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कब तक बारिश के पानी को झेलती रहेगी सीसीआई की खाली पड़ी जगह
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शहर के रोहतक पर भरा बारिश का पानी।
- फोटो : CharkhiDadri
शहर को इस बारिश भी जलभराव की समस्या से निजात मिलती नहीं दिख रही। शहर के सीवरेज सिस्टम की बदहाली इसकी मुख्य वजह है। शहर की सड़कों पर भरा पानी नालों व सीवर के सहारे ही कॉमन ट्रीटमेंट प्लांट (सीटीपी) तक पहुंचता है। जबकि नालियां कूड़े से अटी पड़ी है और सीवर लाइनों की क्षमता कम होने की चलते पहले ही ओवरफ्लो हैं, इनमें जब बारिश का पानी जा नहीं पाता। जिससे ये पानी सड़कों पर फैल जाता है। इसी वजह से मामूली बारिश में सड़कों पर जलभराव के हालात पैदा हो जाते हैं। इस समस्या को निपटाने के लिए सीवर लाइनों को बदलने की आवश्यकता है। जनस्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इस संबंध में प्रस्ताव शासन को भेजा गया है, वहां से स्वीकृत मिलने के बाद इस पर काम किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि शहर में बारिश के पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं होने से थोड़ी-सी बारिश होने पर ही सड़कों पर पानी भर जाता है। सभी रास्ते बंद हो जाते हैं। बारिश के जलभराव से अब सड़कें भी जबाव देने लगी हैं। सड़कों पर रोड़ियां बिखरने लगी हैं। जनस्वास्थ्य विभाग ने शहर के बारिश एवं दूषित पानी निकासी के लिए दो एसटीपी बना रखे हैं लेकिन दोनो ही एसटीपी सही तरीके से काम नहीं कर रहे हैं। दिल्ली रोड पर बने एसटीपी का कुछ हिस्सा तो एनएच 152-डी के दायरे में आ गया है जिससे अब यहां स्टोरेज क्षमता घट गई है। दूसरे रामनगर के समीप बने एसटीपी के आसपास भी पानी की स्टोरेज का कोई प्रबंधन नहीं है। ऐसे में जल निकासी के लिए प्रशासन के पास कोई प्रबंध नहीं है। इस समय शहर का अधिकतर पानी शहर से सटते सीसीआई परिसर में पानी डाला जा रहा है। शहर से पंप व मोटरों के जरिए पानी का उठान कर इस खाली जगह में डाला जा रहा है।
वहीं, शहरवासियों का कहना है कि मामूली बारिश में पानी की निकासी के लिए उचित प्रबंध किए जाने की जरूरत है ताकि कुछ राहत मिल सके। इस समय सीवर लाइनें ओवरफ्लो बनी हुई हैं। जब तक आगे पानी का उठान नहीं होगा तब तक शहर से पानी की निकासी नहीं हो सकेगी। बारिश से शहर की सड़कों का स्वरूप ही बिगड़ गया है। सीवर के नाले भी भर जाते हैं जिससे पानी आगे नहीं बढ़ पाता। नालों की भी ठीक प्रकार से सफाई नहीं हो पा रही है। सीसीआई परिसर में पानी न निकलने से आसपास की बस्ती के लोगों का जीना मुश्किल बना हुआ है।
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शहर में बारिश के पानी की निकासी व्यवस्था करनी चाहिए। इसका स्थायी प्रबंधन होना चाहिए। इस समय शहर के हालात खराब हैं। सीवरों के जरिए बारिश के पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। सीवर लाइनें रुकी हुई हैं। पहले सीवर लाइनों की सफाई की जरूरत है। विभाग को इस समस्या का स्थायी समाधान करना चाहिए। -जय सिंह लांबा, पूर्व पार्षद।
-बारिश की तो बात ही अलग है, सामान्य दिनों में भी सीवर का पानी नहीं निकल पा रहा है। वार्डों और बाजारों में पानी भरा रहता है। सीवर व बारिश के पानी से सड़कें भी टूट गई हैं। विभाग को इसका स्थायी समाधान करना चाहिए ताकि बारिश होने पर उसी समय शहर से पानी की निकासी हो सके। - विनोद वाल्मीकि, पार्षद।
बारिश के पानी के प्रबंधन के लिए प्रयास जारी हैं। एसटीपी के पानी का प्रबंधन करने के लिए प्रोजेक्ट सरकार को भेज रखा है। विभाग स्थायी समाधान की पूरी कोशिश में है। -शशीकांत, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग।
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उल्लेखनीय है कि शहर में बारिश के पानी की निकासी की व्यवस्था नहीं होने से थोड़ी-सी बारिश होने पर ही सड़कों पर पानी भर जाता है। सभी रास्ते बंद हो जाते हैं। बारिश के जलभराव से अब सड़कें भी जबाव देने लगी हैं। सड़कों पर रोड़ियां बिखरने लगी हैं। जनस्वास्थ्य विभाग ने शहर के बारिश एवं दूषित पानी निकासी के लिए दो एसटीपी बना रखे हैं लेकिन दोनो ही एसटीपी सही तरीके से काम नहीं कर रहे हैं। दिल्ली रोड पर बने एसटीपी का कुछ हिस्सा तो एनएच 152-डी के दायरे में आ गया है जिससे अब यहां स्टोरेज क्षमता घट गई है। दूसरे रामनगर के समीप बने एसटीपी के आसपास भी पानी की स्टोरेज का कोई प्रबंधन नहीं है। ऐसे में जल निकासी के लिए प्रशासन के पास कोई प्रबंध नहीं है। इस समय शहर का अधिकतर पानी शहर से सटते सीसीआई परिसर में पानी डाला जा रहा है। शहर से पंप व मोटरों के जरिए पानी का उठान कर इस खाली जगह में डाला जा रहा है।
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वहीं, शहरवासियों का कहना है कि मामूली बारिश में पानी की निकासी के लिए उचित प्रबंध किए जाने की जरूरत है ताकि कुछ राहत मिल सके। इस समय सीवर लाइनें ओवरफ्लो बनी हुई हैं। जब तक आगे पानी का उठान नहीं होगा तब तक शहर से पानी की निकासी नहीं हो सकेगी। बारिश से शहर की सड़कों का स्वरूप ही बिगड़ गया है। सीवर के नाले भी भर जाते हैं जिससे पानी आगे नहीं बढ़ पाता। नालों की भी ठीक प्रकार से सफाई नहीं हो पा रही है। सीसीआई परिसर में पानी न निकलने से आसपास की बस्ती के लोगों का जीना मुश्किल बना हुआ है।
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शहर में बारिश के पानी की निकासी व्यवस्था करनी चाहिए। इसका स्थायी प्रबंधन होना चाहिए। इस समय शहर के हालात खराब हैं। सीवरों के जरिए बारिश के पानी की निकासी नहीं हो पा रही है। सीवर लाइनें रुकी हुई हैं। पहले सीवर लाइनों की सफाई की जरूरत है। विभाग को इस समस्या का स्थायी समाधान करना चाहिए। -जय सिंह लांबा, पूर्व पार्षद।
-बारिश की तो बात ही अलग है, सामान्य दिनों में भी सीवर का पानी नहीं निकल पा रहा है। वार्डों और बाजारों में पानी भरा रहता है। सीवर व बारिश के पानी से सड़कें भी टूट गई हैं। विभाग को इसका स्थायी समाधान करना चाहिए ताकि बारिश होने पर उसी समय शहर से पानी की निकासी हो सके। - विनोद वाल्मीकि, पार्षद।
बारिश के पानी के प्रबंधन के लिए प्रयास जारी हैं। एसटीपी के पानी का प्रबंधन करने के लिए प्रोजेक्ट सरकार को भेज रखा है। विभाग स्थायी समाधान की पूरी कोशिश में है। -शशीकांत, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग।