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4.99 लाख लोगों की डोर-टू-डोर होगी स्क्रीनिंग, 172 टीमें गठित
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चरखी दादरी। शहर के मुकाबले गांवों में कोरोना संक्रमण के ज्यादा मामले सामने आ रहे हैं। इसे देखते हुए जिला प्रशासन के निर्देशों पर स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीण क्षेत्र के प्रत्येक व्यक्ति की स्वास्थ्य जांच करने का निर्णय लिया है। यह कार्य टीमें डोर टू डोर जाकर करेंगी। जिला स्वास्थ्य विभाग ने इसके लिए टीमों का गठन कर दिया है। शनिवार से टीमों ने काम शुरू कर दिया है और अगले 10 दिन में 4.99 लाख लोगों की स्क्रीनिंग की जाएगी
मई में जिले में कोरोना संक्रमण के जो मामले सामने आ रहे हैं उनमें से 65 फीसदी ग्रामीण और 35 फीसदी शहरी क्षेत्र से हैं। एक से 14 मई तक 1448 संक्रमित मिले हैं, जिनमें 972 ग्रामीण क्षेत्र के हैं। संक्रमितों की मौत की अगर बात करें तो इसमें भी शहर के मुकाबले गांवों के अधिक केस हैं। जिला प्रशासन ने गांवों में बढ़ते संक्रमण को देखते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग को कार्ययोजना तैयार करने के आदेश दिए थे। तीन दिन पहले डीसी राजेश जोगपाल ने इस संबंध में बैठक ली थी और दादरी व बाढड़ा एसडीएम को उनके क्षेत्र का ओवरऑल इंचार्ज बनाया था। एसडीएम के निर्देशों पर जिला स्वास्थ्य विभाग ने जिले को 27 कलस्टर में बांटकर टीमों का गठन कर दिया है। इन टीमों ने शनिवार से गांवों में पहुंचकर डोर टू डोर स्क्रीनिंग शुरू कर दी है।
25 मई से पहले यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
एक कलस्टर में तीन से सात गांव शामिल
जिला स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की स्वास्थ्य जांच करने के लिए जिले को 27 कलस्टर में बांटा है। एक कलस्टर में तीन से सात गांव शामिल किए गए हैं। इन गांवों में विभाग की टीमें पहुंचेंगी और गांव के नंबरदार व ग्राम सचिव भी स्क्रीनिंग में टीमों का सहयोग करेंगे।
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एक टीम में चार सदस्य हैं शामिल
जिला कोरोना नोडल अधिकारी डॉक्टर गौरव भारद्वाज ने बताया कि स्क्रीनिंग कार्य के लिए 172 टीमें बनाई गई हैं। एक टीम में कलस्टर इंचार्ज के अलावा एमपीएचडब्ल्यू, आंगनवाड़ी वर्कर ओर वीएलई को शामिल किया गया है। इनके अलावा गांव के मौजिज लोगों का भी सहयोग लिया जाएगा।
लक्षण हो तो छुपाने की बजाय टीम को बताएं
स्क्रीनिंग के लिए घर पहुंचने वाले टीम से स्वास्थ्य संबंधी तकलीफ की भी कोई भी जानकारी न छुपाए। अगर बीमारी संबंधी कोई लक्षण हो तो टीम को खुलकर बताएं। कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए ही स्क्रीनिंग कार्य जिला प्रशासन द्वारा करवाया जा रहा है। इससे पहले कंटेनमेंट जोन में ही स्क्रीनिंग की जाती थी।
जिले में 13 हॉट स्पॉट और 8 कंटेनमेंट जोन
जिले में प्रशासन ने हाल ही में 13 हॉट स्पॉट चिह्नित किए हैं। इनके अलावा आठ कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। हॉट स्पॉट में उन क्षेत्रों को लिया गया है, जहां ज्यादा कोरोना संक्रमित केस मिल रहे हैं। डीसी ने कंटेनमेंट जोन में स्वास्थ्य जांच के साथ सभी आवश्यक प्रबंध करने के आदेश भी दिए हुए हैं।
डीसी के आदेशों पर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की हम डोर टू डोर टीमें भेजकर स्क्रीनिंग करेंगे। करीब पांच लाख लोगों को इसके तहत कवर किया जाएगा। जिले को 27 कलस्टर में बांटा गया है और दस दिन में स्क्रीनिंग कार्य पूरा हो जाएगा।
डॉक्टर गौरव भारद्वाज, जिला कोरोना नोडल अधिकारी
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मई में जिले में कोरोना संक्रमण के जो मामले सामने आ रहे हैं उनमें से 65 फीसदी ग्रामीण और 35 फीसदी शहरी क्षेत्र से हैं। एक से 14 मई तक 1448 संक्रमित मिले हैं, जिनमें 972 ग्रामीण क्षेत्र के हैं। संक्रमितों की मौत की अगर बात करें तो इसमें भी शहर के मुकाबले गांवों के अधिक केस हैं। जिला प्रशासन ने गांवों में बढ़ते संक्रमण को देखते हुए जिला स्वास्थ्य विभाग को कार्ययोजना तैयार करने के आदेश दिए थे। तीन दिन पहले डीसी राजेश जोगपाल ने इस संबंध में बैठक ली थी और दादरी व बाढड़ा एसडीएम को उनके क्षेत्र का ओवरऑल इंचार्ज बनाया था। एसडीएम के निर्देशों पर जिला स्वास्थ्य विभाग ने जिले को 27 कलस्टर में बांटकर टीमों का गठन कर दिया है। इन टीमों ने शनिवार से गांवों में पहुंचकर डोर टू डोर स्क्रीनिंग शुरू कर दी है।
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25 मई से पहले यह कार्य पूरा कर लिया जाएगा।
एक कलस्टर में तीन से सात गांव शामिल
जिला स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों की स्वास्थ्य जांच करने के लिए जिले को 27 कलस्टर में बांटा है। एक कलस्टर में तीन से सात गांव शामिल किए गए हैं। इन गांवों में विभाग की टीमें पहुंचेंगी और गांव के नंबरदार व ग्राम सचिव भी स्क्रीनिंग में टीमों का सहयोग करेंगे।
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एक टीम में चार सदस्य हैं शामिल
जिला कोरोना नोडल अधिकारी डॉक्टर गौरव भारद्वाज ने बताया कि स्क्रीनिंग कार्य के लिए 172 टीमें बनाई गई हैं। एक टीम में कलस्टर इंचार्ज के अलावा एमपीएचडब्ल्यू, आंगनवाड़ी वर्कर ओर वीएलई को शामिल किया गया है। इनके अलावा गांव के मौजिज लोगों का भी सहयोग लिया जाएगा।
लक्षण हो तो छुपाने की बजाय टीम को बताएं
स्क्रीनिंग के लिए घर पहुंचने वाले टीम से स्वास्थ्य संबंधी तकलीफ की भी कोई भी जानकारी न छुपाए। अगर बीमारी संबंधी कोई लक्षण हो तो टीम को खुलकर बताएं। कोरोना संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए ही स्क्रीनिंग कार्य जिला प्रशासन द्वारा करवाया जा रहा है। इससे पहले कंटेनमेंट जोन में ही स्क्रीनिंग की जाती थी।
जिले में 13 हॉट स्पॉट और 8 कंटेनमेंट जोन
जिले में प्रशासन ने हाल ही में 13 हॉट स्पॉट चिह्नित किए हैं। इनके अलावा आठ कंटेनमेंट जोन बनाए गए हैं। हॉट स्पॉट में उन क्षेत्रों को लिया गया है, जहां ज्यादा कोरोना संक्रमित केस मिल रहे हैं। डीसी ने कंटेनमेंट जोन में स्वास्थ्य जांच के साथ सभी आवश्यक प्रबंध करने के आदेश भी दिए हुए हैं।
डीसी के आदेशों पर ग्रामीण क्षेत्र के लोगों की हम डोर टू डोर टीमें भेजकर स्क्रीनिंग करेंगे। करीब पांच लाख लोगों को इसके तहत कवर किया जाएगा। जिले को 27 कलस्टर में बांटा गया है और दस दिन में स्क्रीनिंग कार्य पूरा हो जाएगा।
डॉक्टर गौरव भारद्वाज, जिला कोरोना नोडल अधिकारी