फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Charkhi Dadri News ›   Vacant posts of ambulance drivers and EMTs

Charkhi Dadri News: एंबुलेंस चालकों और ईएमटी के पद खाली, कई बार भेज चुके मांग

Wed, 09 Apr 2025 01:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Wed, 09 Apr 2025 01:07 AM IST
विज्ञापन
Vacant posts of ambulance drivers and EMTs
चरखी दादरी की एंबुलेंस।
चरखी दादरी। स्वास्थ्य विभाग विशेषज्ञों और संसाधनों की कमी से जूझ रहा है। आलम यह है कि ईएमटी (इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन) के 22 और एंबुलेंस चालकों के 16 पद खाली पड़े हैं। इसके अलावा विभाग के पास फील्ड वर्क के लिए भी पर्याप्त संख्या में गाड़ियां नहीं हैं। इन कमियों के चलते विभागीय कामकाज से लेकर स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हैं। इसका खामियाजा सीधे तौर पर मरीजों को भुगतना पड़ रहा है।
विज्ञापन

वहीं, स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों का तर्क है कि विशेषज्ञों और संसाधनों की कमी दूर करने के लिए कई बार मुख्यालय मांग भेजी जा चुकी है। स्वास्थ्य विभाग के पास इस समय 19 एंबुलेंस हैं। वहीं नियमानुसार विभाग के पास 59 चालक होने चाहिए, जबकि इस समय 43 ही चालक हैं। फिलहाल, चालकों के 16 पद खाली हैं। इसके अलावा जिले में ईएमटी के 39 पद सृजित हैं, जबकि तैनात 17 ही हैं। इस समय ईएमटी के 22 पद खाली हैं।
विज्ञापन


कई बार मरीज भेजना पड़ जाता है अकेला
ईएमटी की कमी के चलते कई बार मरीजों को एंबुलेंस में अकेले ही पीजीआई या अन्य जिला अस्पतालों में रेफर किया जाता है। दूसरी ओर विभागीय मौजूदा ईएमटी से ही जैसे-तैसे व्यवस्था बनाने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन बात नहीं बन पा रही है। एंबुलेंस सेवा नोडल अधिकारी डॉ. अंकुर का कहना है कि जल्द ही ईएमटी और चालकों की कमी दूर करवाई जाएगी। इसके लिए वे लगातार प्रयासरत हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

गाड़ियों की कमी से फील्ड वर्क पर पड़ रहा असर

अहम बात यह है कि फील्ड वर्क के लिए विभाग के पास फिलहाल एक भी गाड़ी नहीं है। ब्लड लाने और अन्य कामों के लिए प्रतिदिन विभाग को एक गाड़ी भिवानी या दूसरे जिलों में भेजनी पड़ती है। इसके अलावा स्वास्थ्य केंद्रों के निरीक्षण समेत अन्य कामों के लिए भी विभाग को गाड़ी की जरूरत पड़ती है। सूत्रों के अनुसार, इस समय विभाग को 14 गाड़ियों की जरूरत है। लेकिन, बार-बार मांग भेजने के बाद भी जिला स्वास्थ्य विभाग को गाड़ियां नहीं मिल पाई हैं।


हर माह 200 से अधिक मरीज किए जाते हैं रेफर
नागरिक अस्पताल से हर माह 200 से अधिक मरीज रोहतक पीजीआई या अन्य संस्थानों में रेफर किए जाते हैं। इनमें गर्भवती महिलाएं, सड़क दुर्घटना के घायल और गंभीर बीमारियों से ग्रस्त अन्य मरीज शामिल हैं। इन्हें वहां तक पहुंचाने के लिए ईएमटी जरूरी है, क्योंकि रास्ते में अगर किसी मरीज की तबीयत बिगड़ती है तो ईएमटी उसका उपचार करता है।



किस स्वास्थ्य केंद्र को चाहिए कितनी गाड़ी
स्वास्थ्य केंद्र गाड़ी
सीएचसी - 3
सीएमओ ऑफिस - 9
एमसीएच - 1
नागरिक अस्पताल - 1


वर्जन :
ईएमटी और चालकों की कमी है। फिर भी मौजूदा संसाधनों से हम हरसंभव व्यवस्था बनाने का प्रयास कर रहे हैं। इनकी तैनाती के लिए मुख्यालय मांग भेजी जा चुकी है। जल्द ही यह मांग पूरी होने की उम्मीद है।

- डॉ. अंकुर नागर, डिप्टी सीएमओ एवं एंबुलेंस सेवा नोडल अधिकारी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed