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Charkhi Dadri News: पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए, फूंका सरकार का पुतला
Sat, 23 Dec 2023 10:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 23 Dec 2023 10:30 PM IST
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चरखी दादरी। रोज गार्डन में शनिवार को जिला प्रशासन की संदिग्ध भूमिका व सामाजिक सुरक्षा को लेकर अधिवक्ता संजीव तक्षक की अगुवाई में बैठक आयोजित की गई। बैठक में पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर रोष प्रकट किया गया। बैठक के बाद इसमें शामिल लोगों ने गृहमंत्री व मुख्यमंत्री का प्रतीकात्मक पुतला फूंककर रोष जताया गया।
एडवोकेट संजीव तक्षक ने कहा कि लंबे समय से सरकार और नेता बदलते रहे, लेकिन पुलिस का रवैया वैसा का वैसा है। आज भी समाज भय के साये में अपना जीवन व्यतीत कर रहा है। कोई भी व्यक्ति अपने आप को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है। अधिवक्ता ने पूर्व प्राचार्य ईश्वर सिंह डोहकी पर दर्ज किए गए मामले को झूठा बताया और इस पर भी चर्चा की।
उन्होंने बताया कि पूर्व प्राचार्य ईश्वर सिंह ने गांव में किसी अपने परिचित व्यक्ति को रुपये उधार दिए थे। जब वो उस व्यक्ति से रुपये मांगने गए तो एक प्लॉन के तहत उनसे बर्बरता की गई और उनकी अश्लील विडियोग्राफी भी कर ली। पूर्व प्राचार्य ने अपने मान-सम्मान को बचाए रखने के लिए उन्हें रुपये देते रहे, लेकिन आरोपियों ने उनकी वीडियो वायरल कर दी।
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उसके बाद पूर्व प्राचार्य ने पुलिस का सहारा लिया तो पुलिस प्रशासन ने शुरू में तो केस दर्ज करने की बात कहीं किंतु बाद में पूर्व प्राचार्य के खिलाफ ही एससी/एसटी का केस दर्ज कर दिया। इसके अलावा भी उन्होंने अन्य उदाहरण बैठक में दिए। इस अवसर पर दलबीर गांधी, धर्मेंद्र अटेला, सुमित भागवी, अधिवक्ता प्रदीप डाला, विरेंद्र कमोद, त्रिलोक, मुकेश, संजय साहू, प्रिंस, धर्मेंद्र, दिनेश व नरेश यादव आदि मौजूद रहे।
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एडवोकेट संजीव तक्षक ने कहा कि लंबे समय से सरकार और नेता बदलते रहे, लेकिन पुलिस का रवैया वैसा का वैसा है। आज भी समाज भय के साये में अपना जीवन व्यतीत कर रहा है। कोई भी व्यक्ति अपने आप को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहा है। अधिवक्ता ने पूर्व प्राचार्य ईश्वर सिंह डोहकी पर दर्ज किए गए मामले को झूठा बताया और इस पर भी चर्चा की।
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उन्होंने बताया कि पूर्व प्राचार्य ईश्वर सिंह ने गांव में किसी अपने परिचित व्यक्ति को रुपये उधार दिए थे। जब वो उस व्यक्ति से रुपये मांगने गए तो एक प्लॉन के तहत उनसे बर्बरता की गई और उनकी अश्लील विडियोग्राफी भी कर ली। पूर्व प्राचार्य ने अपने मान-सम्मान को बचाए रखने के लिए उन्हें रुपये देते रहे, लेकिन आरोपियों ने उनकी वीडियो वायरल कर दी।
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उसके बाद पूर्व प्राचार्य ने पुलिस का सहारा लिया तो पुलिस प्रशासन ने शुरू में तो केस दर्ज करने की बात कहीं किंतु बाद में पूर्व प्राचार्य के खिलाफ ही एससी/एसटी का केस दर्ज कर दिया। इसके अलावा भी उन्होंने अन्य उदाहरण बैठक में दिए। इस अवसर पर दलबीर गांधी, धर्मेंद्र अटेला, सुमित भागवी, अधिवक्ता प्रदीप डाला, विरेंद्र कमोद, त्रिलोक, मुकेश, संजय साहू, प्रिंस, धर्मेंद्र, दिनेश व नरेश यादव आदि मौजूद रहे।