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Charkhi Dadri News: इस बार खेती बढि़या सै, जै राम ठीक तै पार तार दे तो...

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 16 Feb 2025 11:23 PM IST
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This time the farming is good, Jai Ram, if the wire is fine...
गांव खेड़ी बूरा में खेतों में खड़ी सरसों की फसल।
चरखी दादरी। क्षेत्र में रविवार को दोपहर तक मौसम साफ रहा, उसके बाद बादलवाही बनी रही। अधिकतम तापमान 25 व न्यूनतम 12 डिग्री दर्ज किया गया। हवा की गति आठ किलोमीटर प्रति घंटा रही। वातावरण में नमी की मात्रा 43 प्रतिशत दर्ज की गई। कुछ दिन से मौसम में उमस बनी हुई है।
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वहीं किसानों ने कहा कि इस बार तौ खेती बढि़या सै, जै राम ठीक तै पार उतार दे तो। उनका मानना है कि सुबह और शाम के समय ठंड होना बेहद जरूरी है। मौसम विभाग के अनुसार 19 फरवरी तक मौसम परिवर्तनशील बना रहेगा। इस अवधि के दौरान बादलवाही के साथ-साथ कहीं-कहीं बूंदाबांदी होने की भी संभावना है। मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन ने बताया कि 19 फरवरी तक मौसम इसी प्रकार बना रहेगा। सीमित स्थानों पर बूंदाबांदी भी हो सकती है। फिलहाल रबी की सभी प्रकार की फसलें पकाव की अवस्था में हैं। फसलों में अब तक मौसम का कोई नुकसान नहीं हुआ है। सरसों मार्च प्रथम सप्ताह में पक कर तैयार हो जाएगी। गेहूं की कटाई अप्रैल सप्ताह में शुरू हो जाएगी। वहीं, चिकित्सकों का मानना है कि लोगों से फीकी सर्दी के प्रति लापरवाही ज्यादा की जाती है। यही मौसम सेहत बिगाड़ने वाला होता है।कोट्स :
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अब तो मौसम साफ बने रहने में ही फायदा है। सुबह-शाम के समय ठंड का होना फसलों के लिए बेहद जरूरी है। तापमान का अचानक बढ़ना फसलों के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है। इस समय सभी प्रकार की फसलों का विकास सही हो रहा है। इन दिनो बारिश यदि ठीक प्रकार से हो जाती है तो फसलों में फायदा होगा। -चांद सिंह, किसान, ढाणी फोगाट
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गेहूं, सरसों, जौ व अन्य सभी प्रकार की फसलें इस समय सही अवस्था में हैं। भगवान की कृपा तै इस बार खेती बढि़या सै, जै राम ठीक तै पार उतार दै तो। मार्च तक फसलों को हल्की ठंड की जरूरत है। तब जाकर पकाव सही प्रकार से हो सकेगा। गत दिसंबर व जनवरी में हुई बारिश की वजह से खेती की रंगत सुधरी है। रबी सीजन की खेती में किसान को बचत होती है। - साहिल शर्मा, किसान
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