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Charkhi Dadri News: शहर में अब लाइटों के इशारे पर दौड़ेंगे वाहन...
Fri, 02 Feb 2024 01:21 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 02 Feb 2024 01:21 AM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
चरखी दादरी। महानगरों और अन्य शहरों की तर्ज पर अब शहर की सड़कों पर भी वाहन ट्रैफिक लाइट के इशारों पर दौड़ेंगे। इसका प्रारूप नगर परिषद अधिकारी तैयार कर चुके हैं। इस योजना को निदेशालय भी हरी झंडी दे चुका है। अब इसके लिए फाइनल एस्टीमेट और टेंडर प्रक्रिया होनी बाकी है। अब तक शहर के किसी भी चौराहा पर ट्रैफिक लाइट नहीं है।
शहर की अगर बात करें तो जिला मुख्यालय की तर्ज पर अनिवार्य कई सुविधाएं यहां नहीं हैं। यातायात व्यवस्था को नियंत्रित रखने के लिए ट्रैफिक लाइट ही नहीं लगी है। यह मुद्दा सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में लगातार उठा और इस पर संज्ञान लेते हुए उपायुक्त ने नगर परिषद को योजना तैयार करने के निर्देश दिए थे। नगर परिषद के अधिकारी योजना तैयार कर चुके हैं। इसका प्रारूप तैयार कर शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय भेजा गया था, जिसे मंजूरी मिल चुकी है।
पांच चौराहों पर ट्रैफिक लाइटें लगाने के साथ सभी कट पर ब्लिंकर भी लगाए जाएंगे, ताकि वाहन चालकों को यू-टर्न का पता चल सके और सड़कों पर हादसे भी न हो। कट की संख्या का पता फाइनल एस्टिमेट तय करने वाली एजेंसी लगाएगी। एजेंसी की ओर से ब्लिंकर संख्या का एस्टिमेट मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया की जाएगी। इस प्रोजेक्ट पर प्रशासनिक स्वीकृति नगर परिषद को मिल चुकी है। ट्रैफिक लाइट लगने से वाहन न केवल व्यवस्थित ढंग से चलेंगे, बल्कि इससे सड़क हादसों में भी कमी आएगी। शहर की अंदरूनी सड़कों पर कई हादसे हो चुके हैं, जिनमें घायल होने के साथ वाहन चालकों की मौत हो चुकी है। खास बात यह है कि ज्यादातर बड़े हादसे रात के समय हुए हैं।
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इन चौराहों पर लगेंगी लाइटें
योजना में नगर परिषद की ओर से शहर के सभी बाहरी प्रवेश बिंदुओं को कवर किया गया है। नगर परिषद की रावलधी चौक, समसपुर चौक, लोहारू चौक और चिड़िया मोड़ समेत शहर के मध्य में स्थित परशुराम चौक पर ट्रैफिक लाइट लगाने की योजना है।
सड़कों पर दौड़ते हैं 30 हजार से अधिक वाहन
शहर की अंदरूनी सड़कों पर दुपहिया और चार पहिया वाहनों का दबाव अधिक है। बस स्टैंड रोड, कोर्ट रोड, रोहतक रोड व लोहारू रोड से प्रतिदिन हजारों वाहन चालक गुजरते हैं। शहर के बाहरी क्षेत्र की सड़कों पर मालवाहक और भारी वाहन का दबाव ज्यादा है। शहर की अंदरूनी और बाहरी सड़कों से प्रतिदिन 300 हजार से अधिक वाहन चालक गुजरते हैं।
एक करोड़ लागत आने का अनुमान
शहर में ट्रैफिक लाइट और ब्लिंकर लगाने पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है। प्रशासनिक स्वीकृति मिलने से लाइटें लगने का रास्ता साफ है। वास्तविक लागत राशि का पता फाइनल एस्टीमेट तैयार होने के बाद ही चल पाएगा। अधिकारियों के अनुसार टेंडर प्रक्रिया के जरिये शहर के सभी प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक लाइट लगवाई जाएंगी। ये लाइटें लगाने के बाद पुलिस विभाग को हैंडओवर की जाएगी। पुलिस विभाग की ओर से इन लाइट को संचालित किया जाएगा।
शहर में ट्रैफिक लाइट्स लगाने का प्रारूप तैयार हो चुका है। सभी चौराहों पर लाइट्स लगवाने की योजना है। ये लाइट्स पुलिस विभाग को हैंडओवर की जाएंगी। - सुमित नांदल, एक्सईएन, नगर परिषद
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चरखी दादरी। महानगरों और अन्य शहरों की तर्ज पर अब शहर की सड़कों पर भी वाहन ट्रैफिक लाइट के इशारों पर दौड़ेंगे। इसका प्रारूप नगर परिषद अधिकारी तैयार कर चुके हैं। इस योजना को निदेशालय भी हरी झंडी दे चुका है। अब इसके लिए फाइनल एस्टीमेट और टेंडर प्रक्रिया होनी बाकी है। अब तक शहर के किसी भी चौराहा पर ट्रैफिक लाइट नहीं है।
शहर की अगर बात करें तो जिला मुख्यालय की तर्ज पर अनिवार्य कई सुविधाएं यहां नहीं हैं। यातायात व्यवस्था को नियंत्रित रखने के लिए ट्रैफिक लाइट ही नहीं लगी है। यह मुद्दा सड़क सुरक्षा समिति की बैठक में लगातार उठा और इस पर संज्ञान लेते हुए उपायुक्त ने नगर परिषद को योजना तैयार करने के निर्देश दिए थे। नगर परिषद के अधिकारी योजना तैयार कर चुके हैं। इसका प्रारूप तैयार कर शहरी स्थानीय निकाय निदेशालय भेजा गया था, जिसे मंजूरी मिल चुकी है।
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पांच चौराहों पर ट्रैफिक लाइटें लगाने के साथ सभी कट पर ब्लिंकर भी लगाए जाएंगे, ताकि वाहन चालकों को यू-टर्न का पता चल सके और सड़कों पर हादसे भी न हो। कट की संख्या का पता फाइनल एस्टिमेट तय करने वाली एजेंसी लगाएगी। एजेंसी की ओर से ब्लिंकर संख्या का एस्टिमेट मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया की जाएगी। इस प्रोजेक्ट पर प्रशासनिक स्वीकृति नगर परिषद को मिल चुकी है। ट्रैफिक लाइट लगने से वाहन न केवल व्यवस्थित ढंग से चलेंगे, बल्कि इससे सड़क हादसों में भी कमी आएगी। शहर की अंदरूनी सड़कों पर कई हादसे हो चुके हैं, जिनमें घायल होने के साथ वाहन चालकों की मौत हो चुकी है। खास बात यह है कि ज्यादातर बड़े हादसे रात के समय हुए हैं।
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इन चौराहों पर लगेंगी लाइटें
योजना में नगर परिषद की ओर से शहर के सभी बाहरी प्रवेश बिंदुओं को कवर किया गया है। नगर परिषद की रावलधी चौक, समसपुर चौक, लोहारू चौक और चिड़िया मोड़ समेत शहर के मध्य में स्थित परशुराम चौक पर ट्रैफिक लाइट लगाने की योजना है।
सड़कों पर दौड़ते हैं 30 हजार से अधिक वाहन
शहर की अंदरूनी सड़कों पर दुपहिया और चार पहिया वाहनों का दबाव अधिक है। बस स्टैंड रोड, कोर्ट रोड, रोहतक रोड व लोहारू रोड से प्रतिदिन हजारों वाहन चालक गुजरते हैं। शहर के बाहरी क्षेत्र की सड़कों पर मालवाहक और भारी वाहन का दबाव ज्यादा है। शहर की अंदरूनी और बाहरी सड़कों से प्रतिदिन 300 हजार से अधिक वाहन चालक गुजरते हैं।
एक करोड़ लागत आने का अनुमान
शहर में ट्रैफिक लाइट और ब्लिंकर लगाने पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च आने का अनुमान है। प्रशासनिक स्वीकृति मिलने से लाइटें लगने का रास्ता साफ है। वास्तविक लागत राशि का पता फाइनल एस्टीमेट तैयार होने के बाद ही चल पाएगा। अधिकारियों के अनुसार टेंडर प्रक्रिया के जरिये शहर के सभी प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक लाइट लगवाई जाएंगी। ये लाइटें लगाने के बाद पुलिस विभाग को हैंडओवर की जाएगी। पुलिस विभाग की ओर से इन लाइट को संचालित किया जाएगा।
शहर में ट्रैफिक लाइट्स लगाने का प्रारूप तैयार हो चुका है। सभी चौराहों पर लाइट्स लगवाने की योजना है। ये लाइट्स पुलिस विभाग को हैंडओवर की जाएंगी। - सुमित नांदल, एक्सईएन, नगर परिषद