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Charkhi Dadri News: आचार संहिता लागू, विकास पर ब्रेक, प्रशासन मुस्तैद
Sat, 17 Aug 2024 04:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sat, 17 Aug 2024 04:29 AM IST
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चरखी दादरी के उपायुक्त डॉ. राहुल नरवाल।
चरखी दादरी। विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है। राजनैतिक दलों के साथ अब जिला प्रशासन ने भी चुनाव के मद्देनजर तैयारियां शुरू कर दी हैं। जिला प्रशासन आदर्श आचार संहिता का पालन करवाने के लिए मुस्तैद है। इससे जिले में नए विकास कार्याें पर ब्रेक लग गया है।
उपायुक्त डॉ. राहुल नरवाल ने बताया कि विधानसभा चुनाव को जिले में स्वतंत्र व निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराया जाएगा। विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही पूरे प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। इसका पालन करना सभी के लिए जरूरी है। चुनाव प्रक्रिया के दौरान चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ जनप्रतिनिधि अधिनियम के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी राहुल नरवाल ने बताया कि निर्वाचन आयोग की ओर से की गई चुनाव की घोषणा के अनुसार, जिले सहित पूरे प्रदेश में आगामी एक अक्तूबर को विधानसभा चुनाव होगा। इसके लिए पांच सितंबर को अधिसूचना जारी की जाएगी और 12 सितंबर तक नामांकन किए जा सकेंगे। उन्होंने बताया कि 13 सितंबर को नामांकनों की छंटनी का कार्य होगा और 16 सितंबर तक नामांकन वापस लिए जा सकेंगे। एक अक्तूबर को मतदान होने के बाद चार अक्तूबर को मतगणना होगी। उन्होंने कहा कि चुनाव आचार संहिता के संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
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उन्होंने कहा कि उनका पूरा प्रयास है कि जो भी नागरिक 1 जुलाई 2024 को 18 साल का हो गया है, उसका नाम अवश्य मतदाता सूची में हो। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की वेबसाइट पर भी मतदाता सूची उपलब्ध है। इस पर मतदाता अपने नाम को चेक कर सकते हैं। पुनरीक्षण के बाद 27 अगस्त को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया जाएगा।
उन्होंने मतदाताओं से अपील की है कि वे अपना पहचानपत्र अवश्य लें। प्रशासन का पूरा प्रयास रहेगा कि इस बार के विधानसभा चुनाव में अधिक से अधिक मतदान हो, विशेषकर युवाओं को मतदान के लिए प्रेरित भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन पर नोटा का बटन भी होगा। अगर कोई मतदाता किसी भी उम्मीदवार को पसंद नहीं करता है तो वह इस बटन का प्रयोग कर सकता है।
- मतदान केंद्रों की गतिविधियों पर रखी जाएगी नजर
उपायुक्त ने कहा कि इस बार चुनाव में आईटी का अधिक से अधिक प्रयोग किया जाएगा। मतदान केंद्रों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पुलिस बल के अलावा सूचना एवं प्रौद्योगिकी की हर तकनीक का प्रयोग किया जाएगा। मतदान केंद्रों पर मतदाताओं के लिए सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।
सत्ताधारी नेता सरकारी मशीनरी का नहीं कर सकेंगे इस्तेमाल
उपायुक्त ने कहा कि चुनाव आचार संहिता लागू हो चुकी है। अब किसी भी प्रकार का सरकारी प्रचार नहीं होगा और न ही सत्ताधारी दल सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल कर सकेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अधिकारी व कर्मचारी अगर कोई कोताही करते हैं तो उनके खिलाफ न केवल अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी बल्कि आपराधिक मुकदमा भी दर्ज किया जा सकता है।
किसी उम्मीदवार की अनावश्यक प्रशंसा या बुराई न करें
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि पेड न्यूज जैसे समाचार लोकतंत्र के लिए घातक हैं। भारतीय चुनाव आयोग ने पेड न्यूज के मामले को बहुत ही गंभीरता से लिया है। मीडिया को समाचार की शक्ल में कोई भी विज्ञापन नहीं छापना चाहिए। न ही किसी उम्मीदवार की अनावश्यक प्रशंसा या बुराई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लाभ लेकर समाचार छपवाना भी पेड न्यूज में आता है। ऐसी पेड न्यूज का आकलन करके खर्च को संबंधित उम्मीदवार के चुनावी खर्च में जोड़ दिया जाएगा।
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उपायुक्त डॉ. राहुल नरवाल ने बताया कि विधानसभा चुनाव को जिले में स्वतंत्र व निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराया जाएगा। विधानसभा चुनाव की घोषणा के साथ ही पूरे प्रदेश में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। इसका पालन करना सभी के लिए जरूरी है। चुनाव प्रक्रिया के दौरान चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ जनप्रतिनिधि अधिनियम के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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उपायुक्त एवं जिला निर्वाचन अधिकारी राहुल नरवाल ने बताया कि निर्वाचन आयोग की ओर से की गई चुनाव की घोषणा के अनुसार, जिले सहित पूरे प्रदेश में आगामी एक अक्तूबर को विधानसभा चुनाव होगा। इसके लिए पांच सितंबर को अधिसूचना जारी की जाएगी और 12 सितंबर तक नामांकन किए जा सकेंगे। उन्होंने बताया कि 13 सितंबर को नामांकनों की छंटनी का कार्य होगा और 16 सितंबर तक नामांकन वापस लिए जा सकेंगे। एक अक्तूबर को मतदान होने के बाद चार अक्तूबर को मतगणना होगी। उन्होंने कहा कि चुनाव आचार संहिता के संबंध में संबंधित अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
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उन्होंने कहा कि उनका पूरा प्रयास है कि जो भी नागरिक 1 जुलाई 2024 को 18 साल का हो गया है, उसका नाम अवश्य मतदाता सूची में हो। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की वेबसाइट पर भी मतदाता सूची उपलब्ध है। इस पर मतदाता अपने नाम को चेक कर सकते हैं। पुनरीक्षण के बाद 27 अगस्त को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन कर दिया जाएगा।
उन्होंने मतदाताओं से अपील की है कि वे अपना पहचानपत्र अवश्य लें। प्रशासन का पूरा प्रयास रहेगा कि इस बार के विधानसभा चुनाव में अधिक से अधिक मतदान हो, विशेषकर युवाओं को मतदान के लिए प्रेरित भी किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन पर नोटा का बटन भी होगा। अगर कोई मतदाता किसी भी उम्मीदवार को पसंद नहीं करता है तो वह इस बटन का प्रयोग कर सकता है।
- मतदान केंद्रों की गतिविधियों पर रखी जाएगी नजर
उपायुक्त ने कहा कि इस बार चुनाव में आईटी का अधिक से अधिक प्रयोग किया जाएगा। मतदान केंद्रों की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए पुलिस बल के अलावा सूचना एवं प्रौद्योगिकी की हर तकनीक का प्रयोग किया जाएगा। मतदान केंद्रों पर मतदाताओं के लिए सभी प्रकार की मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाई जाएंगी।
सत्ताधारी नेता सरकारी मशीनरी का नहीं कर सकेंगे इस्तेमाल
उपायुक्त ने कहा कि चुनाव आचार संहिता लागू हो चुकी है। अब किसी भी प्रकार का सरकारी प्रचार नहीं होगा और न ही सत्ताधारी दल सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल कर सकेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनावी प्रक्रिया से जुड़े अधिकारी व कर्मचारी अगर कोई कोताही करते हैं तो उनके खिलाफ न केवल अनुशासनात्मक कार्रवाई होगी बल्कि आपराधिक मुकदमा भी दर्ज किया जा सकता है।
किसी उम्मीदवार की अनावश्यक प्रशंसा या बुराई न करें
जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि पेड न्यूज जैसे समाचार लोकतंत्र के लिए घातक हैं। भारतीय चुनाव आयोग ने पेड न्यूज के मामले को बहुत ही गंभीरता से लिया है। मीडिया को समाचार की शक्ल में कोई भी विज्ञापन नहीं छापना चाहिए। न ही किसी उम्मीदवार की अनावश्यक प्रशंसा या बुराई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि लाभ लेकर समाचार छपवाना भी पेड न्यूज में आता है। ऐसी पेड न्यूज का आकलन करके खर्च को संबंधित उम्मीदवार के चुनावी खर्च में जोड़ दिया जाएगा।