठाकर लाया था। पुलिस ने आसपास के क्षेत्र में तलाशी अभियान भी चलाया है। जहां कोई कपड़ा तक नहीं मिला है। पुलिस को अंदेशा है कि नवजात को मारने के लिए ही कड़ाके की ठंड में बिना कपड़ों के डाला गया है। ऐसे में पुलिस ने भादंसं की धारा 316 के तहत मुकदमा दर्ज किया है।
मेडिकल कॉलेज व आसपास क्षेत्र में सीसीटीवी खंगाले जा रहे
पुलिस ने नवजात को मरने के लिए फेंकने वाले परिजनों का पता लगाने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। पुलिस सीसीटीवी की फुटेज भी खंगाली जा रही है।
पहली जनवरी की रात को बैग में मिला था नवजात
सोनीपत में नवजात के मिलने का यह पहला मामला नहीं है। अभी 6 जनवरी की रात को ही एक नवजात को बैग में रखकर फेंकने का मुकदमा दर्ज हुआ है। नवजात को पहली जनवरी की रात को बैग में चादर में लपेटकर रखा गया था। जिसे मूलरूप से उत्तराखंड के जिला गढ़वाल के गांव खोला निवासी सरजीत सिंह रावत व उसके साथियों ने उठाया था। वह 31 दिसंबर की रात को नूतन वर्ष मनाकर रात साढ़े 12 बजे अपने दोस्त मूलरूप से बिहार के जिला सिवान के गांव पुरैना फिलहाल दिल्ली के गांव सिंघु निवासी गुलशन कुमार व उसके भाई विशाल कुमार के साथ कुंडली की गेडोर कॉलोनी से सिंघु जा रहे थे। उन्हें वर्ल्ड फैशन कंपनी के पास सड़क के टी-प्वाइंट पर बच्चे के रोने की आवाज सुनाई दी थी। उन्हें सड़क किनारे एक कैरी बैग में नवजात मिला था। वह पहले उसे अपनी रिश्ते की बहन गीता के पास ले गए थे। बाद में पुलिस को सौंप दिया था। पुलिस ने इस संबंध में मुकदमा दर्ज कर नवजात के परिजनों की तलाश की थी, लेकिन अभी तक उसके परिजनों का पता नहीं लगाया जा सका है। नवजात को बालग्राम, राई में रखा गया है।
सोनीपत में पहले भी मिल चुके हैं नवजात
-5 मई, 2022 को श्रीकुंज कॉलोनी में नवजात का शव मिला, उसे कुत्तों ने नोच रखा था।
-19 अक्तूबर, 2021 को बहालगढ़ रोड स्थित एक अस्पताल के पास झाड़ियों में नवजात मिला।
-30 सितंबर, 2021 को बिंदरौली के पास नवजात का शव मिला
-28 सितंबर, 2021 को कथूरा में गन्ने के खेत में नवजात मिला। किसान ने पुलिस को सौंपा।
-20 अप्रैल, 2021 को जठेड़ी के पास नवजात का शव मिला।
-12 फरवरी, 2021 को गन्नौर में नवजात मिला। बाद में पुलिस ने उसकी मां की तलाश की। मध्य प्रदेश की अविवाहित युवती ने बच्चे को जन्म दिया था।
बहादुरगढ़ : 7 जनवरी को कार के बोनट पर मिला था शिशु का शव
बहादुरगढ़ के मेहंदीपुर डाबोदा गांव में 7 जनवरी को एक व्यक्ति की कार के बोनट पर एक शिशु का शव बैग में बंद मिला था। मौके पर पहुंची पुलिस ने बैग को कब्जे में लिया था। अब तक बच्चे की मां का खुलासा नहीं हुआ है। फिलहाल पुलिस ने डीएनए जांच के लिए नमूना भेजा हुआ है। पुलिस ने इस मामले में अज्ञात के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 318 के तहत केस दर्ज किया था।
31 जनवरी को जींद में भी मिला था नवजात बच्ची का शव
जींद के अलेवा थाना क्षेत्र के गांव शामदो में मंदिर के पास तालाब में 31 दिसंबर को नवजात बच्ची का शव मिला था। घटना की सूचना पाकर अलेवा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को तालाब से बाहर निकाला और उसे पोस्टमार्टम के लिए नागरिक अस्पताल पहुंचाया था। आशंका जताई जा रही है कि करतूत को छुपाने के लिए किसी महिला ने जन्म देकर बालिका को तालाब में फेंका था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मेडिकल कॉलेज के वार्डों से किसी महिला का बच्चा गुम होने की कोई शिकायत नहीं मिली है। विभागीय जांच की जाएगी। मेडिकल कॉलेज में भर्ती सभी नवजात की जांच की जा रही है। -डॉ. धीरज, चिकित्सा अधीक्षक, महिला मेडिकल कॉलेज, खानपुर कलां
नवजात को फेंकने वाले अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस टीम उनका पता लगा रही है। मेडिकल कॉलेज में नवजात बच्चों का रिकॉर्ड मांगने के साथ ही अन्य अस्पतालों से भी नवजात बच्चों का रिकॉर्ड मांगा गया है। पुलिस मामले में हर पहलू से जांच कर रही है। - इंस्पेक्टर सुदेश कुमारी, थाना प्रभारी, खानपुर कलां