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रेसीपी प्रतियोगिता में कैलाशवंती को मिला प्रथम पुरस्कार
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चरखी दादरी। आजादी का अमृत महोत्सव श्रृंखला के तहत महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से गांव कमोद में रेसीपी प्रतियोगिता करवाई गई।
इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी गीता सहारन ने बताया कि पोषण माह जागरूकता कार्यक्रम के तहत आयोजित प्रतियोगिता में महिलाओं ने पंजीरी, लापसी, हलवा, खिचड़ी, पूड़ा आदि अनेक प्रकार के खाद्य पदार्थ बनाए। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं व किशोरियों को अच्छे खानपान व विभिन्न प्रकार के रोगों से बचाव व रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के बारे में जागरूक किया गया। रेसीपी प्रतियोगिता में कैलाशवंती द्वारा बनाई गई पंजीरी प्रथम स्थान पर रही। इसी प्रकार सुनील द्वारा तैयार की गई लापसी दूसरे स्थान पर रही। सिवानी द्वारा बनाई गई खिचड़ी व नीलम द्वारा तैयार किए गए मिक्स अनाज के पूड़े तीसरे स्थान पर रहे। सभी महिलाओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम अधिकारी गीता सहारन ने कहा कि पोषण अभियान का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं, माताओं व बच्चों के पोषण की आवश्यकताओं को पूरा करना है। इस दौरान महिलाओं को हरी पत्तेदार सब्जियां, मोटे अनाज जैसे चना, बाजरा, रागी और मक्का, दाल आदि और दूध, दही, फल खाने में शामिल करने के बारे में जागरूक किया गया। इस दौरान बच्चों के लिए कपड़े और मिट्टी के खिलौने की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इस अवसर पर सुपरवाइजर सरोज, पूर्व सरपंच सुदर्शन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता राजवंती, उर्मिला, सुनील, कैलाशवंती, संतरा आदि महिलाएं मौजूद रही।
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इस अवसर पर कार्यक्रम अधिकारी गीता सहारन ने बताया कि पोषण माह जागरूकता कार्यक्रम के तहत आयोजित प्रतियोगिता में महिलाओं ने पंजीरी, लापसी, हलवा, खिचड़ी, पूड़ा आदि अनेक प्रकार के खाद्य पदार्थ बनाए। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं व किशोरियों को अच्छे खानपान व विभिन्न प्रकार के रोगों से बचाव व रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के बारे में जागरूक किया गया। रेसीपी प्रतियोगिता में कैलाशवंती द्वारा बनाई गई पंजीरी प्रथम स्थान पर रही। इसी प्रकार सुनील द्वारा तैयार की गई लापसी दूसरे स्थान पर रही। सिवानी द्वारा बनाई गई खिचड़ी व नीलम द्वारा तैयार किए गए मिक्स अनाज के पूड़े तीसरे स्थान पर रहे। सभी महिलाओं को पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम अधिकारी गीता सहारन ने कहा कि पोषण अभियान का उद्देश्य गर्भवती महिलाओं, माताओं व बच्चों के पोषण की आवश्यकताओं को पूरा करना है। इस दौरान महिलाओं को हरी पत्तेदार सब्जियां, मोटे अनाज जैसे चना, बाजरा, रागी और मक्का, दाल आदि और दूध, दही, फल खाने में शामिल करने के बारे में जागरूक किया गया। इस दौरान बच्चों के लिए कपड़े और मिट्टी के खिलौने की प्रदर्शनी भी लगाई गई। इस अवसर पर सुपरवाइजर सरोज, पूर्व सरपंच सुदर्शन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता राजवंती, उर्मिला, सुनील, कैलाशवंती, संतरा आदि महिलाएं मौजूद रही।
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