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सीवर पेयजल समस्याओं पर 50 की बजाय 10 ही फीसदी काम, अब प्रदर्शन एक को
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समीक्षा बैठक में मौजूद विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों समेत निवर्तमान पार्षद व प्रतिनिधि।
- फोटो : CharkhiDadri
चरखी दादरी। शहरवासियों को सीवर और पेयजल समस्याओं से निजात दिलाने के लिए जिला प्रशासन की ओर से एक सप्ताह में किए प्रयासों से जनआंदोलन समिति संतुष्ट नहीं है। रविवार को निवर्तमान पार्षद रविंद्र गुप्ता के आवास पर काम की गण्यमान्य लोगों ने समीक्षा की। समिति ने निष्कर्ष निकाला की मांग के अनुरूप अब तक 50 फीसदी काम पूरा होना चाहिए था, लेकिन धरातल पर दस फीसदी ही हुआ है। इससे खफा समिति ने एलान किया गया अगले रविवार को तीन घंटे सड़क पर बैठकर धरना देंगे और उसके बाद मुख्यमंत्री का पुतला फूंका जाएगा। बैठक में सीवर पेयजल समस्याओं को लेकर एक दिन बाजार बंद रखने की चर्चा की और एक अगस्त के प्रदर्शन करने की घोषणा की गई।
दोपहर साढ़े 12 बजे निवर्तमान पार्षद रविंद्र गुप्ता के आवास पर जनआंदोलन समिति सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों की बैठक हुई। बैठक में सात निवर्तमान पार्षद और पार्षद प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। सभी ने पहले 17 जुलाई को हुई बैठक में रखी गई मांगों पर चर्चा की और इसके बाद अपने अपने क्षेत्रों की व्यवस्था की जानकारी दी। इसके बाद निष्कर्ष निकालते हुए जनआंदोलन संयोजक नितिन जांघू और अध्यक्ष रविंद्र गुप्ता ने कहा कि पिछली बैठक में हुई वार्ता का धरातल पर ज्यादा असर देखने को नहीं मिला है। जिला प्रशासन के अलावा जनस्वास्थ्य विभाग, पीडब्ल्यूडी और नगर परिषद के अधिकारी अपने वादों पर खरा नहीं उतरे हैं।
उन्होंने कहा कि नगराधीश की मौजूदगी में 17 जुलाई को बैठक में सीवर और पेयजल समस्याओं के समाधान के लिए 31 जुलाई तक का समय दिया गया था। उसी दौरान यह भी तय हुआ था कि समिति एक सप्ताह बाद कार्यों की समीक्षा करेगी और उस दौरान सकारात्मक परिणाम नहीं मिला तो फिर लोगों को साथ लेकर सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसी के अनुरूप एक अगस्त को लाला लाजपतराय चौक पर सुबह 10 से दोपहर एक बजे तक धरना दिया जाएगा और इसके बाद धरनास्थल पर ही मुख्यमंत्री का पुतला फूंका जाएगा। उन्होंने कहा कि अगले रविवार को धरनास्थल पर ही आगे की रणनीति तय की जाएगी। धरनास्थल पर सीवर और पेयजल समस्याओं के समाधान को लेकर एक दिन पूरा बाजार बंद रखने की घोषणा भी की जा सकती है। बैठक में निवर्तमान पार्षद रविंद्र गुप्ता, विनोद वाल्मीकि, रोहित राजपूत समेत विर्तमान पार्षद प्रतिनिधि विरेंद्र चरखी, एडवोकेट विक्रम श्योराण, दीपक चौहान, प्रवीन सैनी, नंदलाल ठुकराल, नितिन जांघू, जयभवान मस्ताना, संदीप फौगाट, राहुल मराठा आदि लोग मौजूद रहे।
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बैठक में रखी गईं मांगों पर नहीं हुआ संतोषजनक काम
1- 31 जुलाई तक एक हजार सीवर मैनहोल साफ करने की मांग रखी गई थी और इसके मुताबिक अब तक 500 सीवर मैनहोल साफ होने थे, लेकिन अब तक 100 मैनहोल भी साफ नहीं हुए हैं।
2- नालों की सफाई के साथ कनेक्शन करवाने की मांग भी की गई थी, लेकिन अब तक नालों की सफाई हुई है और न ही पीडब्ल्यूडी ने इनके कनेक्शन करवाए हैं। नाले ओवरफ्लो होने से लोग परेशानियां झेल रहे हैं।
3- नगराधीश की मौजूदगी में हुई बैठक में सीवर मिक्स पेयजल आपूर्ति की समस्या से निजात दिलाने की मांग भी रखी गई थी। नितिन जांघू ने बताया कि इस मांग पर भी अब तक संतोषजनक काम नहीं हुआ है और स्थिति जस की तस है।
4- जनस्वास्थ्य विभाग से जिले के लिए सुपर शकर मशीन खरीदने की प्रक्रिया पर काम शुरू करने की मांग भी की गई थी। रविंद्र गुप्ता ने बताया कि इसके लिए विभाग को मुख्यालय रिमाइंडर भेजना था, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ।
सांसद-विधायक और सरकार पर केस तंज
बैठक में सीवर और पेयजल समस्याओं को लेकर वक्ताओं ने विधायक से लेकर सांसद और प्रदेश सरकार पर तंज कसे। वक्ताओं ने कहा कि विधायक और सांसद को शहरवासियों ने चुनाव में अच्छी बढ़त दिलाई, इसके बावजूद सीवर और पेयजल समस्याओं को लेकर उनके कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही।
आंदोलन को लेकर ये होगी अगली रणनीति
जनआंदोलन अध्यक्ष रविंद्र गुप्ता ने बताया कि यह सामाजिक और गैरराजनीतिक आंदोलन है। यह शहरवासियों को सीवर-पेयजल की समस्याओं से निजात दिलाने के लिए है। हम सभी खापों के अलावा पक्ष और विपक्ष के नेताओं से भी आंदोलन में सहयोग करते हैं। 29 को आयोजित होने वाली महापंचायत में पहुंचे 36 बिरादरी के लोगों को भी इस आंदोलन में भाग लेने का निमंत्रण दिया जाएगा।
सीवर मैनहोल और लाइनों का सफाई कार्य करने में हमारी टीमें लगी हुई हैं। सुपर शकर मशीन की मांग हमने मुख्यालय भेजी हुई है। सीवर के अलावा पेयजल व्यवस्थाओं पर भी हमारा फोकस है और जल्द ही शहरवासियों को इन सस्याओं से निजात दिला देंगे। लोगों से अपील है कि सीवर व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए वे सहयोग करें और प्लास्टिक पॉलीथिन या अन्य कचरा नालियों में न डालें।
रोहित कुमार, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग
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दोपहर साढ़े 12 बजे निवर्तमान पार्षद रविंद्र गुप्ता के आवास पर जनआंदोलन समिति सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों से जुड़े लोगों की बैठक हुई। बैठक में सात निवर्तमान पार्षद और पार्षद प्रतिनिधि भी मौजूद रहे। सभी ने पहले 17 जुलाई को हुई बैठक में रखी गई मांगों पर चर्चा की और इसके बाद अपने अपने क्षेत्रों की व्यवस्था की जानकारी दी। इसके बाद निष्कर्ष निकालते हुए जनआंदोलन संयोजक नितिन जांघू और अध्यक्ष रविंद्र गुप्ता ने कहा कि पिछली बैठक में हुई वार्ता का धरातल पर ज्यादा असर देखने को नहीं मिला है। जिला प्रशासन के अलावा जनस्वास्थ्य विभाग, पीडब्ल्यूडी और नगर परिषद के अधिकारी अपने वादों पर खरा नहीं उतरे हैं।
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उन्होंने कहा कि नगराधीश की मौजूदगी में 17 जुलाई को बैठक में सीवर और पेयजल समस्याओं के समाधान के लिए 31 जुलाई तक का समय दिया गया था। उसी दौरान यह भी तय हुआ था कि समिति एक सप्ताह बाद कार्यों की समीक्षा करेगी और उस दौरान सकारात्मक परिणाम नहीं मिला तो फिर लोगों को साथ लेकर सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसी के अनुरूप एक अगस्त को लाला लाजपतराय चौक पर सुबह 10 से दोपहर एक बजे तक धरना दिया जाएगा और इसके बाद धरनास्थल पर ही मुख्यमंत्री का पुतला फूंका जाएगा। उन्होंने कहा कि अगले रविवार को धरनास्थल पर ही आगे की रणनीति तय की जाएगी। धरनास्थल पर सीवर और पेयजल समस्याओं के समाधान को लेकर एक दिन पूरा बाजार बंद रखने की घोषणा भी की जा सकती है। बैठक में निवर्तमान पार्षद रविंद्र गुप्ता, विनोद वाल्मीकि, रोहित राजपूत समेत विर्तमान पार्षद प्रतिनिधि विरेंद्र चरखी, एडवोकेट विक्रम श्योराण, दीपक चौहान, प्रवीन सैनी, नंदलाल ठुकराल, नितिन जांघू, जयभवान मस्ताना, संदीप फौगाट, राहुल मराठा आदि लोग मौजूद रहे।
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बैठक में रखी गईं मांगों पर नहीं हुआ संतोषजनक काम
1- 31 जुलाई तक एक हजार सीवर मैनहोल साफ करने की मांग रखी गई थी और इसके मुताबिक अब तक 500 सीवर मैनहोल साफ होने थे, लेकिन अब तक 100 मैनहोल भी साफ नहीं हुए हैं।
2- नालों की सफाई के साथ कनेक्शन करवाने की मांग भी की गई थी, लेकिन अब तक नालों की सफाई हुई है और न ही पीडब्ल्यूडी ने इनके कनेक्शन करवाए हैं। नाले ओवरफ्लो होने से लोग परेशानियां झेल रहे हैं।
3- नगराधीश की मौजूदगी में हुई बैठक में सीवर मिक्स पेयजल आपूर्ति की समस्या से निजात दिलाने की मांग भी रखी गई थी। नितिन जांघू ने बताया कि इस मांग पर भी अब तक संतोषजनक काम नहीं हुआ है और स्थिति जस की तस है।
4- जनस्वास्थ्य विभाग से जिले के लिए सुपर शकर मशीन खरीदने की प्रक्रिया पर काम शुरू करने की मांग भी की गई थी। रविंद्र गुप्ता ने बताया कि इसके लिए विभाग को मुख्यालय रिमाइंडर भेजना था, लेकिन अब तक ऐसा नहीं हुआ।
सांसद-विधायक और सरकार पर केस तंज
बैठक में सीवर और पेयजल समस्याओं को लेकर वक्ताओं ने विधायक से लेकर सांसद और प्रदेश सरकार पर तंज कसे। वक्ताओं ने कहा कि विधायक और सांसद को शहरवासियों ने चुनाव में अच्छी बढ़त दिलाई, इसके बावजूद सीवर और पेयजल समस्याओं को लेकर उनके कानों पर जूं तक नहीं रेंग रही।
आंदोलन को लेकर ये होगी अगली रणनीति
जनआंदोलन अध्यक्ष रविंद्र गुप्ता ने बताया कि यह सामाजिक और गैरराजनीतिक आंदोलन है। यह शहरवासियों को सीवर-पेयजल की समस्याओं से निजात दिलाने के लिए है। हम सभी खापों के अलावा पक्ष और विपक्ष के नेताओं से भी आंदोलन में सहयोग करते हैं। 29 को आयोजित होने वाली महापंचायत में पहुंचे 36 बिरादरी के लोगों को भी इस आंदोलन में भाग लेने का निमंत्रण दिया जाएगा।
सीवर मैनहोल और लाइनों का सफाई कार्य करने में हमारी टीमें लगी हुई हैं। सुपर शकर मशीन की मांग हमने मुख्यालय भेजी हुई है। सीवर के अलावा पेयजल व्यवस्थाओं पर भी हमारा फोकस है और जल्द ही शहरवासियों को इन सस्याओं से निजात दिला देंगे। लोगों से अपील है कि सीवर व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए वे सहयोग करें और प्लास्टिक पॉलीथिन या अन्य कचरा नालियों में न डालें।
रोहित कुमार, एक्सईएन, जनस्वास्थ्य विभाग