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पानी को बना नहीं सकते, बचा तो सकते हैं : डॉ. मुकेश

Sat, 15 Feb 2025 01:02 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Sat, 15 Feb 2025 01:02 AM IST
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जगरामबास मे जल संग्रहण पर आयोजित कार्यक्रम में हरियाणवी गीत पर प्रस्तुति देते प्रतिभगी। स्रोत:
संवाद न्यूज एजेंसी
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बाढड़ा। गांव जगरामबास में प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना-वाटर शेड 2.0 के तहत किसानों को जल संग्रहण के प्रति जागरूक करने के लिए कार्यक्रम आयोजित हुआ। इसमें डीएससीओ डॉ. मुकेश यादव ने कहा कि पानी अनमोल है। इसे बनाया नहीं जा सकता। हम प्रयास करें तो पानी को बचाया जरूर जा सकता है।
उन्होंने कहा कि पानी के बिना जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। इसलिए आमजन को जल संग्रह के परंपरागत स्रोतों को अपनाना चाहिए। बरसात के पानी को कुंड, तालाब और जोहड़ों आदि में संग्रह करना चाहिए। तकनीकी विशेषज्ञ डॉ. महावीर सांगवान ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।
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डीएससीओ डाॅ. मुकेश यादव, तकनीकी विशेषज्ञ डॉ. महावीर सांगवान, एएससीओ मोनिका और वॉटर शेड अध्यक्ष राधा श्योराण ने गांव के जोहड़ में पानी की टंकी का शिलान्यास और पौधरोपण किया।
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उन्होंने कहा कि पानी को व्यर्थ नहीं गंवाना चाहिए। पानी का सदुपयोग करना चाहिए। किसानों को भी सूक्ष्म सिंचाई योजना अपनाकर कम पानी में अधिक पैदावार लेनी चाहिए। इतना ही नहीं, कम पानी वाली लागत की फसल की खेती भी करनी चाहिए।
डॉ. खुर्शीद अहमद ने अटल भूजल योजना के बारे में बताया। कार्यक्रम में शिवशक्ति जागृति मंच कुरुक्षेत्र, राजकीय माध्यमिक विद्यालय जगरामबास के विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।

इस अवसर पर ग्राम सचिव सुरेंद्र पूनिया, सरपंच राधा श्योराण, सविता चौधरी, सुमन, शीशराम, डॉ राजेंद्र, करतार, सोमवीर, अभिषेक, संदीप धनखड़ व संजय आदि मौजूद रहे।
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