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Charkhi Dadri News: पाइपलाइन नहीं हटने से आरओबी निर्माण की नहीं बढ़ रही रफ्तार
Thu, 02 Oct 2025 01:07 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 02 Oct 2025 01:07 AM IST
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रोहतक रोड पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज की साइट में दबी पाइप लाइन। संवाद
खास खबर..........
- एक साल पहले मिली थी 1 करोड़ की राशि, अब जनस्वास्थ्य विभाग ने 3.25 करोड़ का नया एस्टीमेट भेजा
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। रोहतक रोड रेलवे फाटक पर बनाए जा रहे ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण कार्य जनस्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से धीमी गति से चल रहा है। कारण यह कि विभाग की ओर से पेयजल आपूर्ति की पाइपलाइन शिफ्ट नहीं की गई है।
इसके विपरीत विभाग ने कार्य शुरू करने के लिए पीडब्ल्यूडी से लाइन शिफ्ट करने के लिए तीन गुने से भी अधिक यानी करीब 3.25 करोड़ रुपये का नया एस्टीमेट बनाकर बजट मांगा है। जबकि लोक निर्माण विभाग ने करीब एक साल पहले जनस्वास्थ्य विभाग को पेयजल और सीवरेज पाइप लाइनों के स्थानांतरण के लिए 1 करोड़ रुपये का बजट दिया था ताकि समय पर ओवरब्रिज का कार्य पूरा किया जा सके।
बताया गया है कि इस ओवरब्रिज के निर्माण में सबसे बड़ी बाधा पेयजल और सीवर लाइनें हैं, जिन्हें हटाए बिना आगे का निर्माण कार्य तेजी से नहीं हो सकता। बिजली निगम की ओर से पोल और तार का स्थानांतरण कार्य पहले ही कर दिया गया है। वहीं, लोक निर्माण विभाग ने इस देरी का कारण पूछा तो जनस्वास्थ्य विभाग ने नया एस्टीमेट भेजते हुए कहा कि 3.25 करोड़ रुपये और मिलने पर ही पाइपलाइनें शिफ्ट की जाएंगी।
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जनस्वास्थ्य विभाग के इस रवैये से न केवल निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है, बल्कि, शहरवासियों को भी लंबे समय तक ट्रैफिक जाम और अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इस पूरे मामले पर लोक निर्माण विभाग ने अब संबंधित एसडीओ को पत्र जारी कर तीन गुनी बढ़ाई गई राशि का कारण स्पष्ट करने के लिए कहा है।
और बजट मांगने के पीछे यह है तर्क
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है 9 माह पहले जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से तैयार किए गए बजट में कुछ पाइपलाइनें एस्टीमेट के बाद बिछाई गई थीं, जिनको उसमें नहीं जोड़ा गया था। अब जनस्वास्थ्य विभाग का तर्क है कि उस दौरान दिए गए एस्टीमेट में कुछ लाइनें नहीं ली गई थीं। इन्हें शिफ्ट करने पर लागत खर्च बढ़ेगा।
78 करोड़ से बनना है आरओबी
रोहतक रोड रेलवे फाटक पर आरओबी तैयार करने में करीब 78 करोड़ रुपये लागत आएगी। इसमें से 40 करोड़ रुपये लोक निर्माण विभाग और 18 करोड़ रुपये रेलवे की ओर से खर्च होंगे। बाकी 20 करोड़ रुपये वन विभाग, बिजली निगम, जनस्वास्थ्य और अन्य विभागों के कामों में खर्च होंगे।
940 मीटर लंबा बनना है ओवरब्रिज
शहर में बनने वाले तीसरे आरओबी की लंबाई करीब 940 मीटर रहेगी। 880 मीटर की लंबाई में आरओबी निर्माण का कार्य लोक निर्माण विभाग करवाएगा। लाइनों के ऊपर 60 मीटर का काम रेलवे विभाग की ओर से करवाया जाएगा। यह आरओबी फोरलेन बनेगा। इससे बनने के बाद यहां जाम की समस्या का समाधान होगा। आरओबी के बीच डिवाइडर बनेगा। सड़क के दोनों तरफ फुटपाथ बनेंगे। दोनों तरफ सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर और फुटपाथ की चौड़ाई डेढ़ मीटर रहेगी।
वर्जन
जनस्वास्थ्य विभाग ने एक करोड़ जमा कराने के बाद अब पाइपलाइन शिफ्टिंग के लिए सवा 3 करोड़ रुपये और मांगे हैं। बढ़ाए गए एस्टीमेट के बारे में जानकारी लेने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को पत्र जारी किया है।
-गुरचरण सिंह, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग।
फोटो 24: रोहतक रोड पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज की साइट में दबी पाइपलाइन। संवाद
फोटो 25 : ओवरब्रिज निर्माण कार्य के दौरान गड्ढे में भरे पानी को जेसीबी से निकालते श्रमिक। संवाद
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- एक साल पहले मिली थी 1 करोड़ की राशि, अब जनस्वास्थ्य विभाग ने 3.25 करोड़ का नया एस्टीमेट भेजा
संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। रोहतक रोड रेलवे फाटक पर बनाए जा रहे ओवरब्रिज (आरओबी) का निर्माण कार्य जनस्वास्थ्य विभाग की लापरवाही से धीमी गति से चल रहा है। कारण यह कि विभाग की ओर से पेयजल आपूर्ति की पाइपलाइन शिफ्ट नहीं की गई है।
इसके विपरीत विभाग ने कार्य शुरू करने के लिए पीडब्ल्यूडी से लाइन शिफ्ट करने के लिए तीन गुने से भी अधिक यानी करीब 3.25 करोड़ रुपये का नया एस्टीमेट बनाकर बजट मांगा है। जबकि लोक निर्माण विभाग ने करीब एक साल पहले जनस्वास्थ्य विभाग को पेयजल और सीवरेज पाइप लाइनों के स्थानांतरण के लिए 1 करोड़ रुपये का बजट दिया था ताकि समय पर ओवरब्रिज का कार्य पूरा किया जा सके।
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बताया गया है कि इस ओवरब्रिज के निर्माण में सबसे बड़ी बाधा पेयजल और सीवर लाइनें हैं, जिन्हें हटाए बिना आगे का निर्माण कार्य तेजी से नहीं हो सकता। बिजली निगम की ओर से पोल और तार का स्थानांतरण कार्य पहले ही कर दिया गया है। वहीं, लोक निर्माण विभाग ने इस देरी का कारण पूछा तो जनस्वास्थ्य विभाग ने नया एस्टीमेट भेजते हुए कहा कि 3.25 करोड़ रुपये और मिलने पर ही पाइपलाइनें शिफ्ट की जाएंगी।
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जनस्वास्थ्य विभाग के इस रवैये से न केवल निर्माण कार्य प्रभावित हो रहा है, बल्कि, शहरवासियों को भी लंबे समय तक ट्रैफिक जाम और अन्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इस पूरे मामले पर लोक निर्माण विभाग ने अब संबंधित एसडीओ को पत्र जारी कर तीन गुनी बढ़ाई गई राशि का कारण स्पष्ट करने के लिए कहा है।
और बजट मांगने के पीछे यह है तर्क
लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों का कहना है 9 माह पहले जनस्वास्थ्य विभाग की ओर से तैयार किए गए बजट में कुछ पाइपलाइनें एस्टीमेट के बाद बिछाई गई थीं, जिनको उसमें नहीं जोड़ा गया था। अब जनस्वास्थ्य विभाग का तर्क है कि उस दौरान दिए गए एस्टीमेट में कुछ लाइनें नहीं ली गई थीं। इन्हें शिफ्ट करने पर लागत खर्च बढ़ेगा।
78 करोड़ से बनना है आरओबी
रोहतक रोड रेलवे फाटक पर आरओबी तैयार करने में करीब 78 करोड़ रुपये लागत आएगी। इसमें से 40 करोड़ रुपये लोक निर्माण विभाग और 18 करोड़ रुपये रेलवे की ओर से खर्च होंगे। बाकी 20 करोड़ रुपये वन विभाग, बिजली निगम, जनस्वास्थ्य और अन्य विभागों के कामों में खर्च होंगे।
940 मीटर लंबा बनना है ओवरब्रिज
शहर में बनने वाले तीसरे आरओबी की लंबाई करीब 940 मीटर रहेगी। 880 मीटर की लंबाई में आरओबी निर्माण का कार्य लोक निर्माण विभाग करवाएगा। लाइनों के ऊपर 60 मीटर का काम रेलवे विभाग की ओर से करवाया जाएगा। यह आरओबी फोरलेन बनेगा। इससे बनने के बाद यहां जाम की समस्या का समाधान होगा। आरओबी के बीच डिवाइडर बनेगा। सड़क के दोनों तरफ फुटपाथ बनेंगे। दोनों तरफ सड़क की चौड़ाई 7.5 मीटर और फुटपाथ की चौड़ाई डेढ़ मीटर रहेगी।
वर्जन
जनस्वास्थ्य विभाग ने एक करोड़ जमा कराने के बाद अब पाइपलाइन शिफ्टिंग के लिए सवा 3 करोड़ रुपये और मांगे हैं। बढ़ाए गए एस्टीमेट के बारे में जानकारी लेने के लिए जनस्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को पत्र जारी किया है।
-गुरचरण सिंह, एक्सईएन, लोक निर्माण विभाग।
फोटो 24: रोहतक रोड पर निर्माणाधीन ओवरब्रिज की साइट में दबी पाइपलाइन। संवाद
फोटो 25 : ओवरब्रिज निर्माण कार्य के दौरान गड्ढे में भरे पानी को जेसीबी से निकालते श्रमिक। संवाद