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Charkhi Dadri News: 42 लाख रुपये की सीएनजी एंटी स्मॉग मशीन से प्रदूषण नियंत्रण में मिलेगी मदद
Fri, 17 Jul 2026 12:30 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Fri, 17 Jul 2026 12:30 AM IST
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नगर परिषद कार्यालय परिसर में खड़ी मशीन।
- फोटो : 1
चरखी दादरी। शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए नगर परिषद ने करीब 42 लाख रुपये की लागत से सीएनजी आधारित एंटी स्मॉग मशीन खरीदी है। आधुनिक तकनीक से लैस यह मशीन विशेष रूप से सर्दियों के मौसम में बढ़ने वाले प्रदूषण स्तर को नियंत्रित करने के लिए उपयोग में लाई जाएगी।
मशीन के संचालन से हवा में मौजूद धूल कणों को कम करने में मदद मिलेगी जिससे शहर के करीब 80 हजार लोगों को प्रदूषण से राहत मिलने की उम्मीद है। जिले में हर वर्ष अक्टूबर से जनवरी के बीच वायु प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ जाता है। इस दौरान एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) कई बार 300 से 350 के बीच पहुंच जाता है, जिसे स्वास्थ्य के लिए खराब श्रेणी माना जाता है।
प्रदूषण बढ़ने पर प्रशासन को ईंट-भट्ठों, क्रशर इकाइयों और निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने पड़ते हैं। जिले के करीब 250 क्रशर जोन और ईंट-भट्ठों का काम हर साल करीब चार माह तक प्रभावित रहता है, जिससे हजारों मजदूरों की आजीविका पर असर पड़ता है।
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वायु गुणवत्ता सुधारने की तैयारी : नगर परिषद प्रदूषण बढ़ने की स्थिति में मशीन का नियमित संचालन करेगी। इसके साथ ही शहर में सफाई व्यवस्था मजबूत करने, सड़कों पर जमी धूल हटाने और हरित क्षेत्र बढ़ाने जैसे उपाय भी जारी रहेंगे। परिषद ने नागरिकों से खुले में कचरा और पराली जैसी सामग्री नहीं जलाने तथा पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करने की अपील की है।
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मशीन के संचालन से हवा में मौजूद धूल कणों को कम करने में मदद मिलेगी जिससे शहर के करीब 80 हजार लोगों को प्रदूषण से राहत मिलने की उम्मीद है। जिले में हर वर्ष अक्टूबर से जनवरी के बीच वायु प्रदूषण का स्तर काफी बढ़ जाता है। इस दौरान एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) कई बार 300 से 350 के बीच पहुंच जाता है, जिसे स्वास्थ्य के लिए खराब श्रेणी माना जाता है।
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प्रदूषण बढ़ने पर प्रशासन को ईंट-भट्ठों, क्रशर इकाइयों और निर्माण गतिविधियों पर प्रतिबंध लगाने पड़ते हैं। जिले के करीब 250 क्रशर जोन और ईंट-भट्ठों का काम हर साल करीब चार माह तक प्रभावित रहता है, जिससे हजारों मजदूरों की आजीविका पर असर पड़ता है।
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वायु गुणवत्ता सुधारने की तैयारी : नगर परिषद प्रदूषण बढ़ने की स्थिति में मशीन का नियमित संचालन करेगी। इसके साथ ही शहर में सफाई व्यवस्था मजबूत करने, सड़कों पर जमी धूल हटाने और हरित क्षेत्र बढ़ाने जैसे उपाय भी जारी रहेंगे। परिषद ने नागरिकों से खुले में कचरा और पराली जैसी सामग्री नहीं जलाने तथा पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करने की अपील की है।