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Charkhi Dadri News: ग्रामीणों की मांग पर मंदौला से हटेंगे कब्जे, ठहराव कार्यक्रम में दिए आदेश
Sat, 19 Sep 2026 12:59 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 19 Sep 2026 12:59 AM IST
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गांव मंदौला में समस्याएं सुनते हुए उपायुक्त व अन्य अधिकारी।
- फोटो : 1
चरखी दादरी। रात्रि ठहराव कार्यक्रम के दौरान मंदौला गांव में ग्रामीणों ने अवैध कब्जों को लेकर कई शिकायतें उपायुक्त मनदीप कौर के समक्ष रखी और कब्जों को हटाने का अनुरोध किया। गांव के लोगों की मांग पर उपायुक्त ने सभी अवैध कब्जों को हटाने के निर्देश मौके पर ही बीडीपीओ का दे दिए हैं।
उपायुक्त वीरवार शाम पुलिस अधीक्षक लोगेश कुमार पी व अन्य अधिकारियों के साथ मंदौला गांव में लोगों की समस्याएं सुनने पहुंची थी। उन्होंने अवैध कब्जों को लेकर कार्यक्रम में बार-बार आई शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए गांव के लोगों से पूछा कि अगर पूरे गांव से सभी कब्जे हटा दिए जाएं तो इसमें गांव की क्या राय है।
इस पर वहां मौजूद सभी लोगों ने तालियों के साथ सहमति जताते हुए अवैध कब्जे हटाने की बात कही। इस उपायुक्त ने मौके पर बीडीपीओ को सभी अवैध कब्जे हटाने के निर्देश दिए और कहा कि जिसने अवैध रूप से कब्जे कर रखे हैं वह अपने आप उसे हटा ले अन्यथा प्रशासन उस कब्जे को हटाएगा और उसका खर्चा भी संबंधित को ही देना होगा।
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57 शिकायतें एवं समस्याएं रखी
रात्रि ठहराव कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने कुल 57 शिकायतें एवं समस्याएं रखी गई। इनमें मुख्य रूप से बुढ़ापा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, परिवार पहचान पत्र में दर्ज आय में बढ़ोतरी, आधार कार्ड एवं मतदाता पहचान पत्र में संशोधन तथा बिजली से संबंधित समस्याएं शामिल रहीं।
उपायुक्त ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीणों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए।
सरकारी सुविधाओं का आमजन तक पहुंचाना
उपायुक्त ने कहा कि रात्रि ठहराव कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रशासन को गांवों तक पहुंचाना और ग्रामीणों को उनके घर-द्वार पर सरकारी सेवाएं उपलब्ध करवाना है। ग्रामीणों को छोटी-बड़ी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार जिला या उपमंडल स्तर के सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसी उद्देश्य से जिला प्रशासन गांवों में पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित होता है।
नशे के खिलाफ ग्रामीणों की भागीदारी जरूरी
पुलिस अधीक्षक लोगेश कुमार पी ने कहा कि गांवों में पहले नशे की समस्या चिंता का विषय रही है, लेकिन अब ग्रामीणों में नशे के खिलाफ जागरूकता लगातार बढ़ रही है। पुलिस प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान में सरपंच, ग्राम पंचायत और ग्रामीण भी पूरा सहयोग दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी आवश्यक है।
इस अवसर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद विजेंद्र हुड्डा, एसडीएम डॉ. वीरेंद्र सिंह व सीटीएम सुरेश कुमार अन्य अधिकारी, कर्मचारी, गण्यमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
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उपायुक्त वीरवार शाम पुलिस अधीक्षक लोगेश कुमार पी व अन्य अधिकारियों के साथ मंदौला गांव में लोगों की समस्याएं सुनने पहुंची थी। उन्होंने अवैध कब्जों को लेकर कार्यक्रम में बार-बार आई शिकायतों पर संज्ञान लेते हुए गांव के लोगों से पूछा कि अगर पूरे गांव से सभी कब्जे हटा दिए जाएं तो इसमें गांव की क्या राय है।
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इस पर वहां मौजूद सभी लोगों ने तालियों के साथ सहमति जताते हुए अवैध कब्जे हटाने की बात कही। इस उपायुक्त ने मौके पर बीडीपीओ को सभी अवैध कब्जे हटाने के निर्देश दिए और कहा कि जिसने अवैध रूप से कब्जे कर रखे हैं वह अपने आप उसे हटा ले अन्यथा प्रशासन उस कब्जे को हटाएगा और उसका खर्चा भी संबंधित को ही देना होगा।
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57 शिकायतें एवं समस्याएं रखी
रात्रि ठहराव कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने कुल 57 शिकायतें एवं समस्याएं रखी गई। इनमें मुख्य रूप से बुढ़ापा पेंशन, दिव्यांग पेंशन, परिवार पहचान पत्र में दर्ज आय में बढ़ोतरी, आधार कार्ड एवं मतदाता पहचान पत्र में संशोधन तथा बिजली से संबंधित समस्याएं शामिल रहीं।
उपायुक्त ने संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीणों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान सुनिश्चित किया जाए।
सरकारी सुविधाओं का आमजन तक पहुंचाना
उपायुक्त ने कहा कि रात्रि ठहराव कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य प्रशासन को गांवों तक पहुंचाना और ग्रामीणों को उनके घर-द्वार पर सरकारी सेवाएं उपलब्ध करवाना है। ग्रामीणों को छोटी-बड़ी समस्याओं के समाधान के लिए बार-बार जिला या उपमंडल स्तर के सरकारी कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें, इसी उद्देश्य से जिला प्रशासन गांवों में पहुंचकर लोगों की समस्याएं सुन रहा है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रमों से प्रशासन और आमजन के बीच सीधा संवाद स्थापित होता है।
नशे के खिलाफ ग्रामीणों की भागीदारी जरूरी
पुलिस अधीक्षक लोगेश कुमार पी ने कहा कि गांवों में पहले नशे की समस्या चिंता का विषय रही है, लेकिन अब ग्रामीणों में नशे के खिलाफ जागरूकता लगातार बढ़ रही है। पुलिस प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे नशा मुक्ति अभियान में सरपंच, ग्राम पंचायत और ग्रामीण भी पूरा सहयोग दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें समाज के प्रत्येक व्यक्ति की भागीदारी आवश्यक है।
इस अवसर पर मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद विजेंद्र हुड्डा, एसडीएम डॉ. वीरेंद्र सिंह व सीटीएम सुरेश कुमार अन्य अधिकारी, कर्मचारी, गण्यमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।