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Charkhi Dadri News: फर्जी प्रॉपर्टी आईडी से रजिस्ट्री मामले में जांच के आदेश
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कष्ट निवारण समिति की बैठक में मौजूद कृषिमंत्री श्याम सिंह राणा, विधायक उमेद पातुवास, डीसी मुनीश
चरखी दादरी। दादरी लघु सचिवालय में शुक्रवार सुबह कष्ट निवारण समिति की बैठक आयोजित की गई। इसकी अध्यक्षता कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने की। उन्होंने दो घंटे के अंदर 16 परिवादों की सुनवाई की और इनमें से 14 का निपटान कर 4 को अगली बैठक के लिए लंबित रखा। वहीं, फर्जी प्रॉपर्टी आईडी के जरिये 480 वर्गगज जमीन की रजिस्ट्री कराने के मामले की जांच एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) को सौंपी गई।
सुबह करीब 9:40 मिनट पर कृषि मंत्री बैठक कक्ष में पहुंचे। बैठक में डीसी मुनीश शर्मा, एसपी अर्श वर्मा, नवनियुक्त आईएएस एवं दादरी एसडीएम योगेश सैनी और बाढड़ा विधायक उमेद पातुवास समेत तमाम अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में पहला परिवाद दिनेश वशिष्ठ का सुना गया। उन्होंने फर्जी प्रॉपर्टी आईडी के जरिये सरकारी जमीन हड़पने का मुद्दा उठाया। एसडीएम योगेश सैनी ने अपनी रिपोर्ट पेश की, जिसमें बताया गया कि मामले में गड़बड़ी हुई और मिलीभगत कर गलत काम करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, फिर चाहे वो राजस्व विभाग के कर्मचारी हो या नगर परिषद के। दूसरा मामला अवैध कॉलोनी विकसित करने से जुड़ा रहा और इस मामले में मंत्री श्याम सिंह राणा ने नगर परिषद, डीटीपी और एनफोर्समेंट टीम को कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
तीसरा परिवाद दगड़ौली निवासी पुष्पेंद्र का रहा, लेकिन वो बैठक में नहीं आए। चौथा परिवाद दातौली निवासी रमेश कुमार का रहा और इसे अगली बैठक के लिए लंबित रखा गया। पांचवां परिवाद पिचौपाकलां माइनिंग जोन में सड़क तोड़कर रास्ता खत्म का रहा और इस मामले की जांच के लिए एडीसी की अगुवाई में कमेटी बनाई गई, जो अगली बैठक में अपनी रिपोर्ट सौंपेंगी। वहीं, शहर निवासी सत्यवंती ने बिजली निगम से संबंधी शिकायत रखी और इसे अगली बैठक के लिए लंबित रखा गया।
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15 माह से मुझे नहीं मिला बिजली, शिकायत भी कर चुका : वार्ड-3 निवासी महावीर सिंह ने बिजली निगम से जुड़ी शिकायत की। उन्होंने बताया कि वर्ष 1999 से उसके घर मीटर लगा हुआ है, लेकिन पिछले 15 माह से बिजली बिल नहीं भेजा रहा। बिजली निगम के अधिकारियों से शिकायत कर चुका हूं, लेकिन समाधान नहीं हुआ है। इस पर मंत्री ने एक्सईएन से कहा कि बिल समय पर भेजना आपका काम है। अब अगर 15 माह का बिल एकसाथ भेजेंगे तो बुजुर्ग कैसे भर पाएगा। इसलिए निगम बुजुर्ग की सुविधा अनुसार ही बिल भुगतान कराए।
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सुबह करीब 9:40 मिनट पर कृषि मंत्री बैठक कक्ष में पहुंचे। बैठक में डीसी मुनीश शर्मा, एसपी अर्श वर्मा, नवनियुक्त आईएएस एवं दादरी एसडीएम योगेश सैनी और बाढड़ा विधायक उमेद पातुवास समेत तमाम अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में पहला परिवाद दिनेश वशिष्ठ का सुना गया। उन्होंने फर्जी प्रॉपर्टी आईडी के जरिये सरकारी जमीन हड़पने का मुद्दा उठाया। एसडीएम योगेश सैनी ने अपनी रिपोर्ट पेश की, जिसमें बताया गया कि मामले में गड़बड़ी हुई और मिलीभगत कर गलत काम करने वाले कर्मचारियों पर कार्रवाई होनी चाहिए, फिर चाहे वो राजस्व विभाग के कर्मचारी हो या नगर परिषद के। दूसरा मामला अवैध कॉलोनी विकसित करने से जुड़ा रहा और इस मामले में मंत्री श्याम सिंह राणा ने नगर परिषद, डीटीपी और एनफोर्समेंट टीम को कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
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तीसरा परिवाद दगड़ौली निवासी पुष्पेंद्र का रहा, लेकिन वो बैठक में नहीं आए। चौथा परिवाद दातौली निवासी रमेश कुमार का रहा और इसे अगली बैठक के लिए लंबित रखा गया। पांचवां परिवाद पिचौपाकलां माइनिंग जोन में सड़क तोड़कर रास्ता खत्म का रहा और इस मामले की जांच के लिए एडीसी की अगुवाई में कमेटी बनाई गई, जो अगली बैठक में अपनी रिपोर्ट सौंपेंगी। वहीं, शहर निवासी सत्यवंती ने बिजली निगम से संबंधी शिकायत रखी और इसे अगली बैठक के लिए लंबित रखा गया।
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15 माह से मुझे नहीं मिला बिजली, शिकायत भी कर चुका : वार्ड-3 निवासी महावीर सिंह ने बिजली निगम से जुड़ी शिकायत की। उन्होंने बताया कि वर्ष 1999 से उसके घर मीटर लगा हुआ है, लेकिन पिछले 15 माह से बिजली बिल नहीं भेजा रहा। बिजली निगम के अधिकारियों से शिकायत कर चुका हूं, लेकिन समाधान नहीं हुआ है। इस पर मंत्री ने एक्सईएन से कहा कि बिल समय पर भेजना आपका काम है। अब अगर 15 माह का बिल एकसाथ भेजेंगे तो बुजुर्ग कैसे भर पाएगा। इसलिए निगम बुजुर्ग की सुविधा अनुसार ही बिल भुगतान कराए।