{"_id":"65db9dd2dd56bb2b1204ebd8","slug":"30-buses-sent-to-mahendragarh-kisan-fair-charkhidadri-news-c-126-1-shsr1011-114098-2024-02-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Charkhi Dadri News: महेंद्रगढ़ किसान मेले में भेजीं 30 बसें, कई मार्गों पर यात्रियों ने झेली दिक्कत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Charkhi Dadri News: महेंद्रगढ़ किसान मेले में भेजीं 30 बसें, कई मार्गों पर यात्रियों ने झेली दिक्कत
Mon, 26 Feb 2024 01:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
संवाद न्यूज एजेंसी, चरखी दादरी
Updated Mon, 26 Feb 2024 01:36 AM IST
विज्ञापन
दादरी बस स्टैंड के भिवानी बूथ पर लगी यात्रियों की भीड़।
चरखी दादरी। महेंद्रगढ़ जिले के गांव पाली में राज्य स्तरीय पशु मेला आयोजित किया जा रहा है। इस स्थल तक पशुपालकों और किसानों को पहुंचाने के लिए स्थानीय रोडवेज डिपो से 30 बसें भेजी गईं। बसों के महेंद्रगढ़ जाने से स्थानीय डिपो परिसर से यात्रियों को परेशानियों से जूझना पड़ा। कुछ मार्गों पर यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ा तो कुछ मार्गों पर यात्रियों को पायदान पर खड़े होकर यात्रा करनी पड़ी।
डिपो के बेडे में पहले ही बसों की कमी से यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अब पिछले दो दिनों से 30 बसें राज्य स्तरीय पशु मेले के लिए भेजी जा रहीं हैं। इन बसों का प्रबंध स्थानीय मार्गों से किया गया है। स्थानीय मार्गों पर बसों के फेरे घटने का असर सीधे तौर पर यात्रियों पर पड़ रहा है। बस पकड़ने के लिए उन्हें काफी देर तक बस स्टैंड परिसर में बूथों पर इंतजार करना पड़ रहा है। शनिवार और रविवार को भी यही स्थिति रही।
रोडवेज डिपो दादरी में कुल 105 बसें हैं जबकि नियमानुसार यहां करीब 170 बस होनी चाहिए। यात्री पहले से ही 65 बसों की कमी का दंश झेल रहे हैं जबकि 30 बसें मेले में जाने से उनकी परेशानी और बढ़ गई है। दादरी डिपो की बसों से रोजाना करीब 30,000 यात्री विभिन्न मार्गों पर सफर करते हैं और डिपो को रोजाना औसतन दस से बारह लाख रुपये का राजस्व मिलता है। पशु प्रदर्शनी के लिए चलाई गईं बसों में किसानों को निशुल्क यात्रा कराई जा रही है।
विज्ञापन
-विभाग को रोजाना लग रही साढ़े चार लाख रुपये की चपत
रोडवेज विभाग की ओर से राज्यस्तरीय पशु प्रदर्शनी में 30 बसें भेजने के बाद डिपो में यात्रियों के संचालन के लिए केवल 75 बसें ही रह गईं हैं। रोडवेज कर्मचारी नेताओं का कहना है कि स्थानीय रोडवेज की एक बस रोजाना करीब 15,000 रुपये का राजस्व देती है। ऐसे में 30 बसें कम होने के बाद जिले के डिपो को प्रतिदिन साढ़े चार लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
- इन बूथों पर लगी रही यात्रियों की भीड़
30 बसें महेंद्रगढ़ भेजने का असर भिवानी, नारनौल, लोहारू, दिल्ली, चंंडीगढ़ आदि बूथों पर पड़ा। इन बूथों पर काफी यात्री खड़े होकर बस का इंतजार करते नजर आए। काफी देर इंतजार करने के बाद ही बूथ पर बस लगी और उस दौरान यात्रियों में सीट पाने के लिए बस में चढ़ने की होड़ रही।
रविवार को अवकाश होने के कारण यात्रियों की संख्या काफी कम रहती है। फिर भी हमने वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर स्थानीय बसों के फेरे में बढ़ोतरी कर दी थी ताकि यात्रियों को परेशानी न हो। कुल 30 बसें महेंद्रगढ़ गईं हैं। - नवरत्न शर्मा, ड्यूटी इंस्पेक्टर, रोडवेज डिपो, दादरी।
विज्ञापन
डिपो के बेडे में पहले ही बसों की कमी से यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। अब पिछले दो दिनों से 30 बसें राज्य स्तरीय पशु मेले के लिए भेजी जा रहीं हैं। इन बसों का प्रबंध स्थानीय मार्गों से किया गया है। स्थानीय मार्गों पर बसों के फेरे घटने का असर सीधे तौर पर यात्रियों पर पड़ रहा है। बस पकड़ने के लिए उन्हें काफी देर तक बस स्टैंड परिसर में बूथों पर इंतजार करना पड़ रहा है। शनिवार और रविवार को भी यही स्थिति रही।
विज्ञापन
रोडवेज डिपो दादरी में कुल 105 बसें हैं जबकि नियमानुसार यहां करीब 170 बस होनी चाहिए। यात्री पहले से ही 65 बसों की कमी का दंश झेल रहे हैं जबकि 30 बसें मेले में जाने से उनकी परेशानी और बढ़ गई है। दादरी डिपो की बसों से रोजाना करीब 30,000 यात्री विभिन्न मार्गों पर सफर करते हैं और डिपो को रोजाना औसतन दस से बारह लाख रुपये का राजस्व मिलता है। पशु प्रदर्शनी के लिए चलाई गईं बसों में किसानों को निशुल्क यात्रा कराई जा रही है।
विज्ञापन
-विभाग को रोजाना लग रही साढ़े चार लाख रुपये की चपत
रोडवेज विभाग की ओर से राज्यस्तरीय पशु प्रदर्शनी में 30 बसें भेजने के बाद डिपो में यात्रियों के संचालन के लिए केवल 75 बसें ही रह गईं हैं। रोडवेज कर्मचारी नेताओं का कहना है कि स्थानीय रोडवेज की एक बस रोजाना करीब 15,000 रुपये का राजस्व देती है। ऐसे में 30 बसें कम होने के बाद जिले के डिपो को प्रतिदिन साढ़े चार लाख रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है।
- इन बूथों पर लगी रही यात्रियों की भीड़
30 बसें महेंद्रगढ़ भेजने का असर भिवानी, नारनौल, लोहारू, दिल्ली, चंंडीगढ़ आदि बूथों पर पड़ा। इन बूथों पर काफी यात्री खड़े होकर बस का इंतजार करते नजर आए। काफी देर इंतजार करने के बाद ही बूथ पर बस लगी और उस दौरान यात्रियों में सीट पाने के लिए बस में चढ़ने की होड़ रही।
रविवार को अवकाश होने के कारण यात्रियों की संख्या काफी कम रहती है। फिर भी हमने वैकल्पिक व्यवस्था के तौर पर स्थानीय बसों के फेरे में बढ़ोतरी कर दी थी ताकि यात्रियों को परेशानी न हो। कुल 30 बसें महेंद्रगढ़ गईं हैं। - नवरत्न शर्मा, ड्यूटी इंस्पेक्टर, रोडवेज डिपो, दादरी।