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Charkhi Dadri News: फार्मासिस्ट के 50 फीसदी पद खाली, स्टाफ नर्सें दे रहीं दवाइयां
Sun, 13 Jul 2025 11:54 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Sun, 13 Jul 2025 11:54 PM IST
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चरखी दादरी के नागरिक अस्पताल में काउंटर पर दवा लेने के लिए कतार में खड़े मरीज।
चरखी दादरी। जिला स्वास्थ्य विभाग में फार्मासिस्ट की कमी है। इसके चलते सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र से लेकर प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र तक की सुविधाएं प्रभावित हैं। फिलहाल, जिले में फार्मासिस्ट के 50 प्रतिशत पद खाली पड़े हैं। लंबा समय बीतने के बाद भी स्वास्थ्य विभाग इन पदों को नहीं भर पाया है। इससे मरीजों को दवाएं लेने में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
फार्मासिस्ट की कमी का आलम यह है कि जिले के 6 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ये पद खाली पड़े हैं। यहां स्टाफ नर्सें ही मरीजों को दवाएं वितरित कर रही हैं। दूसरी ओर जिले की दो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी एक-एक पद खाली है। वहीं, जिला स्वास्थ्य विभाग फार्मासिस्ट के खाली पद भरने के लिए कई बार मुख्यालय मांग भेज चुका है, लेकिन, नतीजा सिफर है।
दरअसल, नागरिक अस्पताल के अलावा मातृ-शिशु अस्पताल, तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर फार्मासिस्ट के 26 पद स्वीकृत हैं। फिलहाल, इनमें से 50 प्रतिशत पद भरे हैं जबकि इतने ही खाली हैं। लंबा समय बीतने के बाद भी 50 फीसदी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर फार्मासिस्ट की तैनाती नहीं हो पाई है। यहां आने वाले मरीजों को दवा देने के लिए स्टाफ नर्साें की ड्यूटी लगाई गई है। वहीं, अगर फार्मासिस्ट के पद भरे हों तो स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं के स्टॉक पर निगरानी की जा सकती है।
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क्या है फार्मासिस्ट का काम
उपचार के दौरान मरीज को चिकित्सक जो दवा लेने का परामर्श देता है, वो दवा काउंटर पर फार्मासिस्ट की निगरानी में मरीज को दी जाती है। इसके अलावा स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं के स्टॉक पर भी फार्मासिस्ट ही निगरानी रखते हैं। अगर फार्मासिस्ट की तैनाती न हो तो फिर दवाओं के स्टॉक की मॉनिटरिंग नहीं हो पाती।
- एचकेआरएन के तहत भर्ती करने को नहीं मिली स्वीकृति
दादरी स्वास्थ्य विभाग ने फार्मासिस्ट के खाली पदों को एचकेआरएन के तहत भरने की योजना तैयार की हुई है। वहीं, मुख्यालय से अब तक इसे स्वीकृति नहीं मिल पाई है। स्थानीय अधिकारियों की मानें तो मुख्यालय से स्वीकृति मिलते ही एचकेआरएन के तहत फार्मासिस्ट भर्ती करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
फार्मासिस्ट की तैनाती की मांग मुख्यालय भेजी जा चुकी है। प्रयास है कि एचकेआरएन के तहत फार्मासिस्ट के खाली पदों को जल्द से जल्द भर दिया जाए। तब तक स्वास्थ्य केंद्रों पर वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर दवा वितरण के लिए अन्य स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है। -डॉ. राहुल अरोड़ा, डिप्टी सीएमओ, दादरी स्वास्थ्य विभाग।
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फार्मासिस्ट की कमी का आलम यह है कि जिले के 6 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर ये पद खाली पड़े हैं। यहां स्टाफ नर्सें ही मरीजों को दवाएं वितरित कर रही हैं। दूसरी ओर जिले की दो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर भी एक-एक पद खाली है। वहीं, जिला स्वास्थ्य विभाग फार्मासिस्ट के खाली पद भरने के लिए कई बार मुख्यालय मांग भेज चुका है, लेकिन, नतीजा सिफर है।
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दरअसल, नागरिक अस्पताल के अलावा मातृ-शिशु अस्पताल, तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और 12 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर फार्मासिस्ट के 26 पद स्वीकृत हैं। फिलहाल, इनमें से 50 प्रतिशत पद भरे हैं जबकि इतने ही खाली हैं। लंबा समय बीतने के बाद भी 50 फीसदी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर फार्मासिस्ट की तैनाती नहीं हो पाई है। यहां आने वाले मरीजों को दवा देने के लिए स्टाफ नर्साें की ड्यूटी लगाई गई है। वहीं, अगर फार्मासिस्ट के पद भरे हों तो स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं के स्टॉक पर निगरानी की जा सकती है।
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क्या है फार्मासिस्ट का काम
उपचार के दौरान मरीज को चिकित्सक जो दवा लेने का परामर्श देता है, वो दवा काउंटर पर फार्मासिस्ट की निगरानी में मरीज को दी जाती है। इसके अलावा स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं के स्टॉक पर भी फार्मासिस्ट ही निगरानी रखते हैं। अगर फार्मासिस्ट की तैनाती न हो तो फिर दवाओं के स्टॉक की मॉनिटरिंग नहीं हो पाती।
- एचकेआरएन के तहत भर्ती करने को नहीं मिली स्वीकृति
दादरी स्वास्थ्य विभाग ने फार्मासिस्ट के खाली पदों को एचकेआरएन के तहत भरने की योजना तैयार की हुई है। वहीं, मुख्यालय से अब तक इसे स्वीकृति नहीं मिल पाई है। स्थानीय अधिकारियों की मानें तो मुख्यालय से स्वीकृति मिलते ही एचकेआरएन के तहत फार्मासिस्ट भर्ती करने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
फार्मासिस्ट की तैनाती की मांग मुख्यालय भेजी जा चुकी है। प्रयास है कि एचकेआरएन के तहत फार्मासिस्ट के खाली पदों को जल्द से जल्द भर दिया जाए। तब तक स्वास्थ्य केंद्रों पर वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर दवा वितरण के लिए अन्य स्टाफ की ड्यूटी लगाई गई है। -डॉ. राहुल अरोड़ा, डिप्टी सीएमओ, दादरी स्वास्थ्य विभाग।