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Charkhi Dadri News: पांच साल में 1215 उपभोक्ताओं ने ली न्यायालय की शरण
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जिला उपभोक्ता न्यायालय का रास्ता।
चरखी दादरी। जिला उपभोक्ता न्यायालय की पांच साल में 1215 उपभोक्ताओं ने शरण ली है। इनमें से 843 केस सुलझ चुके हैं जबकि 372 अभी लंबित चल रहे हैं। न्यायालय का खुद का भवन न होने बावजूद भी केसों के निपटान की प्रक्रिया तेज है।
सूत्रों के अनुसार, दादरी में जिला उपभोक्ता न्यायालय की शुरुआत वर्ष 2019 में की गई थी। इस दौरान इसे अस्थायी रूप से चैंबरों में चलाया गया। इससे पहले उपभोक्ताओं को भिवानी कोर्ट की भागदौड़ करनी पड़ती थी और केस का निपटान होने तक कई चक्कर काटने पड़ते थे। अब पांच साल से उपभोक्ताओं को अपने गृह जिले में न्यायालय की सुविधा मिल रही है और इसमें उन्हें न्याय जल्द मिल रहा है।
फिलहाल न्यायालय में ऑनलाइन सामान, बीमा क्लेम, बिजली बिल, लोन संबंधी आदि केस आए हुए हैं। अगर बात करें वर्ष 2019 की तो जागरूकता के अभाव में उपभोक्ता कम ही पहुंचे। इस वर्ष 159 उपभोक्ताओं ने शरण ली। इसके बाद वर्ष 2020 में लॉकडाउन होने के कारण मात्र 98 केस न्यायालय में आए और यह अब तक एक साल में सबसे कम केस संख्या है।
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वर्ष 2021 में 335 तो 2024 में 123 याचिका हुईं दायर
वर्ष 2021 में केसों बढ़ोतरी हुई और 335 उपभोक्ताओं ने न्यायालय की शरण ली। इसी तरह वर्ष 2022 में 264, वर्ष 2023 में 159 और वर्ष 2024 में अब तक 123 उपभोक्ता मामले न्यायालय में आ चुके हैं।
बीमा के केस आए सबसे ज्यादा
उपभोक्ता न्यायालय में सबसे अधिक बीमा कंपनी क्लेम के आए हैं। जिले के 400 उपभोक्ताओं ने बीमा कंपनियों से क्लेम लिया है। इसके बाद ऑनलाइन सामान खरीदारी के मामले आ हैं जबकि अन्य मामले बिजली बिल, लोन आदि से संबंधित रहे।
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सूत्रों के अनुसार, दादरी में जिला उपभोक्ता न्यायालय की शुरुआत वर्ष 2019 में की गई थी। इस दौरान इसे अस्थायी रूप से चैंबरों में चलाया गया। इससे पहले उपभोक्ताओं को भिवानी कोर्ट की भागदौड़ करनी पड़ती थी और केस का निपटान होने तक कई चक्कर काटने पड़ते थे। अब पांच साल से उपभोक्ताओं को अपने गृह जिले में न्यायालय की सुविधा मिल रही है और इसमें उन्हें न्याय जल्द मिल रहा है।
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फिलहाल न्यायालय में ऑनलाइन सामान, बीमा क्लेम, बिजली बिल, लोन संबंधी आदि केस आए हुए हैं। अगर बात करें वर्ष 2019 की तो जागरूकता के अभाव में उपभोक्ता कम ही पहुंचे। इस वर्ष 159 उपभोक्ताओं ने शरण ली। इसके बाद वर्ष 2020 में लॉकडाउन होने के कारण मात्र 98 केस न्यायालय में आए और यह अब तक एक साल में सबसे कम केस संख्या है।
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वर्ष 2021 में 335 तो 2024 में 123 याचिका हुईं दायर
वर्ष 2021 में केसों बढ़ोतरी हुई और 335 उपभोक्ताओं ने न्यायालय की शरण ली। इसी तरह वर्ष 2022 में 264, वर्ष 2023 में 159 और वर्ष 2024 में अब तक 123 उपभोक्ता मामले न्यायालय में आ चुके हैं।
बीमा के केस आए सबसे ज्यादा
उपभोक्ता न्यायालय में सबसे अधिक बीमा कंपनी क्लेम के आए हैं। जिले के 400 उपभोक्ताओं ने बीमा कंपनियों से क्लेम लिया है। इसके बाद ऑनलाइन सामान खरीदारी के मामले आ हैं जबकि अन्य मामले बिजली बिल, लोन आदि से संबंधित रहे।