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नशे के अवैध कारोबार की दें सूचना, पहचान रहेगी गोपनीय : डीसी
Mon, 28 Sep 2026 11:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 28 Sep 2026 11:39 PM IST
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चरखी दादरी। नशीली दवाओं के दुरुपयोग और तस्करी की रोकथाम के लिए केंद्र सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया हुआ है। नशा मुक्त भारत अभियान के तहत गृह मंत्रालय ने नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन मानस-1933 की शुरुआत की हुई है। यह हेल्पलाइन नंबर 24 घंटे सक्रिय रहता है। नागरिक इसके माध्यम से नशीली दवाओं की रिपोर्ट तुरंत साझा कर सकते हैं। नागरिक हेल्पलाइन से नशीली दवाओं के बारे में परामर्श भी ले सकते हैं।
उपायुक्त मनदीप कौर ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से नशीली दवाओं के दुरुपयोग के विरुद्ध शुरू की गई नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन मानस-1933 प्लेटफॉर्म की पहुंच बढ़ाने और त्वरित प्रतिक्रिया की सुविधा के लिए मानस हेल्पलाइन 1933 के बारे में नागरिकों को जागरूक होना चाहिए। इस हेल्पलाइन की सबसे खास बात यह है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाती है।
लोग बिना डर या निसंकोच नशीली दवाओं की तस्करी/व्यापार की जानकारी साझा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि न केवल समाज में फैले नशे की प्रवृत्ति को रोकेगी बल्कि युवाओं को भी इस बुराई से बचाने में मदद मिलेगी। केंद्र सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक भारत को पूरी तरह से नशा मुक्त बनाना है और इस दिशा में जनसहयोग को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल प्रशासन की नहीं बल्कि समाज के हर वर्ग की है। सरकार का मानना है कि नशे के खिलाफ लड़ाई में प्रशासन के साथ-साथ समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। मानस-1933 हेल्पलाइन न केवल तस्करों पर सख्ती से कार्रवाई करने का माध्यम है, बल्कि यह उन लोगों के लिए भी एक नई उम्मीद है, जो नशे की गिरफ्त में हैं और इससे बाहर निकलना चाहते हैं।
उपायुक्त ने नागरिकों का आह्वान किया है कि यदि किसी भी नागरिक को कहीं भी नशे का अवैध व्यापार होता दिखाई दे, तो वे भारत सरकार के टोल-फ्री नंबर 1933, ऑनलाइन पोर्टल एनसीबीएमएएनएएस.जीओवी.आईएन या हरियाणा एनसीबी के हेल्पलाइन नंबर 90508-91508 पर तुरंत सूचना दें।
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उपायुक्त मनदीप कौर ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से नशीली दवाओं के दुरुपयोग के विरुद्ध शुरू की गई नेशनल नारकोटिक्स हेल्पलाइन मानस-1933 प्लेटफॉर्म की पहुंच बढ़ाने और त्वरित प्रतिक्रिया की सुविधा के लिए मानस हेल्पलाइन 1933 के बारे में नागरिकों को जागरूक होना चाहिए। इस हेल्पलाइन की सबसे खास बात यह है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह से गोपनीय रखी जाती है।
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लोग बिना डर या निसंकोच नशीली दवाओं की तस्करी/व्यापार की जानकारी साझा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि न केवल समाज में फैले नशे की प्रवृत्ति को रोकेगी बल्कि युवाओं को भी इस बुराई से बचाने में मदद मिलेगी। केंद्र सरकार का लक्ष्य वर्ष 2047 तक भारत को पूरी तरह से नशा मुक्त बनाना है और इस दिशा में जनसहयोग को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
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उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल प्रशासन की नहीं बल्कि समाज के हर वर्ग की है। सरकार का मानना है कि नशे के खिलाफ लड़ाई में प्रशासन के साथ-साथ समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। मानस-1933 हेल्पलाइन न केवल तस्करों पर सख्ती से कार्रवाई करने का माध्यम है, बल्कि यह उन लोगों के लिए भी एक नई उम्मीद है, जो नशे की गिरफ्त में हैं और इससे बाहर निकलना चाहते हैं।
उपायुक्त ने नागरिकों का आह्वान किया है कि यदि किसी भी नागरिक को कहीं भी नशे का अवैध व्यापार होता दिखाई दे, तो वे भारत सरकार के टोल-फ्री नंबर 1933, ऑनलाइन पोर्टल एनसीबीएमएएनएएस.जीओवी.आईएन या हरियाणा एनसीबी के हेल्पलाइन नंबर 90508-91508 पर तुरंत सूचना दें।