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Charkhi Dadri News: आढ़तियों के विरोध के बाद उठान में दिखी तेजी, समय पर भुगतान न होने से किसान परेशान

Mon, 20 Apr 2026 01:52 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी Updated Mon, 20 Apr 2026 01:52 AM IST
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After the protest by the commission agents, there was a surge in the lifting, farmers were upset due to non-payment on time.
अनाज मंडी में खरीदी गई गेहूं को बैग में भरते श्रमिक। 
चरखी दादरी। दादरी की नई अनाज मंडी में एक रोज पूर्व आढ़तियों व किसानों की ओर से कड़ा विरोध दर्ज करवाने के बाद रविवार को फसलों की उठान प्रक्रिया में तेजी देखने को मिली। शनिवार को जहां दादरी मंडी से महज 3110 क्विंटल गेहूं का उठान हुआ था वहीं रविवार को यह आंकड़ा बढ़कर 8423 क्विंटल पहुंच गया।
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इसके अलावा बाढड़ा से 2100, झोझू कलां से 1158, बौंद कलां से 6140, बेरला से 2212 क्विंटल गेहूं का उठान हुआ। वहीं छपार से उठान नहीं हो सका। बता दें कि फसल उठान प्रक्रिया धीमी गति से चलने के कारण शनिवार शाम को आढ़तियों, किसानों ने मार्केट कमेटी कार्यालय के बाहर एकत्रित होकर विरोध जताया था। मौके पर पहुंचे नगराधीश सहित अन्य अधिकारियों ने उठान प्रक्रिया में तेजी लाने को वाहनों की संख्या बढ़वाने व एजेंसी को ब्लैक लिस्ट करने के लिए उच्च अधिकारियों को पत्र भी लिखा था।
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इस सख्ती का असर रविवार को उठान प्रक्रिया में देखने को मिला। दादरी की नई अनाज मंडी में गेहूं की सरकारी खरीद शुरू होने के बाद से रविवार तक दो लाख 33 हजार 52 क्विंटल आवक दर्ज की गई है। इसमें से एक लाख 27 हजार 551 क्विंटल गेहूं की सरकारी खरीद हो चुकी है। रविवार तक दादरी अनाज मंडी से 35 हजार 536 क्विंटल का उठान किया गया है। खरीदी गई फसल में से अभी भी 92 हजार 15 क्विंटल गेहूं खुले में पड़ा है।
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भुगतान राशि न मिलने से किसानों में बना रोष

जिले की अनाज मंडियों, खरीद केंद्रों पर एमएसपी पर गेहूं बेचने के 15 दिन बाद भी किसानों के खाते में भुगतान राशि नहीं पहुंचने से उनमें भारी रोष बना हुआ है। मंडी पहुंचे किसानों ने बताया कि बैंक की किस्त, बच्चों का स्कूलों में दाखिला करवाने सहित अन्य कार्यों के लिए इस समय रुपयों की सख्त जरूरत है। वहीं आढ़तियों का कहना है कि फसल का उठान होने के बाद ही खरीद एजेंसी द्वारा भुगतान किया जाता है।
किसान बोले

16 दिन पहले गेटपास कटवाने के बाद गेहूं की फसल डाली थी लेकिन लंबा समय बीतने के बाद भी खाते में भुगतान राशि नहीं आई है। केसीसी का भुगतान करना था लेकिन समय पर नहीं भरा गया। मकान निर्माण कार्य भी अधर में है।
-बलराज सिंह, किसान गांव कासनी।

आढ़ती के पास 17 दिन पहले गेहूं डाला था लेकिन अभी तक खाते में पैसा नहीं आया। बच्चों का स्कूल में एडमिशन नहीं हुआ है। स्कूल संचालक बच्चों को स्कूल फीस जमा करवाने का दबाव बना रहे हैं।
-अजय कुमार, किसान गांव कासनी।
300 क्विंटल गेहूं आढ़ती को बेचा गया था लेकिन उठान न होने से गेहूं मंडी में खराब हो रहा है। 10 दिनों से फसल के भुगतान के लिए चक्कर लगा रहा हूं लेकिन समाधान नहीं हो रहा है।

-सन्नी किसान, दादरी।
आढ़ती के पास 1200 क्विंटल गेहूं बेचा था। लेकिन उठान न होने के कारण खाते में भुगतान राशि नहीं आई है। परिवार में शादी समारोह होने के कारण घर में पैसों की जरूरत है।
-सुरेंद्र किसान, गांव खातीवास।
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