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Charkhi Dadri News: हड़ताल पर चिकित्सक, नाकाफी रही वैकल्पिक व्यवस्था

Fri, 26 Jul 2024 06:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Fri, 26 Jul 2024 06:29 AM IST
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doctors on strike
दादरी सिविल अस्पताल में हड्डी रोग विशेषज्ञ कक्ष के बाहर बैठकर इंतजार करते मरीज। 
चरखी दादरी। हरियाणा सिविल मेडिकल एसोसिएशन (एचसीएमएस) के आह्वान पर वीरवार को दादरी जिले में तैनात 51 में से 43 चिकित्सक हड़ताल में शामिल रहे। पांच चिकित्सक छुट्टी पर हैं जबकि तीन ने सेवाएं मरीजों को दीं। स्वास्थ्य विभाग ने आयुष विभाग के नौ चिकित्सकाें की भी मदद ली। इसके बावजूद सिविल अस्पताल, मातृ-शिशु अस्पताल, तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (पीएचसी) की ओपीडी प्रभावित हुई। तीन पीएचसी और एक सीएचसी पर स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मरीजों को नहीं मिल पाया।
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जिले के 17 सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर सरकारी चिकित्सकों की हड़ताल का साफ असर दिखा। हड़ताल के मद्देनजर विभाग की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था तो की गई, लेकिन वो नाकाफी रही। सिविल अस्पताल में भी विशेषज्ञों के सीट पर न होने से मरीजों को लौटना पड़ा। महिला रोग विशेषज्ञ की ओपीडी भी विभाग दस बजे के बाद ही शुरू करवा पाया और तब तक 30 से अधिक गर्भवतियों को लौटना पड़ा। हालांकि सिविल अस्पताल के आपातकालीन कक्ष में पहुंचे 24 मरीजों को उपचार मिला।
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सामान्य दिनों में जिले के सभी 17 स्वास्थ्य केंद्रों की दैनिक ओपीडी करीब 2,300 रहती है, लेकिन हड़ताल के कारण वीरवार को इन केंद्रों पर करीब 800 मरीज ही देखे जा सके। सामान्य बीमारियों के लिए परामर्श और दवाएं तो मरीजों को मिल गईं, लेकिन विशेषज्ञों की सेवा से वह वंचित रहे। विशेषज्ञ के सीट पर न होने का पता चलते ही कई मरीज अस्पताल के गेट से ही लौट गए। कुछ पीएचसी में डेंटल सर्जन ने परामर्श दिया।
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- डिप्टी सीएमओ के निरीक्षण में नहीं मिलीं महिला रोग विशेषज्ञ
डिप्टी सीएमओ डॉ. गौरव भारद्वाज ने वीरवार सुबह करीब दस बजे जीएच का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्हें आयुष चिकित्सक एक कक्ष में सामान्य ओपीडी देखते मिले जबकि दूसरे कक्ष में आयुष विभाग की महिला चिकित्सक आंखों के मरीज देख रहीं थीं। इसके बाद डिप्टी सीएमओ डॉ. गौरव जब महिला रोग विशेषज्ञ के कक्ष में पहुंचे तो वहां महिला चिकित्सक नहीं मिली जबकि स्टाफ नर्सें वहां बैठी मिलीं। इसके कुछ देर बाद महिला चिकित्सक भी वहां पहुंच गईं।

- कार्यवाहक सीएमओ ने सीएचसी में तो डिप्टी सीएमओ ने जीएच में देखी ओपीडी
कार्यवाहक सीएमओ डॉ. नरेश कुमार ने हड़ताल से दूरी बनाकर बौंदकलां के सीएचसी में अपनी सेवाएं दीं और ओपीडी में आए मरीजों को स्वास्थ्य संबंधी परामर्श के साथ दवाएं भी लिखकर दीं। डिप्टी सीएमओ डॉ. गौरव भारद्वाज ने सिविल अस्पताल में अपनी सेवाएं दी। डॉ. वेदपाल भी हड़ताल में शामिल नहीं हुए।

किस स्वास्थ्य केंद्र पर कितने मरीजों को मिला उपचार
स्वास्थ्य केंद्र- लाभान्वित मरीजों की संख्या
सिविल अस्पताल- 400
बौंदकलां सीएचसी- 77
पीएचसी रानीला- 62
पीएचसी मानकावास-51
मातृ-शिशु अस्पताल- 45
झोझूकलां सीएचसी- 30
पीएचसी संतोकपुरा-29
पीएचसी छपार-29
पीएचसी बलकरा-25
पीएचसी अचीना-22



पीएचसी माईकलां-21
पीएचसी सांवड़-20
पीएचसी इमलोटा-20
मरीज बोले: इलाज के बजाय बढ़ा मर्ज
हाथ की हड्डी टूट गई थी। हड्डी रोग विशेषज्ञ ने कच्चा प्लास्टर किया था। वीरवार को उन्हें दोबारा बुलाया गया था। इसलिए बड़राई से सुबह नौ बजे अस्पताल पहुंचने के बावजूद यहां चिकित्सक सीट पर नहीं मिले और आने-जाने में दिक्कतें हुईं। - रणबीर, बड़राई।
सुबह करीब 10:30 बजे सिविल अस्पताल आया था। मुझे डॉक्टर को एक्स-रे रिपोर्ट दिखानी थी। यहां पहुंचा तो पता चला कि आज हड़ताल है। डॉक्टर सीट पर नहीं हैं। अब दोबारा से अस्पताल की भागदौड़ करनी पड़ेगी। - राजेश कुमार, वार्ड-9, चरखी दादरी।



जिले में तैनात 43 चिकित्सक हड़ताल में शामिल हुए। आयुष विभाग के चिकित्सकों की मदद लेकर सीएचसी, पीएचसी, एमसीएच और सिविल अस्पताल की ओपीडी सेवा चालू रखी गई। आपातकालीन कक्ष में भी 24 रोगी देखे गए। - डॉ. नरेश, कार्यवाहक सीएमओ, चरखी दादरी।
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