फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Charkhi Dadri News ›   Preparation to protect against third wave of Corona: DC gave orders to Health Department to prepare ICU for children

कोरोना की तीसरी लहर से बचाव की तैयारी: डीसी ने स्वास्थ्य विभाग को दिए बच्चों के लिए आईसीयू तैयार करने के आदेश

Thu, 03 Jun 2021 01:00 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Thu, 03 Jun 2021 01:00 AM IST
विज्ञापन
Preparation to protect against third wave of Corona: DC gave orders to Health Department to prepare ICU for children
चरखी दादरी। कोरोना की तीसरी लहर से बचाव के लिए जिला प्रशासन तैयारियों में जुट गया है। तीसरी लहर में बच्चों पर ज्यादा प्रकोप की आशंका को देखते हुए उपायुक्त ने जिला स्वास्थ्य विभाग को बच्चों के लिए अलग से आईसीयू तैयार करने के निर्देश दिए है। इसके साथ ही उन्होंने विभाग को संसाधनों के साथ स्वास्थ्यकर्मियों की संख्या भी बढ़ाने के भी निर्देश जारी किए हैं। इसके अलावा जिला के सभी नर्सिंग कॉलेजों के विद्यार्थियों से सेवाएं ली जाएंगी।
विज्ञापन

उपायुक्त राजेश जोगपाल ने बुधवार को अधिकारियों से बैठक कर विभागों को पर्याप्त प्रबंध करने के निर्देश दे दिए हैं। डीसी ने जिला में बच्चों पर केंद्रीत सर्वे का कार्य लगातार जारी रखने और जरूरतमंद बच्चों को हर संभव सहायता तुरंत उपलब्ध करवाने के आदेश भी दिए हैं। बैठक में जिला बाल संरक्षण अधिकारी नीलकमल और जिला बाल परिषद की अध्यक्ष शिल्पी मड़िया को काउंसलर के साथ जरूरतमंद बच्चों के घर जाकर उनसे बात करके सोशल इंवेस्टिगेशन रिपोर्ट बनाने और शनिवार तक जमा करवाने के निर्देश दिए हैं। उपायुक्त ने कहा कि टीम जायजा ले कि संबंधित बच्चा वहां सुरक्षित है या नहीं। अगर बच्चे को वहां से शिफ्ट करने की जरूरत है, तो तुरंत इसकी जानकारी दी जाए। जुआनाइल जस्टिस बोर्ड के नियमों के अनुसार जरूरतमंद बच्चों को उम्र के हिसाब से डाइट भी उपलब्ध करवाई जाए।
विज्ञापन

डीसी ने कहा कि कोरोना के दौरान सबने किसी न किसी परिचित या अपने परिवार के सदस्य को खोया है। जब किसी बच्चे के माता या पिता का साया सिर से उठ जाता है जो वह समय बच्चे के लिए बहुत अधिक कठिन होता है। पिछले लगभग 400 दिनों से बच्चे घर में ही हैं। दोनों ही स्थिति में बच्चों पर नकारात्मक मानसिक प्रभाव पड़ने की संभावना रहती है। ऐसे में सभी बच्चों से तुंरत संपर्क कर उनकी काउंसिलिंग की व्यवस्था करें।
विज्ञापन
विज्ञापन

दस्तावेजों की कमी बच्चों की सहायता में न आए आड़े
उपायुक्त ने कहा कि अनाथ बच्चों के लिए सरकार द्वारा हाल ही में योजना घोषित की गई है। इसके लिए बच्चों को अपने परिजनों के मृत्यु प्रमाण पत्र सहित अन्य दस्तावेजों की जरूरत पड़ सकती है। आंगनबाड़ी वर्कर और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी सहित अन्य संबंधित विभाग इस कार्य में तत्काल बच्चों की मदद करें। ऐसे बच्चों को दस्तावेजों की कमी के कारण सहायता मिलने में समय लग सकता है। इसलिए प्रशासन ने इन बच्चों को तुरंत सहायता मुहैया कराने का निर्णय लिया है।

तीसरी लहर को देखते हुए प्रशासन से उठा चुका कदम
- बच्चों के लिए नेबुलाइजर और वेंटिलेटर की व्यवस्था के लिए मांग भेजी गई है।
- बच्चों में शुरुआती लक्षणों की पहचान के लिए आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित किया जाएगा।
- अंतिम वर्ष के मेडिकल छात्रों और नर्सिंग स्टाफ को प्रशिक्ष्ण देकर उन्हें पूरी तरह से प्रशिक्षित टास्क फोर्स के रूप में तैयार किया जाएगा।
- कुपोषित बच्चों की पहचान और टीकाकरण अभियान पहले ही शुरू किया जा चुका है।
- नागरिक अस्पताल में 500 लीटर प्रति मिनट की क्षमता का ऑक्सीजन प्लांट लगाने का कार्य चल रहा है।
तीसरी लहर को देखते हुए बच्चों के लिए पर्याप्त चिकित्सीय संसाधन जुटाने के आदेश मैंने दे दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग सिविल अस्पताल में बच्चों का आईसीयू भी जल्द तैयार कर लेगा। तीसरी लहर से पहले ही संसाधनों की कमी को दूर करने की हमारी योजना है।
राजेश जोगपाल, डीसी
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed