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Charkhi Dadri News: पुलिस के पहरे में बंटी डीएपी, पांच घंटे लाइन में लगने के प्रति किसान मिले दो बैग
Thu, 10 Oct 2024 12:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Thu, 10 Oct 2024 12:05 AM IST
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चरखी दादरी। डीएपी को लेकर बुधवार को भी किसानों में मारामारी मची रही। अब पुलिस के पहरे में खाद का वितरण हो रहा है। सरकारी एजेंसी का कहना है कि खाद की कोई कमी नहीं है। किसान आवश्यकता से अधिक खाद ले रहे हैं। गत एक माह से किसान खाद खरीद रहे हैं।
खाद लेने के लिए किसान सुबह छह बजे ही पुरानी अनाज मंडी एजेंसी कार्यालय के बार लाइन में लग जाते हैं। इस समय एक किसान को दो ही बैग दिए जा रहे है। समय पर खाद नहीं मिलने से किसानों में रोष बना हुआ है। उन्होंने जिला प्रशासन से गांवों में बने खाद बिक्री केंद्रों में खाद पहुंचाने की मांग की है ताकि किसानों को राहत मिल सके। रबी की फसलों की बिजाई के लिए खाद की जरूरत होती है।
बता दें कि इस बार जिले में करीब 95,000 हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं और सरसों की बिजाई होने का अनुमान है। पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं पहुंचने के कारण किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि जरूरत के अनुसार एक बार ही खाद मिल जाए तो उन्हें बार-बार चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने बताया कि उन्हें कभी पांच बैग प्रति आधार कार्ड तो कभी दो बैग दिए जा रहे हैं, ऐसे में उनका समय बर्बाद हो रहा है। धूप में खड़े होकर लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
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गांव बिरोहड़ निवासी 82 वर्षीय बुजुर्ग ने बताया कि सुबह पांच बजे खाद बिक्री केंद्र पर आया था। 11 बजे के बाद खाद वितरण का कार्य शुरू किया गया। नंबर आने के बाद दो बैग प्रति आधार कार्ड मिला। अब और बैग लेने के लिए दोबारा आना पड़ेगा।
महिपाल सिंह, गांव बिरोहड़
बिक्री केंद्र के कर्मचारी किसानों को परेशान कर रहे हैं। हमें खाद के लिए बार-बार शहर के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इससे खेती से संबंधित कार्य प्रभावित हो रहा है। अगर सहकारी केंद्र के अधिकारी गांवों में बने केंद्रों में खाद पहुंचा दें तो हमारी परेशानी का हल हो सकता है।
बिमला देवी, गांव बलकरा,
95 हजार हेक्टेयर जमीन पर होनी है बिजाई
कृषि विभाग के आकड़ों के अनुसार जिले के किसान इस बार 55 हजार हेक्टेयर जमीन में सरसों, वहीं करीब 40 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बिजाई करने की तैयारी में हैं। किसान खाद के बिना बिजाई नहीं करते।
भीड़ काबू करने के लिए बुलानी पड़ रही पुलिस
पुरानी अनाज मंडी स्थित सहकारी खाद केंद्र के बाहर किसानों की उमड़ रही भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस की सहायता लेनी पड़ रही है। पिछले दिनों भीड़ के चलते दो किसान बेहोश होकर गिर गए थे।
हमारे पास बुधवार को 700 बैग खाद पहुंची। ऐसे में किसानों की संख्या अधिक होने के कारण प्रति आधार कार्ड दो बैग देना संभव हो पाया। हमारा प्रयास है कि सभी किसानों को खाद देकर भेजा जाए।
राजेश कुमार, मैनेजर जमीदारा सोसायटी
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खाद लेने के लिए किसान सुबह छह बजे ही पुरानी अनाज मंडी एजेंसी कार्यालय के बार लाइन में लग जाते हैं। इस समय एक किसान को दो ही बैग दिए जा रहे है। समय पर खाद नहीं मिलने से किसानों में रोष बना हुआ है। उन्होंने जिला प्रशासन से गांवों में बने खाद बिक्री केंद्रों में खाद पहुंचाने की मांग की है ताकि किसानों को राहत मिल सके। रबी की फसलों की बिजाई के लिए खाद की जरूरत होती है।
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बता दें कि इस बार जिले में करीब 95,000 हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं और सरसों की बिजाई होने का अनुमान है। पर्याप्त मात्रा में खाद नहीं पहुंचने के कारण किसानों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। किसानों का कहना है कि जरूरत के अनुसार एक बार ही खाद मिल जाए तो उन्हें बार-बार चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी। उन्होंने बताया कि उन्हें कभी पांच बैग प्रति आधार कार्ड तो कभी दो बैग दिए जा रहे हैं, ऐसे में उनका समय बर्बाद हो रहा है। धूप में खड़े होकर लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
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गांव बिरोहड़ निवासी 82 वर्षीय बुजुर्ग ने बताया कि सुबह पांच बजे खाद बिक्री केंद्र पर आया था। 11 बजे के बाद खाद वितरण का कार्य शुरू किया गया। नंबर आने के बाद दो बैग प्रति आधार कार्ड मिला। अब और बैग लेने के लिए दोबारा आना पड़ेगा।
महिपाल सिंह, गांव बिरोहड़
बिक्री केंद्र के कर्मचारी किसानों को परेशान कर रहे हैं। हमें खाद के लिए बार-बार शहर के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। इससे खेती से संबंधित कार्य प्रभावित हो रहा है। अगर सहकारी केंद्र के अधिकारी गांवों में बने केंद्रों में खाद पहुंचा दें तो हमारी परेशानी का हल हो सकता है।
बिमला देवी, गांव बलकरा,
95 हजार हेक्टेयर जमीन पर होनी है बिजाई
कृषि विभाग के आकड़ों के अनुसार जिले के किसान इस बार 55 हजार हेक्टेयर जमीन में सरसों, वहीं करीब 40 हजार हेक्टेयर में गेहूं की बिजाई करने की तैयारी में हैं। किसान खाद के बिना बिजाई नहीं करते।
भीड़ काबू करने के लिए बुलानी पड़ रही पुलिस
पुरानी अनाज मंडी स्थित सहकारी खाद केंद्र के बाहर किसानों की उमड़ रही भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस की सहायता लेनी पड़ रही है। पिछले दिनों भीड़ के चलते दो किसान बेहोश होकर गिर गए थे।
हमारे पास बुधवार को 700 बैग खाद पहुंची। ऐसे में किसानों की संख्या अधिक होने के कारण प्रति आधार कार्ड दो बैग देना संभव हो पाया। हमारा प्रयास है कि सभी किसानों को खाद देकर भेजा जाए।
राजेश कुमार, मैनेजर जमीदारा सोसायटी