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टूटा सपना: विनेश की हार से दुखी हुआ परिवार, ताऊ महाबीर फौगाट ने बताया शिकस्त का ये कारण
Thu, 05 Aug 2021 02:05 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी (हरियाणा)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Thu, 05 Aug 2021 02:05 PM IST
सार
विनेश के कोच पहलवान महाबीर फौगाट ने कहा कि देश के खिलाड़ियों को ट्रेनिंग देने के लिए विदेशी कोच नियुक्त करना समझ से परे हैं। उन्होंने कहा कि शुरुआत से प्रशिक्षण देने वाला कोच खिलाड़ी की हर खूबी और कमजोर से वाकिफ होता है जबकि विदेशी कोच खिलाड़ी को अपने अनुसार ही अभ्यास करवाते हैं।
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विनेश फौगाट और महाबीर फौगाट।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
विश्व की नंबर एक महिला पहलवान विनेश फौगाट टोक्यो ओलंपिक के क्वार्टर फाइनल मुकाबले में गुरुवार को अपने चिर-परिचित अंदाज से बहुत दूर नजर आईं। विनेश स्वर्ण पदक की प्रबल दावेदार थीं, लेकिन क्वार्टर फाइनल में मिली शिकस्त के बाद विनेश के परिजनों समेत देशवासियों की उम्मीद टूट गई। रियो ओलंपिक के बाद विनेश टोक्यो ओलंपिक में भी देश को स्वर्ण पदक नहीं दिला पाईं।
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इस प्रदर्शन के बाद विनेश के ताऊ एवं द्रोणाचार्य अवार्डी पहलवान महाबीर फौगाट ने अंतरराष्ट्रीय स्तर के पहलवानों को दी देश में दी जाने वाली ट्रेनिंग पर भी सवाल उठाए हैं। वे न तो विदेशी कोच नियुक्त करने की प्रक्रिया से खुश हैं और न ही ट्रेनिंग सेंटर में दी जाने वाली डाइट से संतुष्ट हैं।
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गुरुवार को पहले मुकाबले में विनेश स्वीडन की प्रतिद्वंदी पहलवान पर भारी पड़ी और एकतरफा मुकाबला जीतकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। विनेश के परिजनों ने घर पर ही मैच देखा। क्वार्टर फाइनल मुकाबले में मिली शिकस्त के बाद तो परिजनों में मायूसी छा गई। विनेश के कोच पहलवान महाबीर फौगाट ने कहा कि देश के खिलाड़ियों को ट्रेनिंग देने के लिए विदेशी कोच नियुक्त करना समझ से परे हैं। उन्होंने कहा कि शुरुआत से प्रशिक्षण देने वाला कोच खिलाड़ी की हर खूबी और कमजोर से वाकिफ होता है जबकि विदेशी कोच खिलाड़ी को अपने अनुसार ही अभ्यास करवाते हैं। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया सही नहीं है। खेल विभाग के शीर्ष नेतृत्व को इस पर विचार करना चाहिए।
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विनेश की हार पर प्रतिक्रिया देते हुए महाबीर फौगाट ने कहा कि मैदान में हार और जीत तो चलती रहती है। इस बार तो विनेश स्वर्ण पदक से चूक गई, लेकिन इस सूखे को वो अगले ओलंपिक में जरूर पूरा करेगी। उन्होंने कहा कि ट्रेनिंग में रही खामी के कारण विनेश वीरवार को अपनी ख्याति के अनुरुप मैट पर प्रदर्शन नहीं कर पाई।
दावाः एक साल पहलवान को छोड़ें मेरे पास, पदक पक्का
द्रोणाचार्य अवार्डी महाबीर फौगाट ने कहा कि विदेशी कोच को नियुक्त करने का असर पहलवानों के प्रदर्शन पर साफ दिख रहा है। उन्होंने दावा करते हुए कहा कि किसी अंतरराष्ट्रीय स्तर के या सही वेट कैटेगरी के तंदुरुस्त पहलवान को एक साल अगर उनके पास अभ्यास के लिए छोड़ा जाए तो उनका दावा है कि पदक सौ फीसदी आएगा।