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जिले में बनेंगे 35 नए बूस्टिंग स्टेशन, 110 करोड़ होंगे खर्च
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जन स्वास्थ्य विभाग जिले में पेयजल आपूर्ति में सुधार के लिए विशेष प्रोजेक्ट पर काम शुरू करने जा रहा है। इस योजना के तहत जिले के 35 गांवों में वाटर बूस्टर बनाए जाएंगे। इस प्रोजेक्ट पर करीब 110 करोड़ का खर्च आने का अनुमान है। विभाग यह प्रपोजल तैयार कर बजट मांग के लिए मुख्यालय भेजेगा। जिले में इस समय विभाग कई गांवों में 190 बोरिंग ट्यूबवेल से पेयजल की आपूर्ति करने को विवश है क्योंकि इस एरिया में जलघर नहीं हैं। विभाग की नई परियोजना के बाद कई गांवों से पेयजल संकट दूर होने की उम्मीद है।
जिले में पेयजल आपूर्ति में लंबे समय से सुधार करने की जरूरत बनी हुई है। जिले मेें इस समय 58 जलघर हैं जिनके जरिये पूरे जिले को कवर किया जा रहा है। एक जलघर से दो से तीन गांव जोड़ गया हैं। अब आबादी बढ़ने पर घरों में पानी की आपूर्ति भी कम होने लगी है। आबादी के अनुरूप पेयजल की आपूर्ति में विस्तार करने की जरूरत होती है। शहर में भी पेयजल आपूर्ति में सुधार की लंबे समय से दरकार है। इस समय शहर में दो जलघर हैं जिनके जरिये पूरे शहर को कवर किया जा रह है। शहर की पेयजल क्षमता 3700 लाख लीटर है, जो फिलहाल आबादी के लिहाज से कम है। इस समय शहर को 7500 लाख लीटर पेयजल क्षमता की जरूरत नियमित पेयजल की आपूर्ति संभव है। इस समय शहर मेें एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई करनी पड़ रही है। इसके अलावा एक दर्जन बोरिंग ट्यूबवेल की भी सप्लाई के रूप में मदद ली जा रही है।
सीएम घोषणा के तहत होगा काम
जनस्वास्थ्य विभाग अब सीएम घोषणा के तहत जिला के 35 गांवों में पेयजल की आपूर्ति में सुधार करेगा। इसके लिए कागज प्रक्रिया तेजी से शुरू कर दी गई है। विभाग इस प्रोजेक्ट का खाका तैयार करने में जुटा है ताकि जल्द ही इसके लिए बजट जारी हो सके। इस प्रोजेक्ट पर करीब 110 करोड़ की राशि खर्च होने का अनुमान है।
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बाढड़ा क्षेत्र के कई गांवों को भी मिलेगी राहत
गांवों के लिए लोहारु नहर के समीप बड़ा जलघर बनाया जाएगा। जलघर से बूस्टरों में पानी डाला जाएगा। नहर के समीप जलघर बनने से बूस्टरों में पानी की कमी नहीं रहेगी। फिलहाल गांवों में जो जलघर बने हुए हैं उनमें समय पर नहरी पानी नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे पानी का संकट बना रहता है। विभाग इन 35 गांवों में इस योजना को पूरा करने के बाद शेष गांवों के लिए भी जरूरत के अनुसार यही प्रारूप तैयार करेगा। इन 35 गांवों में अधिकतर बाढड़ा क्षेत्र के गांव हैं। इस एरिया में जलघरों की संख्या कम है।
शहर की पानी आपूर्ति से संबंधी ब्योरा
जलघर- 2
जनसंख्या- 90 हजार
वार्ड-21
जलघरों की क्षमता- 37 लाख लीटर
जलघरों में टैंकों की संख्या-7
बूस्टिंग स्टेशन- 9
वर्जन
विभाग इस प्रोजेक्ट पर तेजी से काम कर रहा है। जल्द ही बजट के लिए फाइल मुख्यालय भेजी जाएगी। हर गांव में बूस्टर बनाया जाएगा। गांवों में पेयजल आपूर्ति में सुधार के लिए विभाग प्रयासरत है। लोगों को चाहिए कि वे पानी की एक-एक बूंद बचाएं।
शशिकांत, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग।
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जिले में पेयजल आपूर्ति में लंबे समय से सुधार करने की जरूरत बनी हुई है। जिले मेें इस समय 58 जलघर हैं जिनके जरिये पूरे जिले को कवर किया जा रहा है। एक जलघर से दो से तीन गांव जोड़ गया हैं। अब आबादी बढ़ने पर घरों में पानी की आपूर्ति भी कम होने लगी है। आबादी के अनुरूप पेयजल की आपूर्ति में विस्तार करने की जरूरत होती है। शहर में भी पेयजल आपूर्ति में सुधार की लंबे समय से दरकार है। इस समय शहर में दो जलघर हैं जिनके जरिये पूरे शहर को कवर किया जा रह है। शहर की पेयजल क्षमता 3700 लाख लीटर है, जो फिलहाल आबादी के लिहाज से कम है। इस समय शहर को 7500 लाख लीटर पेयजल क्षमता की जरूरत नियमित पेयजल की आपूर्ति संभव है। इस समय शहर मेें एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई करनी पड़ रही है। इसके अलावा एक दर्जन बोरिंग ट्यूबवेल की भी सप्लाई के रूप में मदद ली जा रही है।
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सीएम घोषणा के तहत होगा काम
जनस्वास्थ्य विभाग अब सीएम घोषणा के तहत जिला के 35 गांवों में पेयजल की आपूर्ति में सुधार करेगा। इसके लिए कागज प्रक्रिया तेजी से शुरू कर दी गई है। विभाग इस प्रोजेक्ट का खाका तैयार करने में जुटा है ताकि जल्द ही इसके लिए बजट जारी हो सके। इस प्रोजेक्ट पर करीब 110 करोड़ की राशि खर्च होने का अनुमान है।
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बाढड़ा क्षेत्र के कई गांवों को भी मिलेगी राहत
गांवों के लिए लोहारु नहर के समीप बड़ा जलघर बनाया जाएगा। जलघर से बूस्टरों में पानी डाला जाएगा। नहर के समीप जलघर बनने से बूस्टरों में पानी की कमी नहीं रहेगी। फिलहाल गांवों में जो जलघर बने हुए हैं उनमें समय पर नहरी पानी नहीं पहुंच पा रहा है, जिससे पानी का संकट बना रहता है। विभाग इन 35 गांवों में इस योजना को पूरा करने के बाद शेष गांवों के लिए भी जरूरत के अनुसार यही प्रारूप तैयार करेगा। इन 35 गांवों में अधिकतर बाढड़ा क्षेत्र के गांव हैं। इस एरिया में जलघरों की संख्या कम है।
शहर की पानी आपूर्ति से संबंधी ब्योरा
जलघर- 2
जनसंख्या- 90 हजार
वार्ड-21
जलघरों की क्षमता- 37 लाख लीटर
जलघरों में टैंकों की संख्या-7
बूस्टिंग स्टेशन- 9
वर्जन
विभाग इस प्रोजेक्ट पर तेजी से काम कर रहा है। जल्द ही बजट के लिए फाइल मुख्यालय भेजी जाएगी। हर गांव में बूस्टर बनाया जाएगा। गांवों में पेयजल आपूर्ति में सुधार के लिए विभाग प्रयासरत है। लोगों को चाहिए कि वे पानी की एक-एक बूंद बचाएं।
शशिकांत, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग।