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पोषण आहार का नियमित सेवन करें बेटियं: डॉ. पूनम
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चरखी दादरी। समसपुर राजकीय कन्या उच्च विद्यालय में आयुष विभाग की ओर से पोषण माह के तहत बुधवार को शिविर आयोजित किया गया। इसमें छात्राओं को उनके स्वास्थ्य की देखभाल के बारे में जानकारी दी गई और उनकी स्वास्थ्य की जांच भी की गई।
डॉ. सुनील जांगड़ा ने कहा कि लड़कियों में आमतौर पर शारीरिक कमजोरी आ जाती है। उचित आहार व नियमित दिनचर्या नहीं होने की वजह से हमें बीमारियां झेलनी पड़ती हैं। उन्होंने कहा कि रोजाना सुबह सूरज उदय होने से पहले बिस्तर छोड़ देना चाहिए। उसके बाद दैनिक कार्यों से निवृत्त होकर व्यक्ति को नीम, बबूल आदि की दातुन से मुखशोधन करना चाहिए। जिससे कि दांतों में कोई बीमारी न हो। भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, चौकरयुक्त आटा, रागी, चना आदि का सेवन करना चाहिए। सुपाच्य आहार लें और प्रतिदिन व्यायाम अवश्य करें।
आयुष चिकित्सक डॉ. पूनम डाबोदिया ने बताया कि लड़कियों को अपने शरीर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए। कीटाणु, विषाणु हमारे शरीर में प्रवेश न करें, इसके लिए सावधान रहने की जरूरत है। शरीर में कोई कष्ट महसूस हो तो उसके बारे में अपनी माता या घर की बड़ी महिला को बताएं और इलाज के लिए चिकित्सक के पास जाएं। इस अवसर पर फार्मासिस्ट सुमेधा, कांता, सरिता देवी, इंदुबाला, उषा, जगपति, मीना आदि उपस्थित रहीं।
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डॉ. सुनील जांगड़ा ने कहा कि लड़कियों में आमतौर पर शारीरिक कमजोरी आ जाती है। उचित आहार व नियमित दिनचर्या नहीं होने की वजह से हमें बीमारियां झेलनी पड़ती हैं। उन्होंने कहा कि रोजाना सुबह सूरज उदय होने से पहले बिस्तर छोड़ देना चाहिए। उसके बाद दैनिक कार्यों से निवृत्त होकर व्यक्ति को नीम, बबूल आदि की दातुन से मुखशोधन करना चाहिए। जिससे कि दांतों में कोई बीमारी न हो। भोजन में हरी पत्तेदार सब्जियां, चौकरयुक्त आटा, रागी, चना आदि का सेवन करना चाहिए। सुपाच्य आहार लें और प्रतिदिन व्यायाम अवश्य करें।
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आयुष चिकित्सक डॉ. पूनम डाबोदिया ने बताया कि लड़कियों को अपने शरीर की साफ-सफाई पर विशेष ध्यान देना चाहिए। कीटाणु, विषाणु हमारे शरीर में प्रवेश न करें, इसके लिए सावधान रहने की जरूरत है। शरीर में कोई कष्ट महसूस हो तो उसके बारे में अपनी माता या घर की बड़ी महिला को बताएं और इलाज के लिए चिकित्सक के पास जाएं। इस अवसर पर फार्मासिस्ट सुमेधा, कांता, सरिता देवी, इंदुबाला, उषा, जगपति, मीना आदि उपस्थित रहीं।
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