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तीन युवकों का अपहरण कर बंधक बनाया
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बाढड़ा। गांव कादमा के समीप स्कोर्पियो और बोलेरो कैंपर में सवार होकर कुछ लोगों ने वरना कार रुकवाकर इसमें सवार तीन युवकों का अपहरण कर लिया। पीड़ित युवकों का आरोप है कि आरोपी उन्हें झोझूकलां स्थित एक ऑफिस में ले गए और वहां उनके साथ मारपीट की गई। पुलिस ने पीड़ित पक्ष के बयान पर आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गांव कादमा निवासी मनोज कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 30 मई को वह अपने दोस्त हाजमपुर निवासी आशीष और कादमा निवासी हितेश के साथ वरना कार में सवार होकर डिगरोता गांव गया था। वह रात के समय डिगरोता से कादमा आ रहे थे। रात करीब 11 बजे जब वे कादमा स्टेडियम के पास पहुंचे तो स्कोर्पियो और बोलेरो कैंपर सवारों ने उनको रोक लिया। मनोज ने आरोप लगाया कि युवकों ने उनको जबरन कार से उतारकर उनकी पिटाई शुरू कर दी। इसके बाद आरोपियों ने उनको झोझूकलां स्थित एक ऑफिस में बंधक बनाकर रखा। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनका एक साथी मौके से भागने में कामयाब रहा और उसने घटना की सूचना परिचितों को दी। इसके बाद उनके परिचित मौके पर पहुंचे और उन दोनों को आरोपियों के चंगुल से मुक्त कराया। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए दादरी सिविल अस्पताल लाया गया जहां से उनको पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया। पीड़ितों ने किसी प्रकार की रंजिश से भी इनकार किया है। पुलिस ने पीड़ितों के बयान पर आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस मामले में अभी किसी की आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। थाना प्रभारी रामअवतार ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। घायल मनोज ने बताया कि घटन के दौरान उसके दो हजार रुपये व मोबाइल भी गुम हो गया।
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गांव कादमा निवासी मनोज कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 30 मई को वह अपने दोस्त हाजमपुर निवासी आशीष और कादमा निवासी हितेश के साथ वरना कार में सवार होकर डिगरोता गांव गया था। वह रात के समय डिगरोता से कादमा आ रहे थे। रात करीब 11 बजे जब वे कादमा स्टेडियम के पास पहुंचे तो स्कोर्पियो और बोलेरो कैंपर सवारों ने उनको रोक लिया। मनोज ने आरोप लगाया कि युवकों ने उनको जबरन कार से उतारकर उनकी पिटाई शुरू कर दी। इसके बाद आरोपियों ने उनको झोझूकलां स्थित एक ऑफिस में बंधक बनाकर रखा। शिकायतकर्ता ने बताया कि उनका एक साथी मौके से भागने में कामयाब रहा और उसने घटना की सूचना परिचितों को दी। इसके बाद उनके परिचित मौके पर पहुंचे और उन दोनों को आरोपियों के चंगुल से मुक्त कराया। इसके बाद उन्हें उपचार के लिए दादरी सिविल अस्पताल लाया गया जहां से उनको पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया गया। पीड़ितों ने किसी प्रकार की रंजिश से भी इनकार किया है। पुलिस ने पीड़ितों के बयान पर आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस मामले में अभी किसी की आरोपी की गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। थाना प्रभारी रामअवतार ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। घायल मनोज ने बताया कि घटन के दौरान उसके दो हजार रुपये व मोबाइल भी गुम हो गया।
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