फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Charkhi Dadri News ›   Clean water reaches canals after 64 days; hopes raised for improvements in drinking water supply and irrigation systems

Charkhi Dadri News: 64 दिन बाद नहरों में पहुंचा साफ पानी, पेयजल और सिंचाई व्यवस्था में सुधार की उम्मीद

Sat, 19 Sep 2026 01:01 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Sat, 19 Sep 2026 01:01 AM IST
विज्ञापन
Clean water reaches canals after 64 days; hopes raised for improvements in drinking water supply and irrigation systems
बधवाना नहर में बहता पानी।  - फोटो : 1
चरखी दादरी। जिले की नहरों में करीब 64 दिन बाद साफ एवं स्वच्छ पानी पहुंचने से किसानों और आमजन को राहत मिलने की उम्मीद जगी है। नहरों में पर्याप्त मात्रा में पानी छोड़े जाने से जिले के करीब 65 जलघरों को भरने में सुविधा होगी। इससे शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की गुणवत्ता में सुधार आने की संभावना है। फिलहाल बधवाना डिस्ट्रीब्यूटरी और लोहारू कैनाल में पानी छोड़ा गया है।
विज्ञापन

मानसून सीजन के दौरान खेतों से पानी की निकासी कर उसे नहरों में डाले जाने के कारण पानी की गुणवत्ता प्रभावित हुई थी। इसके चलते जलघरों में पहुंचने वाले पानी की गुणवत्ता को लेकर भी समस्या बनी हुई थी। अब नहरों में साफ पानी आने से जलघरों में पर्याप्त मात्रा में पानी पहुंचाया जा सकेगा।
विज्ञापन

बुवाई को मिलेगी गति
नहरों में पानी की उपलब्धता से रबी फसलों की बुवाई को भी गति मिलने की उम्मीद है। जिले में बाजरा, कपास, धान, ग्वार सहित अन्य खरीफ फसलें इस समय कटाई के अंतिम चरण में हैं। इसके बाद किसान रबी फसलों की तैयारी में जुटेंगे। ऐसे में नहरी पानी की उपलब्धता किसानों के लिए महत्वपूर्ण होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन

बारिश कम होने से बढ़ा भूमिगत जल का दोहन
इस बार मानसून के दौरान अपेक्षाकृत कम बारिश होने के कारण पेयजल की मांग भी बनी हुई है। सामान्य तौर पर मानसून में बारिश होने से तापमान कम रहता है और पानी की खपत में कमी आती है लेकिन इस बार बारिश कम होने से लोगों को अधिक मात्रा में पानी की जरूरत पड़ रही है। इसके चलते भूमिगत जल का दोहन भी बढ़ा है। नहरों में पर्याप्त पानी आने से जलघरों को भरने के साथ पेयजल आपूर्ति में सुधार की उम्मीद है।
इन गांवों को जरूरत ज्यादा
शहर के दोनों जलघरों में इस समय पर्याप्त मात्रा में पानी भरा गया है। इसके अलावा सांजरवास, ढाणी फोगाट, सांवड़, मिसरी, कपूरी, मंदोला, चरखी, बिरही कलां, घिकाड़ा, पैतावास, अचीना, रानीला और बौंद कलां सहित अन्य गांवों के जलघरों को भी पानी की जरूरत है।
आगामी समय में बढ़ेगी मांग
कृषि विशेषज्ञों के अनुसार आगामी दिनों में सिंचाई के लिए नहरी पानी की मांग बढ़ सकती है। जिले में भूजल स्तर गिरने की चिंता पहले से बनी हुई है। नहरी पानी पर्याप्त मात्रा में मिलने से किसानों की ट्यूबवेलों पर निर्भरता कम होगी और भूमिगत जल के अत्यधिक दोहन पर अंकुश लगाने में मदद मिलेगी। किसानों ने नहरों में पर्याप्त पानी की उपलब्धता बनाए रखने के साथ-साथ पानी की चोरी रोकने के लिए नियमित निगरानी की मांग की है।
कोट:
अब किसान रबी की फसलों की बोआई के लिए सिंचाई करेंगे ऐसे में नहरी पानी की ज्यादा जरूरत है। नहरों में पानी व बिजली की इस बार ज्यादा रहेगी क्योंकि मानसून की बारिश कम हुई है।--हरपाल सिंह भांडवा, जिला अध्यक्ष, भाकियू।

नहरों में पर्याप्त मात्रा में पानी छोड़ने की वजह से जलघरों में पानी पर्याप्त मात्रा में भरा गया है। इस बार पानी की गुणवत्ता में भी सुधार आया है। पेयजल की किल्लत नहीं आने दी जाएगी। -- विवेक कुमार, कनिष्ठ अभियंता, जनस्वास्थ्य विभाग।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed