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सिविल अस्पताल में ऑरथो ओटी शुरू, ढ़ाई लाख तक के ऑपरेशन होंगे निशुल्क
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ऑर्थो ओटी में ऑपरेशन के दौरान मौजूद चिकित्सकों की टीम।
- फोटो : CharkhiDadri
सिविल अस्पताल में ऑर्थो ओटी शुरू, ढ़ाई लाख तक के ऑपरेशन होंगे निशुल्क
शनिवार को पहले ही दिन हुए दो ऑपरेशन, प्रतिमाह 100 मरीजों को रोहतक ट्रामा सेंटर की भागदौड़ से मिलेगी निजात
सड़क हादसों में घायल हुए लोगों को भी हड्डियों के ऑपरेशन के लिए नहीं किया जाएगा रेफर
चरखी दादरी। स्वास्थ्य विभाग ने सिविल अस्पताल में हड्डियों से संबंधी विभिन्न प्रकार के ऑपरेशन की सुविधा शुरू कर दी है। पहले ही दिन दो मरीजों के ऑपरेशन किए गए और दोनों ऑपरेशन सफल रहे। ऑपरेशन के बाद सीएमओ डॉ. सुदर्शन पंवार ने बताया कि ओटी में अब तक तीन ऑपरेशन हो चुके हैं। एक ऑपरेशन पहले और दो शनिवार को किए गए। मौजूदा संसाधनों के सहारे ही ऑर्थो ओटी में ऑपरेशन सुविधा कर दी गई है। कुछ मशीनें आनी हैं और उनके आने के बाद ओटी की सेवाओं में और विस्तार किया जाएगा।
दादरी जिले में चार ऑर्थो स्पेशलिस्ट तैनात हैं। इनमें डॉ. राजीव बैनीवाल, डॉ. रवि सहरावत, डॉ. बिजेंद्र और डॉ. कृष्ण शामिल हैं। चारों ऑर्थो पर ओटी के साथ ऑपरेशन थियेटर में रोस्टर के मुताबिक सेवाएं देंगे। अब तक दादरी जिले में ऑर्थो की तैनाती के बाद ही ऑपरेशन की सुविधा शुरू नहीं हो पाई थी। विधिवत रूप से विभाग ने शनिवार को ऑपरेटन थियेटर में ऑपरेशन शुरू किए हैं। ओटी शुरू होने से पहले विभाग हड्डियों के ऑपरेशन के सभी केस पीजीआई ट्रामा सेंटर में रेफर करता था। भागदौड़ के झंझट से बचने के लिए लोग मजबूरीवश निजी अस्पतालों में जाकर ऑपरेशन करवाने को विवश थे।
सीएमओ डॉ. सुदर्शन पंवार ने बताया कि शनिवार को एक चालक की हाथ की हड्डी का और एक महिला के पैर की हड्डी का ऑपरेशन किए गए। अब हड्डियों के सभी प्रकार के ऑपरेशन सिविल अस्पताल में किए जाएंगे और मरीजों को अब पीजीआई ट्रामा सेंटर रेफर नहीं किया जाएगा। इसके अलावा सड़क हादसों में घायल मरीजों को भी हड्डी के ऑपरेशन के लिए रेफर नहीं किया जाएगा। नियमित रूप से अब अस्पताल की ओटी में ऑपरेशन किए जाएंगे। संवाद
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पहले दिन इनको मिला ऑपरेशन सुविधा का लाभ
केस:1- डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि एक ट्रक चालक नीचे उतरते समय गिरकर घायल हो गया था। हादसे में उसके हाथ की हड्डी टूट गई। शनिवार को उसके हाथ का ऑपरेशन किया गया जो सफल रहा।
केस:2- डॉ. अनिल ने बताया कि चिड़िया निवासी 29 वर्षीय महिला के पैर की हड्डी टूट गई थी। उक्त महिला उपचार के लिए सिविल अस्पताल में आई थी। शनिवार को ओटी में उसका भी ऑपरेशन किया गया।
- निजी अस्पतालों में 50 हजार से ढाई लाख तक आता है खर्च
निजी अस्पतालों में अगर हड्डियों के ऑपरेशन पर आने वाले खर्च की बात करें तो 50 हजार से ढाई लाख रुपये तक बनता है। सिविल अस्पताल में ऑर्थो ओटी शुरू होने से हड्डियों के ऑपरेशन के लिए अब लोगों को निजी अस्पतालों में जाकर जेब ढीली करने की जरूरत नहीं है। यहां हड्डियों के फ्रेक्चर संबंधी सभी प्रकार के ऑपरेशन समेत घुटने, कूल्हे के ऑपरेशन समेत प्रत्यारोपण की सुविधा भी मिलेगी।
- एक साल में 1000 ऑपरेशन होने की उम्मीद
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार हड्डियों के ऑपरेशन के लिए सिविल अस्पताल में एक माह में 60 से 100 मरीज आते हैं। इस लिहाज से अगर एक माह में औसतन 80 केस माने तो सालभर में करीब 960 केस बनत हैं। ऐसे में ऑर्थो ओटी में एक साल के अंदर एक हजार ऑपरेशन होने की उम्मीद है।
- सीआरएम मिलने के बाद ऑपरेशन सुविधाओं का दायरा
सीएमओ सुदर्शन पंवार ने बताया कि सीआरएम के लिए डिमांड भेजी हुई है और डीसी प्रदीप गोदारा से भी इसकी मांग की गई है। इस मशीन की कीमत करीब दस लाख रुपये है। ऑपरेशन के बाद जोड़ी गईं हड्डियों और नट की स्थिति देखने में यह मदद कम आती है जबकि इसके बिना एक्स-रे के जरिये पता लगाया जा रहा है। यह मशीन मिलने के बाद गुर्दे व पथरी के ऑपरेशन भी शुरू कर दिए जाएंगे।
वर्जन::
ऑर्थो ओटी हमने शुरू कर दी है। शनिवार को दो ऑपरेशन हुए जो सफल रहे। अब हड्डियो के ऑपरेशन के लिए किसी भी मरीज को ट्रामा सेंटर या निजी अस्पतालों में जाने की जरूरत नहीं है। कुछ और मशीनें आनी हैं और इनके मिलते ही ऑपरेशन सुविधा का दायरा हम और बढ़ा देंगे।
डॉ. सुदर्शन पंवार, सीएमओ, चरखी दादरी
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शनिवार को पहले ही दिन हुए दो ऑपरेशन, प्रतिमाह 100 मरीजों को रोहतक ट्रामा सेंटर की भागदौड़ से मिलेगी निजात
सड़क हादसों में घायल हुए लोगों को भी हड्डियों के ऑपरेशन के लिए नहीं किया जाएगा रेफर
चरखी दादरी। स्वास्थ्य विभाग ने सिविल अस्पताल में हड्डियों से संबंधी विभिन्न प्रकार के ऑपरेशन की सुविधा शुरू कर दी है। पहले ही दिन दो मरीजों के ऑपरेशन किए गए और दोनों ऑपरेशन सफल रहे। ऑपरेशन के बाद सीएमओ डॉ. सुदर्शन पंवार ने बताया कि ओटी में अब तक तीन ऑपरेशन हो चुके हैं। एक ऑपरेशन पहले और दो शनिवार को किए गए। मौजूदा संसाधनों के सहारे ही ऑर्थो ओटी में ऑपरेशन सुविधा कर दी गई है। कुछ मशीनें आनी हैं और उनके आने के बाद ओटी की सेवाओं में और विस्तार किया जाएगा।
दादरी जिले में चार ऑर्थो स्पेशलिस्ट तैनात हैं। इनमें डॉ. राजीव बैनीवाल, डॉ. रवि सहरावत, डॉ. बिजेंद्र और डॉ. कृष्ण शामिल हैं। चारों ऑर्थो पर ओटी के साथ ऑपरेशन थियेटर में रोस्टर के मुताबिक सेवाएं देंगे। अब तक दादरी जिले में ऑर्थो की तैनाती के बाद ही ऑपरेशन की सुविधा शुरू नहीं हो पाई थी। विधिवत रूप से विभाग ने शनिवार को ऑपरेटन थियेटर में ऑपरेशन शुरू किए हैं। ओटी शुरू होने से पहले विभाग हड्डियों के ऑपरेशन के सभी केस पीजीआई ट्रामा सेंटर में रेफर करता था। भागदौड़ के झंझट से बचने के लिए लोग मजबूरीवश निजी अस्पतालों में जाकर ऑपरेशन करवाने को विवश थे।
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सीएमओ डॉ. सुदर्शन पंवार ने बताया कि शनिवार को एक चालक की हाथ की हड्डी का और एक महिला के पैर की हड्डी का ऑपरेशन किए गए। अब हड्डियों के सभी प्रकार के ऑपरेशन सिविल अस्पताल में किए जाएंगे और मरीजों को अब पीजीआई ट्रामा सेंटर रेफर नहीं किया जाएगा। इसके अलावा सड़क हादसों में घायल मरीजों को भी हड्डी के ऑपरेशन के लिए रेफर नहीं किया जाएगा। नियमित रूप से अब अस्पताल की ओटी में ऑपरेशन किए जाएंगे। संवाद
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पहले दिन इनको मिला ऑपरेशन सुविधा का लाभ
केस:1- डॉ. अनिल कुमार ने बताया कि एक ट्रक चालक नीचे उतरते समय गिरकर घायल हो गया था। हादसे में उसके हाथ की हड्डी टूट गई। शनिवार को उसके हाथ का ऑपरेशन किया गया जो सफल रहा।
केस:2- डॉ. अनिल ने बताया कि चिड़िया निवासी 29 वर्षीय महिला के पैर की हड्डी टूट गई थी। उक्त महिला उपचार के लिए सिविल अस्पताल में आई थी। शनिवार को ओटी में उसका भी ऑपरेशन किया गया।
- निजी अस्पतालों में 50 हजार से ढाई लाख तक आता है खर्च
निजी अस्पतालों में अगर हड्डियों के ऑपरेशन पर आने वाले खर्च की बात करें तो 50 हजार से ढाई लाख रुपये तक बनता है। सिविल अस्पताल में ऑर्थो ओटी शुरू होने से हड्डियों के ऑपरेशन के लिए अब लोगों को निजी अस्पतालों में जाकर जेब ढीली करने की जरूरत नहीं है। यहां हड्डियों के फ्रेक्चर संबंधी सभी प्रकार के ऑपरेशन समेत घुटने, कूल्हे के ऑपरेशन समेत प्रत्यारोपण की सुविधा भी मिलेगी।
- एक साल में 1000 ऑपरेशन होने की उम्मीद
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार हड्डियों के ऑपरेशन के लिए सिविल अस्पताल में एक माह में 60 से 100 मरीज आते हैं। इस लिहाज से अगर एक माह में औसतन 80 केस माने तो सालभर में करीब 960 केस बनत हैं। ऐसे में ऑर्थो ओटी में एक साल के अंदर एक हजार ऑपरेशन होने की उम्मीद है।
- सीआरएम मिलने के बाद ऑपरेशन सुविधाओं का दायरा
सीएमओ सुदर्शन पंवार ने बताया कि सीआरएम के लिए डिमांड भेजी हुई है और डीसी प्रदीप गोदारा से भी इसकी मांग की गई है। इस मशीन की कीमत करीब दस लाख रुपये है। ऑपरेशन के बाद जोड़ी गईं हड्डियों और नट की स्थिति देखने में यह मदद कम आती है जबकि इसके बिना एक्स-रे के जरिये पता लगाया जा रहा है। यह मशीन मिलने के बाद गुर्दे व पथरी के ऑपरेशन भी शुरू कर दिए जाएंगे।
वर्जन::
ऑर्थो ओटी हमने शुरू कर दी है। शनिवार को दो ऑपरेशन हुए जो सफल रहे। अब हड्डियो के ऑपरेशन के लिए किसी भी मरीज को ट्रामा सेंटर या निजी अस्पतालों में जाने की जरूरत नहीं है। कुछ और मशीनें आनी हैं और इनके मिलते ही ऑपरेशन सुविधा का दायरा हम और बढ़ा देंगे।
डॉ. सुदर्शन पंवार, सीएमओ, चरखी दादरी
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