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Charkhi Dadri News: सर्वे से पहले बारिश ने बिगाड़ी स्वच्छता की रफ्तार
Thu, 09 Jul 2026 11:55 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 09 Jul 2026 11:55 PM IST
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शहर में बिखर कूड़ा कचरा।
- फोटो : 1
चरखी दादरी। कूड़ा उठान एजेंसी की ओर से शहर से प्रतिदिन कचरा भिवानी भिजवाया जा रहा है। भिवानी प्लांट में कचरा रीसाइकिल होता है। शहर से 22 तीन पहिया वाहन व ट्रैक्टर के जरिये कचरे का उठान होता है। अब बारिश सीजन में कचरा संग्रहण में दिक्कतें आ रही हैं। कई भागों में जलभराव होने की वजह से कचरा वाहन नहीं पहुंचने से यह सड़ने लगा है जिससे दुर्गंध बन रही है और मच्छर पैदा होने लगे हैं। मानसून की वजह से स्वच्छता से जुड़ी गतिविधियां भी प्रभावित हो रही हैं। विदित रहे इस माह स्वच्छता सर्वेक्षण के दूसरे चरण की सर्वे टीम भी शहर का दौरा करेगी।
बॉक्स: बारिश से कूड़ा उठान प्रभावित
मानसून सीजन में लगातार हो रही बारिश के कारण शहर में स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित होने लगी है। नगर परिषद की ओर से शहर से प्रतिदिन करीब 22 तीन पहिया वाहनों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से घर-घर व विभिन्न स्थानों से कचरे का उठान किया जाता है, जबकि पिछले कुछ दिनों से बारिश के कारण इस कार्य में दिक्कतें आ रही हैं। कई स्थानों पर जलभराव और कीचड़ होने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है, जिससे निर्धारित समय पर कचरा नहीं उठ पा रहा है।
वार्डों से कूड़ा उठाने में परेशानी
शहर के विभिन्न वार्डों से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में घरेलू एवं अन्य प्रकार का कचरा एकत्र कर डंपिंग स्थल तक पहुंचाया जाता है। इसके लिए तीन पहिया कचरा संग्रहण वाहन और ट्रैक्टर-ट्रॉलियां नियमित रूप से संचालित की जाती हैं। हालांकि लगातार हो रही बारिश के चलते कई गलियों और सड़कों पर फिसलन व जलभराव की स्थिति बनने से कचरा संग्रहण कार्य प्रभावित हुआ है।
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बीमारियों का खतरा बढ़ा
बारिश के दौरान खुले स्थानों पर रखा कचरा भीगने से उसका वजन बढ़ जाता है, जिससे उसे उठाने और परिवहन करने में कर्मचारियों को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ रही है। कई स्थानों पर कचरे के ढेर से दुर्गंध फैलने व मच्छरों के पनपने की आशंका भी बढ़ गई है। ऐसे में नगर परिषद ने कर्मचारियों को समय-समय पर सफाई अभियान चलाने और संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
जलभराव बना चुनौती
मानसून के दौरान सफाई व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। वाहनों और सफाई कर्मचारियों की सहायता से नियमित रूप से कचरा उठान का प्रयास किया जा रहा है। जहां जलभराव के कारण वाहन नहीं पहुंच पा रहे, वहां वैकल्पिक व्यवस्था करने की जरूरत है ताकि लोगों को अधिक परेशानी न हो।
नालों में न फेंकें कचरा
नगर परिषद ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे कचरा खुले स्थानों या नालों में न फेंकें और निर्धारित समय पर ही कचरा संग्रहण वाहन में डालें। इससे नालों के जाम होने की समस्या कम होगी और बारिश के दौरान शहर में स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी। अब तो तीन माह तक मानसून सीजन बना रहेगा ऐसे में कचरा संग्रहण व्यवस्था सुचारु कर पाना मुश्किल बना हुआ है।
वर्सन:
मानसून की बारिश की वजह से स्वच्छता से जुड़ी गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। नगर परिषद के सफाई कर्मचारी नियमित रूप से कचरे का उठान करवाने का प्रयास करते हैं। आम लोगों को चाहिए कि वे कचरा निर्धारित जगह पर ही डालें। शहर को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग करें।-- ज्योति शर्मा, स्वच्छता मिशन प्रभारी, नगर परिषद
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बॉक्स: बारिश से कूड़ा उठान प्रभावित
मानसून सीजन में लगातार हो रही बारिश के कारण शहर में स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित होने लगी है। नगर परिषद की ओर से शहर से प्रतिदिन करीब 22 तीन पहिया वाहनों और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों के माध्यम से घर-घर व विभिन्न स्थानों से कचरे का उठान किया जाता है, जबकि पिछले कुछ दिनों से बारिश के कारण इस कार्य में दिक्कतें आ रही हैं। कई स्थानों पर जलभराव और कीचड़ होने से वाहनों की आवाजाही प्रभावित हो रही है, जिससे निर्धारित समय पर कचरा नहीं उठ पा रहा है।
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वार्डों से कूड़ा उठाने में परेशानी
शहर के विभिन्न वार्डों से प्रतिदिन बड़ी मात्रा में घरेलू एवं अन्य प्रकार का कचरा एकत्र कर डंपिंग स्थल तक पहुंचाया जाता है। इसके लिए तीन पहिया कचरा संग्रहण वाहन और ट्रैक्टर-ट्रॉलियां नियमित रूप से संचालित की जाती हैं। हालांकि लगातार हो रही बारिश के चलते कई गलियों और सड़कों पर फिसलन व जलभराव की स्थिति बनने से कचरा संग्रहण कार्य प्रभावित हुआ है।
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बीमारियों का खतरा बढ़ा
बारिश के दौरान खुले स्थानों पर रखा कचरा भीगने से उसका वजन बढ़ जाता है, जिससे उसे उठाने और परिवहन करने में कर्मचारियों को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ रही है। कई स्थानों पर कचरे के ढेर से दुर्गंध फैलने व मच्छरों के पनपने की आशंका भी बढ़ गई है। ऐसे में नगर परिषद ने कर्मचारियों को समय-समय पर सफाई अभियान चलाने और संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं।
जलभराव बना चुनौती
मानसून के दौरान सफाई व्यवस्था बनाए रखना चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। वाहनों और सफाई कर्मचारियों की सहायता से नियमित रूप से कचरा उठान का प्रयास किया जा रहा है। जहां जलभराव के कारण वाहन नहीं पहुंच पा रहे, वहां वैकल्पिक व्यवस्था करने की जरूरत है ताकि लोगों को अधिक परेशानी न हो।
नालों में न फेंकें कचरा
नगर परिषद ने नागरिकों से भी अपील की है कि वे कचरा खुले स्थानों या नालों में न फेंकें और निर्धारित समय पर ही कचरा संग्रहण वाहन में डालें। इससे नालों के जाम होने की समस्या कम होगी और बारिश के दौरान शहर में स्वच्छता व्यवस्था बनाए रखने में मदद मिलेगी। अब तो तीन माह तक मानसून सीजन बना रहेगा ऐसे में कचरा संग्रहण व्यवस्था सुचारु कर पाना मुश्किल बना हुआ है।
वर्सन:
मानसून की बारिश की वजह से स्वच्छता से जुड़ी गतिविधियां प्रभावित हुई हैं। नगर परिषद के सफाई कर्मचारी नियमित रूप से कचरे का उठान करवाने का प्रयास करते हैं। आम लोगों को चाहिए कि वे कचरा निर्धारित जगह पर ही डालें। शहर को स्वच्छ बनाए रखने में सहयोग करें।