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गोबर और गोमूत्र की प्राकृतिक खाद से कम होगा रासायनिक उर्वरकों का उपयोग : राकेश बैनीवाल
Mon, 10 Mar 2025 01:10 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 10 Mar 2025 01:10 AM IST
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धनाना में आयोजित कार्यक्रम केवाईसी संस्थापक राकेश बैनीवाल को सम्मानित करते लोग।
चरखी दादरी। हिंदू धर्म में गाय को माता का स्थान दिया गया है। गोसेवा को पुण्य कार्य माना जाता है। ऐसे में गोशाला का संचालन धार्मिक और आध्यात्मिक दृष्टिकोण से समाज में सकारात्मक ऊर्जा उत्पन्न करता है। इसी कड़ी में गांव धनाना में बाबा ब्रह्मचारी गोशाला का निर्माण किया जा रहा है। रविवार को आयोजित कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि किसान युवा क्लब के संस्थापक राकेश बैनीवाल ने शिरकत की।
उन्होंने गोशाला में गाय के गोबर से बनने वाले ऑर्गेनिक खाद और बायोगैस प्लांट बनवाने की घोषणा भी मंच के माध्यम से की। कहा कि गोशालाएं न केवल गायों के संरक्षण का कार्य करती हैं, बल्कि, समाज, पर्यावरण और अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। आधुनिक समय में गोशालाओं का सही प्रबंधन और वैज्ञानिक तरीकों से संचालन देश की कृषि, स्वास्थ्य और पर्यावरण को लाभ पहुंचा सकता है।
कहा कि गोशालाओं में गोबर और गोमूत्र से प्राकृतिक खाद, जैविक कीटनाशक और बायोगैस बनाई जाती है, जो रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को कम करने में मदद करती हैं। इस मौके पर सरपंच राजेश कुमार, गोशाला कमेटी सदस्य रामफल, जयबीर, हरिकिशन, बलबीर, शमशेर आदि मौजूद रहे।
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उन्होंने गोशाला में गाय के गोबर से बनने वाले ऑर्गेनिक खाद और बायोगैस प्लांट बनवाने की घोषणा भी मंच के माध्यम से की। कहा कि गोशालाएं न केवल गायों के संरक्षण का कार्य करती हैं, बल्कि, समाज, पर्यावरण और अर्थव्यवस्था में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। आधुनिक समय में गोशालाओं का सही प्रबंधन और वैज्ञानिक तरीकों से संचालन देश की कृषि, स्वास्थ्य और पर्यावरण को लाभ पहुंचा सकता है।
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कहा कि गोशालाओं में गोबर और गोमूत्र से प्राकृतिक खाद, जैविक कीटनाशक और बायोगैस बनाई जाती है, जो रासायनिक उर्वरकों के उपयोग को कम करने में मदद करती हैं। इस मौके पर सरपंच राजेश कुमार, गोशाला कमेटी सदस्य रामफल, जयबीर, हरिकिशन, बलबीर, शमशेर आदि मौजूद रहे।
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