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रजिस्ट्री, इंतकाल, सेल डीड के शुल्क बढ़ाने के प्रस्ताव को मिली मंजूरी
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डीआईटीएस क्रियान्वयन समिति की बैठक में मौजूद जिला उपायुक्त श्यामलाल पूनिया और अन्य अधिकारी।
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। जिला सूचना प्रौद्योगिकी समिति डीआईटीएस के चेयरमैन एवं उपायुक्त श्यामलाल पूनिया ने कहा है कि सरकारी विभागों में ई-ऑफिस सॉफ्टवेयर के माध्यम से फाइलें भिजवाने के लिए कंप्यूटर ऑपरेटरों की ड्यूटी लगाई जाए। जो विभाग ई-ऑफिस में काम नहीं करेगा, उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उपायुक्त वीरवार को लघु सचिवालय के सभागार में डीआईटीएस की क्रियान्वयन समिति की बैठक ले रहे थे। बैठक में डीआईटीएस को घाटे से उबारने के लिए दूसरे जिलों की तर्ज पर रजिस्ट्री, इंतकाल, सेल डीड, आदि के शुल्क बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया, जिसे मंजूरी प्रदान कर दी गई।
उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार के आदेश हैं कि सभी विभागों की फाइलें भिजवाने की कार्रवाई ई-ऑफिस के जरिए ही की जाए। अभी भी सरकारी दफ्तरों में इस काम को अधिक गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। डीआईटीएस के जो ऑपरेटर दूसरे कार्यालयों में काम कर रहे हैं, उनको वापस बुलाकर उन्हें ई-ऑफिस की जिम्मेदारी दी जाए। किसी विभाग के कर्मचारी या अधिकारी को ई-ऑफिस का काम नहीं आता है तो वह इन ऑपरेटर से सीख सकता है। इस बैठक में उपायुक्त के समक्ष डीआईटीएस के कुछ कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया, जिसे उपायुक्त ने स्वीकृति प्रदान की।
कोविड के बाद से घाटे में दादरी डीआईटीएस
बैठक में कहा गया कि वर्ष 2020-21 में दादरी डीआईटीएस की आमदनी संतोषजनक थी। इसके बाद कोविड महामारी के कारण सोसायटी को घाटा उठाना पड़ रहा है। इस साल अप्रैल माह में सोसायटी की आमदनी 16 लाख 25 हजार रुपये व खर्च 28 लाख 50 हजार रुपये का हुआ है। उपायुक्त ने कहा कि डीआईटीएस की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया जाए। उन्होंने कहा कि दादरी, बाढड़ा, बौंद सरल केंद्रों में नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
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ये रहे मौजूद
बैठक में दादरी एसडीएम अनिल यादव, बाढड़ा एसडीएम संजय कुमार, नगराधीश नरेंद्र कुमार, जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी अमित लांबा, लेखाधिकारी सोमवीर, अधीक्षक कमल सिंह, आरटीए सचिव दर्शना भारद्वाज, जिला शिक्षा अधिकारी कृष्णा फौगाट, जिला कल्याण अधिकारी दीपिका सारसर, डॉ. कुलवंत, संजय कुमार, राजेश लांबा, मनीष आदि उपस्थित रहे।
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उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार के आदेश हैं कि सभी विभागों की फाइलें भिजवाने की कार्रवाई ई-ऑफिस के जरिए ही की जाए। अभी भी सरकारी दफ्तरों में इस काम को अधिक गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। डीआईटीएस के जो ऑपरेटर दूसरे कार्यालयों में काम कर रहे हैं, उनको वापस बुलाकर उन्हें ई-ऑफिस की जिम्मेदारी दी जाए। किसी विभाग के कर्मचारी या अधिकारी को ई-ऑफिस का काम नहीं आता है तो वह इन ऑपरेटर से सीख सकता है। इस बैठक में उपायुक्त के समक्ष डीआईटीएस के कुछ कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाने का प्रस्ताव रखा गया, जिसे उपायुक्त ने स्वीकृति प्रदान की।
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कोविड के बाद से घाटे में दादरी डीआईटीएस
बैठक में कहा गया कि वर्ष 2020-21 में दादरी डीआईटीएस की आमदनी संतोषजनक थी। इसके बाद कोविड महामारी के कारण सोसायटी को घाटा उठाना पड़ रहा है। इस साल अप्रैल माह में सोसायटी की आमदनी 16 लाख 25 हजार रुपये व खर्च 28 लाख 50 हजार रुपये का हुआ है। उपायुक्त ने कहा कि डीआईटीएस की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए तीन सदस्यीय कमेटी का गठन किया जाए। उन्होंने कहा कि दादरी, बाढड़ा, बौंद सरल केंद्रों में नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए।
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ये रहे मौजूद
बैठक में दादरी एसडीएम अनिल यादव, बाढड़ा एसडीएम संजय कुमार, नगराधीश नरेंद्र कुमार, जिला सूचना एवं विज्ञान अधिकारी अमित लांबा, लेखाधिकारी सोमवीर, अधीक्षक कमल सिंह, आरटीए सचिव दर्शना भारद्वाज, जिला शिक्षा अधिकारी कृष्णा फौगाट, जिला कल्याण अधिकारी दीपिका सारसर, डॉ. कुलवंत, संजय कुमार, राजेश लांबा, मनीष आदि उपस्थित रहे।